नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों यानी एनसीआर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले कुछ घंटों से चल रही ठंडी हवाओं और झमाझम बारिश ने अक्टूबर के महीने में ही सर्दी का अहसास कराना शुरू कर दिया है। सुबह की शुरुआत सुस्त बादलों और ठंडी फुहारों के साथ हुई, जिससे दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की तरफ से आ रही मौसमी हवाओं के प्रभाव से इस क्षेत्र में यह बदलाव आया है।
रात के समय शुरू हुई बारिश सुबह होते-होते और तेज हो गई, जिसके कारण कई मुख्य सड़कों पर पानी जमा हो गया और ट्रैफिक की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। इंडिया टीवी और आज तक जैसे प्रमुख मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस अचानक हुई बारिश से दिल्ली का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर में आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक बदले इस मौसम ने उन्हें अपनी हल्की गर्म स्वेटर और चादरें बाहर निकालने पर मजबूर कर दिया है।
पाकिस्तान से आ रही तूफानी हवाओं का असर
मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस बार के मौसम में आए इस बड़े बदलाव के पीछे पश्चिम की तरफ से आ रही तूफानी हवाएं हैं। उत्तर भारत के कई राज्यों में इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है, जिसमें दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्से भी शामिल हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब हवा का दबाव बदलता है, तो ऐसी मौसमी घटनाएं अचानक सामने आती हैं। पिछले कई दिनों से लोग उमस भरी गर्मी से परेशान थे, लेकिन इस मानसूनी वापसी जैसी बारिश ने माहौल को पूरी तरह खुशनुमा बना दिया है।
हालांकि, इस बारिश के कारण सुबह-सुबह सड़क पर निकलने वाले वाहन चालकों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। नोएडा और दिल्ली के कई व्यस्त चौराहों पर पानी भरने से गाड़ियां रेंग-रेंग कर चलती नजर आईं। ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम और फिसलन भरी सड़कों को ध्यान में रखते हुए वाहन धीमी गति से चलाएं। नगर निगम की टीमें जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए मौके पर तैनात कर दी गई हैं ताकि आम जनता को ज्यादा दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा तापमान
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा रहेगा और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। तापमान में आई इस अचानक गिरावट से वायु प्रदूषण के स्तर में भी सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है, जो पिछले कुछ हफ्तों से चिंता का विषय बना हुआ था। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश होने से हवा में तैरने वाले धूल और धुएं के कण जमीन पर बैठ जाते हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता साफ होती है और लोगों को सांस लेने में राहत मिलती है।
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल के अनुसार, बाजारों में भी इस बदले मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। गर्म कपड़ों की दुकानों पर अचानक ग्राहकों की आवाजाही थोड़ी बढ़ गई है और लोग मौसम के इस मिजाज का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। किसानों के लिए भी यह बारिश कुछ जगहों पर फायदेमंद साबित हो सकती है, हालांकि बहुत ज्यादा पानी जमा होने से धान की पकी हुई फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आने वाले अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।
प्रशासन की चेतावनी और जरूरी एहतियात
मौसम विभाग के रेड और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। अस्पतालों और आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग ने भी तेज हवाओं के दौरान पेड़ों के गिरने और तारों के टूटने की घटनाओं से बचने के लिए खास इंतजाम किए हैं। आम नागरिकों से कहा गया है कि वे बिना वजह घरों से बाहर न निकलें और यात्रा करते समय मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।









