नई दिल्ली से ग्राउंड रिपोर्ट — पिछले कुछ दिनों से भारतीय शेयर बाजार में हलचल काफी तेज है। सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। आईटी, एफएमसीजी और बैंक सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव साफ दिख रहा है। ऐसे में आम निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि वे अपने पैसे कहां लगाएं। बाजार के जानकारों का मानना है कि यह गिरावट छोटी अवधि की हो सकती है। लेकिन निवेशकों को बिना सोचे-समझे किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से बचना चाहिए।
एक तरफ जहां शेयर बाजार में कमजोरी का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ देश की कई कंपनियां आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। भारतीय कंपनियां अब देश के अंदर ही खिलौने बनाने की योजना पर काम कर रही हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनेंगे। चीन पर निर्भरता कम करने के लिए यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कंपनियों का यह रुख दिखाता है कि वे लंबी अवधि के विकास पर ध्यान दे रही हैं।
सोलर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़ा निवेश
ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। शक्ति पंप्स जैसी कंपनियों ने सोलर मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने अपनी सहायक इकाई में दस करोड़ रुपये का भारी निवेश किया है। इस तरह के कदम साफ बताते हैं कि हरित ऊर्जा और सौर ऊर्जा का भविष्य काफी मजबूत है। सरकार की तरफ से भी इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं। निवेशकों के लिए यह क्षेत्र आने वाले समय में एक अच्छा विकल्प बन सकता है।
दूसरी ओर, Wardwizard Innovations जैसे शेयरों में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट दर्ज की गई है। शेयर बाजार में इस उतार-चढ़ाव के पीछे कई तकनीकी कारण बताए जा रहे हैं। सोशल मीडिया और वीडियो के जरिए निवेशकों तक जानकारी पहुंच रही है, लेकिन कई बार अधूरी जानकारी नुकसान का कारण बन जाती है। बाजार के विश्लेषकों का कहना है कि किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने से पहले उसके वित्तीय परिणामों की पूरी जांच जरूर करनी चाहिए।
वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन से आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार
आर्थिक मोर्चे पर देश में बड़े आयोजनों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी ग्यारह जनवरी को राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य देश और दुनिया के बड़े निवेशकों को आकर्षित करना है। जब बड़े निवेशक किसी राज्य में पैसा लगाते हैं, तो वहां नए उद्योग लगते हैं और विकास की गति तेज होती है। गुजरात का यह सम्मेलन इस साल निवेश के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
जमीनी स्तर पर बात करें तो छोटे और मध्यम निवेशकों के मन में अनिश्चितता का माहौल है। बाजार की रोज की उठापटक ने कई लोगों को डरा दिया है। वित्तीय जानकारों की सलाह है कि बाजार में पैसा लगाते समय जल्दबाजी बिल्कुल न करें। अपने पोर्टफोलियो को अलग-अलग सेक्टर में बांटकर निवेश करना सबसे सुरक्षित तरीका है। एक ही जगह सारा पैसा लगाने से जोखिम काफी बढ़ जाता है।
सुरक्षित निवेश के लिए किन बातों का रखें ध्यान
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल के मुताबिक, मौजूदा समय में निवेशकों को केवल सोशल मीडिया की अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी कंपनी के शेयर या म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने से पहले रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार की मदद लें। शेयर बाजार में वही पैसा लगाएं जिसकी आपको तुरंत जरूरत न हो। लंबी अवधि का नजरिया रखकर किया गया निवेश ही आमतौर पर बेहतर रिटर्न देता है।





