विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/देश/सौरव दास और आशुतोष रांका पर फिर गिरी गाज, जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नई एफआईआर
देशपढ़ने में समय: 4 मिनट

सौरव दास और आशुतोष रांका पर फिर गिरी गाज, जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नई एफआईआर

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को भारी पड़ गया है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि रिहाई के महज एक दिन बाद ही इन कार्यकर्ताओं ने शांति समझौते यानी पीस बॉन्ड का उल्लंघन किया है। पुलिस ने दोनों पर नया मुकदमा दर्ज कर लिया है और कोर्ट ने इन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•15 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•26
🌐Read in English →
शेयर करें:
सौरव दास और आशुतोष रांका पर फिर गिरी गाज, जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नई एफआईआर
📷 सौरव दास और आशुतोष रांका पर फिर गिरी गाज, जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नई एफआईआर — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को भारी पड़ गया है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि रिहाई के महज एक दिन बाद ही इन कार्यकर्ताओं ने शांति समझौते यानी पीस बॉन्ड का उल्लंघन किया है। पुलिस ने दोनों पर नया मुकदमा दर्ज कर लिया है और कोर्ट ने इन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की राजधानी दिल्ली में नागरिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रांका एक बार फिर कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। दिल्ली पुलिस ने इन दोनों कार्यकर्ताओं के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किया है और पुलिस का यह कड़ा दावा है कि जेल से रिहाई के ठीक एक दिन बाद ही इन्होंने शांति समझौते यानी पीस बॉन्ड के नियमों को तोड़ दिया है। यह पूरा विवाद तब गरमाया जब इन नेताओं ने जंतर-मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया था और मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस मामले में सीजेपी से जुड़े इन प्रमुख कार्यकर्ताओं को स्थानीय अदालत ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिन शर्तों पर इन्हें पहले छोड़ा गया था, उन शर्तों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने से पहले सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लगातार यह संदेश दिया जा रहा था कि कार्यकर्ता भारी संख्या में इकट्ठा होंगे, जिससे प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह सतर्क हो गया था और एयरपोर्ट से लेकर जंतर-मंतर तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और पीस बॉन्ड के उल्लंघन का मामला

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब नागरिक अधिकार मंच से जुड़े सौरव दास, आशुतोष रांका और उनके साथियों ने जंतर-मंतर पर जुटने का सार्वजनिक ऐलान किया था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जब किसी व्यक्ति को मुचलके या पीस बॉन्ड पर रिहा किया जाता है, तो उसे तय समय तक किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या कानून हाथ में लेने वाले आयحोजनों से दूर रहना होता है। लेकिन इन कार्यकर्ताओं ने रिहाई के तुरंत बाद ही इस कानूनी पाबंदी को नजरअंदाज कर दिया और जंतर-मंतर पर पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

दिल्ली पुलिस की स्थानीय इकाइयों और खुफिया तंत्र को जैसे ही इनके इस ऐलान की भनक लगी, वैसे ही राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। एयरपोर्ट और जंतर-मंतर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। हालांकि तमाम सुरक्षा घेरे और पुलिस की चेतावनी के बावजूद कार्यकर्ता प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने में कामयाब रहे, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया और बाद में अदालत के सामने पेश किया।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

अदालत का फैसला और कार्यकर्ताओं की बढ़ती मुश्किलें

दिल्ली की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद कार्यकर्ताओं के समर्थकों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है, उनका आरोप है कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की आवाज को कुचलने का प्रयास कर रही है। दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन का साफ कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और पीस बॉन्ड का उल्लंघन करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो।

यह पूरा विवाद केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी इन कार्यकर्ताओं के संगठनों की गतिविधियों को लेकर तनाव देखा जा रहा है। कुछ दिन पहले ही जयपुर में एक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे इन कार्यकर्ताओं को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा था, जहां प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ मारपीट की घटनाएं भी सामने आई थीं। इन तमाम घटनाओं से साफ जाहिर होता है कि इन कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता तथा प्रशासन के बीच टकराव का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिस पर आने वाले दिनों में और तीखी कानूनी व राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को किया डिटेन?, कहा- "मुझे फांसी दे दो"?

दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को किया डिटेन?, कहा- "मुझे फांसी दे दो"?

तिरंगा मार्च से पहले संग्राम: दिल्ली पुलिस से भिड़े अभिजीत दीपके, हिरासत में लिए जाने पर तीखी बहस

तिरंगा मार्च से पहले संग्राम: दिल्ली पुलिस से भिड़े अभिजीत दीपके, हिरासत में लिए जाने पर तीखी बहस

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

CJP नेता अभिजीत दीपके और AISA प्रमुख नेहा बोहरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

CJP नेता अभिजीत दीपके और AISA प्रमुख नेहा बोहरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, ‘कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…’

CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, ‘कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…’

आईपीएल 2026 से पहले क्रिकेट जगत में हलचल, अचानक संन्यास और मैदान के पुराने विवाद फिर ताजा

आईपीएल 2026 से पहले क्रिकेट जगत में हलचल, अचानक संन्यास और मैदान के पुराने विवाद फिर ताजा

सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते खान मार्केट से कनॉट प्लेस तक कारोबार ठप

सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते खान मार्केट से कनॉट प्लेस तक कारोबार ठप

तिरंगा मार्च से पहले भारी गहमागहमी, राहुल गांधी के बयान पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित और खेल जगत से जुड़ी बड़ी खबरें

तिरंगा मार्च से पहले भारी गहमागहमी, राहुल गांधी के बयान पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित और खेल जगत से जुड़ी बड़ी खबरें

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘सौरव दास’ व देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को किया डिटेन?, कहा- "मुझे फांसी दे दो"?NATIONAL

दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को किया डिटेन?, कहा- "मुझे फांसी दे दो"?

16 अक्टू॰36
तिरंगा मार्च से पहले संग्राम: दिल्ली पुलिस से भिड़े अभिजीत दीपके, हिरासत में लिए जाने पर तीखी बहसNATIONAL

तिरंगा मार्च से पहले संग्राम: दिल्ली पुलिस से भिड़े अभिजीत दीपके, हिरासत में लिए जाने पर तीखी बहस

16 अक्टू॰45
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीतिNATIONAL

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

16 अक्टू॰42
CJP नेता अभिजीत दीपके और AISA प्रमुख नेहा बोहरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लियाNATIONAL

CJP नेता अभिजीत दीपके और AISA प्रमुख नेहा बोहरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

16 अक्टू॰27
CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, ‘कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…’NATIONAL

CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, ‘कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…’

16 अक्टू॰46
आईपीएल 2026 से पहले क्रिकेट जगत में हलचल, अचानक संन्यास और मैदान के पुराने विवाद फिर ताजाNATIONAL

आईपीएल 2026 से पहले क्रिकेट जगत में हलचल, अचानक संन्यास और मैदान के पुराने विवाद फिर ताजा

16 अक्टू॰35
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते खान मार्केट से कनॉट प्लेस तक कारोबार ठपNATIONAL

सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते खान मार्केट से कनॉट प्लेस तक कारोबार ठप

16 अक्टू॰34
तिरंगा मार्च से पहले भारी गहमागहमी, राहुल गांधी के बयान पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित और खेल जगत से जुड़ी बड़ी खबरेंNATIONAL

तिरंगा मार्च से पहले भारी गहमागहमी, राहुल गांधी के बयान पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित और खेल जगत से जुड़ी बड़ी खबरें

16 अक्टू॰49
विज्ञापन • ADVERTISEMENT