नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के सर्राफा बाजार में इस समय सोने और चांदी की कीमतों ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। त्योहारी सीजन और खासकर धनतेरस तथा दिवाली से ठीक पहले ग्राहकों की जेब पर महंगाई की बहुत बड़ी मार पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में कीमती धातुओं के दाम इतनी तेजी से बढ़े हैं कि आम आदमी के लिए सोना खरीदना बहुत मुश्किल हो गया है। बाजार से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के प्रमुख बाजारों में 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर अब 1.57 लाख रुपये के पार पहुंच गया है। इसमें हाल ही में 3,212 रुपये की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जानकारों का मानना है कि यह रफ्तार अगर ऐसी ही रही तो इस साल सोना डेढ़ लाख रुपये के स्तर को पार करते हुए और भी ऊपर जा सकता है।
सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी लगातार बढ़ती जा रही है और इसके दाम आसमान छू रहे हैं। ताजा रिपोर्ट बताती है कि चांदी के भाव में एक ही दिन में 8,541 रुपये की भारी तेजी आई है। इसके साथ ही चांदी अब सीधे 2.38 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। अलग-अलग शहरों और सर्राफा बाजारों से मिल रही खबरों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव भी अब 1 लाख 19 हजार रुपये से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है। कुछ इलाकों में तो कीमतों में 2,700 रुपये से लेकर तीन हजार रुपये तक का उछाल एक साथ देखा गया है। इस अप्रत्याशित तेजी ने छोटे व्यापारियों और आम ग्राहकों दोनों को ही गहरी चिंता में डाल दिया है।
त्योहारी मांग और वैश्विक बाजार का असर
कीमती धातुओं में आई इस अचानक तेजी के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण आने वाले त्योहार हैं जिनमें धनतेरस और दिवाली पर सोने की खरीदारी को बहुत शुभ माना जाता है। भारत में इस दौरान हमेशा से सोने और चांदी की मांग में बहुत ज्यादा उछाल आता है। मांग बढ़ने और आपूर्ति सीमित होने की वजह से बाजार में कीमतों पर सीधा असर पड़ता है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की स्थिति और वैश्विक अर्थव्यवस्था में चल रही उथल-पुथल भी इसका एक अहम कारण है। दुनिया भर के बड़े निवेशक इस समय सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को सबसे बेहतर विकल्प मान रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर इसके दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं।
स्थानीय सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि इस बार त्योहारी सीजन में खरीदार दुकानों तक तो पहुंच रहे हैं लेकिन ऊंचे दामों को देखकर मायूस लौट रहे हैं। लोग भारी मात्रा में गहने खरीदने की बजाय हल्के वजन के सिक्के या छोटे गहने ही पसंद कर रहे हैं। दुकानदारों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस बार ग्राहकों की कुल खरीदारी में गिरावट देखने को मिल सकती है क्योंकि बजट आम आदमी की पहुंच से बहुत दूर हो चुका है। शादी-ब्याह के सीजन के लिए भी लोग अभी से खरीदारी करने से बच रहे हैं और इंतजार कर रहे हैं कि शायद आने वाले दिनों में दामों में कुछ नरमी आ जाए।
बाजार विशेषज्ञों की राय और आगे की चाल
आर्थिक मामलों के जानकारों और शेयर बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में भी सोने-चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव का यह दौर जारी रहेगा। जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होते और अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों पर कोई बड़ा फैसला नहीं लेता, तब तक कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट की उम्मीद बहुत कम है। हालांकि, त्योहारी मांग निकलने के बाद कीमतों में थोड़ा बहुत ठहराव जरूर आ सकता है, लेकिन भारी राहत मिलने की फिलहाल कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। निवेशकों के लिए यह समय भले ही मुनाफे का हो, लेकिन आम भारतीय परिवार के लिए सोना खरीदना अब एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है।
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि बढ़ती कीमतों के कारण छोटे सुनारों और कारीगरों के काम पर भी असर पड़ा है। लोग पुराने गहनों को बदलकर नए डिजाइन बनवाने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। प्रशासन और उपभोक्ता मामलों के जानकारों का कहना है कि ग्राहकों को हमेशा हॉलमार्क देखकर ही सोना खरीदना चाहिए ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके। त्योहारी चमक के बीच महंगाई की यह चमक आम आदमी के माथे पर साफ चिंता की लकीरें खींच रही है।




