नई दिल्ली और अमृतसर — द फ्रीलान्स की विशेष ऑन-द-ग्राउंड इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट के अनुसार, यस बैंक के लिए मंगलवार का दिन बेहद मुश्किल भरा साबित हुआ। एक तरफ देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने एटी-वन बॉन्ड राइट-ऑफ मामले में बैंक और केंद्र सरकार की उम्मीदों को करारा झटका दिया, तो दूसरी तरफ पंजाब के अमृतसर में यस बैंक की एक स्थानीय शाखा के अंदर खून-खराबे की वारदात से सनसनी फैल गई। शेयर बाजार से लेकर आम बैंक शाखा तक, हर तरफ इस वक्त यस बैंक के नाम की ही चर्चा हो रही है। देश के वित्तीय गलियारों में इन दो बड़ी घटनाओं के बाद से हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, यस बैंक के शेयरों में आई भारी गिरावट सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले से जुड़ी है जिसमें हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराया गया है। इस कानूनी झटके के बाद निवेशकों में घबराहट साफ तौर पर देखी जा रही है और बैंक का शेयर औंधे मुंह गिरकर अठारह रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। निवेशकों की इस अचानक आई बिकवाली से यस बैंक के वित्तीय स्वास्थ्य और भविष्य की रिकवरी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। शेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि इस अदालती फैसले से बैंक की वित्तीय देनदारियों का बोझ काफी ज्यादा बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर आम शेयरधारकों के पोर्टफोलियो पर पड़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यस बैंक के शेयरों में भारी गिरावट
राजधानी दिल्ली में कानूनी मोर्चे पर दिन की शुरुआत ही यस बैंक के लिए बुरी खबर के साथ हुई। सुप्रीम कोर्ट ने एटी-वन बॉन्ड से जुड़े बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाते हुए बॉन्ड राइट-ऑफ के पक्ष में दिए गए तर्कों को खारिज कर दिया और हाई कोर्ट के पुराने फैसले पर अपनी मुहर लगा दी। इस फैसले के आते ही शेयर बाजार में निवेशकों के बीच भगदड़ मच गई और यस बैंक का शेयर एक ही झटके में चौदह प्रतिशत तक टूट गया। वित्तीय विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों का भरोसा एक बार फिर डगमगाया है क्योंकि इस फैसले के बाद बैंक को भारी-भरकम राशि का भुगतान करना पड़ सकता है। यस बैंक के प्रबंधन की तरफ से हालांकि हालात को संभालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बाजार की धारणा फिलहाल पूरी तरह से नकारात्मक बनी हुई है।
दूसरी ओर, पंजाब के अमृतसर से एक अत्यंत डरावनी और चिंताजनक खबर सामने आई जिसने हर किसी को सन्न कर दिया। अमृतसर स्थित यस बैंक की एक शाखा के भीतर अचानक तीन से चार की संख्या में हथियारबंद युवक जा घुसे। बैंक सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों और बैंक मैनेजर के बीच पहले किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। इसके बाद हमलावरों ने गुस्से में आकर बैंक परिसर के अंदर ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिससे वहां मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच चीख-पुकार मच गई। इस अचानक हुए खूनी संघर्ष में एक बैंककर्मी को गोली लग गई, जिसे तुरंत गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अमृतसर की बैंक शाखा में घुसकर बदमाशों ने चलाई गोलियां
घटना की सूचना मिलते ही अमृतसर पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बैंक के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उनके भागने के रास्तों का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में यह मामला आपसी रंजिश या लूटपाट की कोशिश दोनों ही एंगल से जोड़ा जा रहा है, लेकिन पुलिस अभी किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने से बच रही है। बैंक के अंदर इस तरह सरेआम सुरक्षा में सेंध लगने और गोलीबारी होने से बैंक कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी बड़े और गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय व्यापारियों और बैंक ग्राहकों में इस घटना के बाद से भारी गुस्सा और दहशत का माहौल देखा जा रहा है।
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि बैंक शाखाओं के भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना एक बहुत बड़ी लापरवाही है। आए दिन इस तरह की आपराधिक घटनाएं बैंकिंग सेक्टर के कामकाज पर बुरा असर डालती हैं। एक तरफ जहां यस बैंक सुप्रीम कोर्ट के कड़े कानूनी फैसले से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की आपराधिक वारदात ने बैंक की साख को और अधिक गहरा आघात पहुंचाया है। बैंक प्रबंधन की ओर से अभी तक अमृतसर की घटना पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन स्थानीय पुलिस का दावा है कि आरोपियों को बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कानूनी झटकों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच गहराया संकट
वित्तीय बाजार के जानकारों का मानना है कि यस बैंक को इस दोहरी मुसीबत से पार पाने के लिए बहुत कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। एक तरफ निवेशकों का भरोसा दोबारा जीतना बैंक के बोर्ड के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है, तो दूसरी तरफ देश भर की बैंक शाखाओं में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का फैसला यस बैंक के भविष्य के वित्तीय लेन-देन को किस दिशा में ले जाएगा, यह तो आने वाला वक्त ही तय करेगा। फिलहाल अमृतसर की गोलीबारी और शेयर बाजार में आई भारी गिरावट ने देश भर का ध्यान इस निजी बैंक की तरफ खींच लिया है, और हर कोई इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है।







