नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय महिला क्रिकेट टीम में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय तक टीम की कमान संभालने वाली हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने नए नेतृत्व का एलान कर दिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली जाने वाली आगामी टी-20 और वनडे सीरीज के लिए स्टार ओपनर बल्लेबाज स्मृति मंधाना को टीम की कमान सौंपी गई है। खास बात यह है कि मंधाना को सिर्फ एक फॉर्मेट नहीं, बल्कि तीनों फॉर्मेट यानी टेस्ट, वनडे और टी-20 में कप्तान बनाया गया है। चयन समिति का यह फैसला महिला क्रिकेट को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस नई टीम में सिर्फ स्मृति मंधाना को ही नहीं, बल्कि अन्य वरिष्ठ और युवा खिलाड़ियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। आक्रामक बल्लेबाज शेफाली वर्मा और अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को उपकप्तानी और अन्य प्रमुख नेतृत्व भूमिकाओं में शामिल किया गया है। चयनकर्ताओं का मानना है कि इन खिलाड़ियों के पास अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का पर्याप्त अनुभव है। जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली यह सीरीज नई कप्तान स्मृति मंधाना के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का एक बेहतरीन मौका होगी। टीम प्रबंधन का पूरा जोर युवा खिलाड़ियों को मैदान पर ज्यादा से ज्यादा मौके देने और बेंच स्ट्रॉन्ग करने पर है।
स्मृति मंधाना के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी
स्मृति मंधाना के लिए यह सफर आसान नहीं रहने वाला है क्योंकि टीम को एक सफल कप्तान की विरासत को आगे बढ़ाना है। हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारतीय टीम ने कई ऐतिहासिक जीत दर्ज की थीं। अब मंधाना के सामने चुनौती टीम में निरंतरता बनाए रखने और नए खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का माहौल देने की होगी। जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले मुकाबलों में मंधाना की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी होंगी। टीम के मुख्य कोच और चयनकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए यह टीम तैयार की गई है। अभ्यास सत्रों में भी खिलाड़ियों ने पसीना बहाना शुरू कर दिया है और सभी का पूरा फोकस अपनी फिटनेस तथा फॉर्म पर है।
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला क्रिकेट में अन्य टीमों के बीच भी कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। हाल ही में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज की टीमों के बीच खेले जा रहे मुकाबलों में भी रोमांचक खेल देखने को मिला है। जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज की महिला टीमों के बीच मैदान पर कड़ा मुकाबला चल रहा है, जहां हर एक रन के लिए बल्लेबाज संघर्ष करती नजर आ रही हैं। इस बीच फेंटेसी क्रिकेट और मैच प्रेडिक्शन के शौकीन लोग भी इन मुकाबलों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। पिच रिपोर्ट और खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन के आधार पर दर्शक मैदान की हर एक गतिविधि का आनंद ले रहे हैं।
भारतीय टीम का घरेलू और अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल
जिम्बाब्वे के खिलाफ इस आगामी सीरीज के लिए भारतीय खिलाड़ी पूरी तरह से तैयार नजर आ रही हैं। घरेलू मैदानों पर होने वाले इन मुकाबलों के लिए टिकटों की बिक्री और अन्य तैयारियां भी जोरों पर चल रही हैं। क्रिकेट प्रेमियों में इस बात को लेकर काफी उत्साह है कि वे अपनी पसंदीदा खिलाड़ियों को एक बार फिर से नए नेतृत्व में मैदान पर उतरते हुए देखेंगे। टीम इंडिया का यह दौरा आने वाले महीनों में होने वाले अन्य अंतरराष्ट्रीय दौरों के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खिलाड़ी अपनी पुरानी कमियों को दूर कर मैदान पर उतरने के लिए बेताब हैं।
कुल मिलाकर देखा जाए तो भारतीय महिला क्रिकेट में बदलाव का यह दौर बहुत ही रोचक मोड़ पर आ गया है। एक तरफ जहां सीनियर खिलाड़ियों पर टीम को जिताने की जिम्मेदारी है, वहीं युवा प्रतिभाओं को भी अपनी चमक बिखेरने का पूरा मौका मिल रहा है। खेल प्रेमियों की निगाहें अब पूरी तरह से इस बात पर टिकी हैं कि जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले मुकाबले में स्मृति मंधाना की अगुवाई वाली यह टीम किस प्रकार का प्रदर्शन करती है। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे दौरे पर अपनी बारीक नजर बनाए रखेगी और पल-पल के अपडेट्स आप तक पहुंचाती रहेगी।
भविष्य की रणनीतियां और टीम संतुलन
आगामी विश्व प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय क्रिकेट बोर्ड और टीम मैनेजमेंट ने युवा खिलाड़ियों को तराशने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिम्बाब्वे सीरीज के जरिए उन खिलाड़ियों को आजमाने का पूरा मौका मिलेगा जिन्हें अब तक बेंच पर बैठना पड़ता था। कोच और कप्तान की जोड़ी का मुख्य उद्देश्य यही है कि टीम का हर खिलाड़ी दबाव की स्थिति में बेहतरीन प्रदर्शन कर सके। खेल के जानकारों का मानना है कि यह प्रयोग भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य को एक नई मजबूती देगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम और अधिक रोशन करेगा।






