नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक ऐसा यू-टर्न लिया है कि रातों-रात गर्मी का असर गायब हो गया है। रविवार की आधी रात को अचानक आसमान में काले बादल छाए और तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया है और तापमान तेजी से लुढ़ककर नीचे आ गया है। द फ्रीलान्स की टीम ने जब रात के वक्त सड़कों पर उतरकर हालात का जायजा लिया, तो पता चला कि पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को इस अचानक हुई बरसात से बड़ी राहत मिली है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में हफ्ते की शुरुआत बादलों के साए के साथ हुई है और अधिकतम तापमान गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान की तरफ से आ रही तूफानी आंधी और पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर भारत के कई राज्यों पर पड़ेगा। इस सिस्टम के सक्रिय होने से न सिर्फ दिल्ली बल्कि उत्तर प्रदेश और कई अन्य राज्यों में भी मौसम का मिजाज बदला है। कई इलाकों में पेड़ गिरने और जलभराव की हल्की समस्याएं भी सामने आईं, लेकिन बारिश की ठंडक ने सब पर पानी फेर दिया।
आधी रात की आंधी और झमाझम बारिश का मंजर
रात के बारह बजते ही दिल्ली के कई इलाकों जैसे मयूर विहार, आईटीओ, अक्षरधाम और कनॉट प्लेस में ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया। देखते ही देखते हवा की रफ्तार इतनी तेज हो गई कि लोगों को लगा कि कोई बड़ा तूफान आ रहा है। इसके तुरंत बाद बादलों की गड़गड़ाहट के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई जो अगले कई घंटों तक रुक-रुक कर जारी रही। सड़कों पर पानी जमा हो गया और वाहन चालकों को लाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। इस अचानक आए बदलाव ने शहरवासियों को चौंका दिया क्योंकि दिनभर मौसम सामान्य और उमस भरा बना हुआ था।
सुबह जब लोग सोकर उठे तो उन्हें अक्टूबर के महीने में हल्की ठंड का अहसास हुआ। मौसम में आई इस अचानक नमी और ठंडक ने लोगों के वार्डरोब बदलने पर मजबूर कर दिया है। हल्की जैकेट और चादरें अब बाहर निकलने लगी हैं। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार गिरते वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई के मोर्चे पर भी इस बारिश ने कुछ राहत दी है, क्योंकि बारिश के पानी ने हवा में तैर रहे प्रदूषण के बारीक कणों को जमीन पर बैठा दिया है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत अभी कुछ दिनों तक ही टिकेगी और बारिश का दौर थमने के बाद ठंड का असर धीरे-धीरे और बढ़ेगा.
अगले कुछ दिनों तक कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर भारत में अब सर्दियों की आहट शुरू हो चुकी है। अक्टूबर के मध्य में इस तरह की तेज बारिश और आंधी इस बात का संकेत है कि इस साल मौसम का पैटर्न थोड़ा अलग रह सकता है। आईएमडी के अनुसार, अगले चौबीस से अड़तालीस घंटों के दौरान भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और तापमान में कोई खास बढ़ोतरी दर्ज नहीं की जाएगी। हवा की गति भी सामान्य से थोड़ी ज्यादा रह सकती है जिससे सुबह और शाम को सिहरन महसूस होगी।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर भी मौसम बदलने से होने वाली सामान्य सर्दी-जुकाम की शिकायतों के मरीज पहुंचने लगे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि मौसम के इस बदलाव के दौरान बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जाए। कुल मिलाकर, दिल्ली की आबोहवा में अब गर्मी की विदाई और हल्की ठंड की आधिकारिक एंट्री हो चुकी है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था।
प्रदूषण और तापमान पर बारिश का सीधा असर
दिल्ली के लिए इस बारिश का सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू वायु प्रदूषण से जुड़ी राहत है। पिछले कई दिनों से धुंध और धूल के गुबार की वजह से सांस लेना मुश्किल हो रहा था, लेकिन इस मूसलाधार बारिश ने हवा को काफी हद तक साफ कर दिया है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बाद विजिबिलिटी यानी दृश्यता में भी सुधार हुआ है और आसमान साफ नजर आने लगा है। आने वाले दिनों में अगर हवा की रफ्तार ऐसी ही बनी रही तो प्रदूषण के स्तर में बड़ा उछाल देखने को नहीं मिलेगा।
प्रशासन ने भी जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए अपनी टीमों को मुस्तैद कर दिया है ताकि सुबह के वक्त दफ्तर जाने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। ट्रैफिक पुलिस लगातार सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जाम वाले रास्तों से बचने की सलाह दे रही है। द फ्रीलान्स की यह पड़ताल बताती है कि प्रकृति का यह बदला हुआ रूप फिलहाल दिल्लीवासियों के लिए राहत और सुकून दोनों लेकर आया है।









