विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/राजनीति/रुहेलखंड की सियासत में बड़ा उलटफेर: कभी मेनका-वरुण के लिए बदले गए थे समीकरण, अब वही दिग्गज नेता बीजेपी से क्यों हुआ बागी
राजनीतिपढ़ने में समय: 3 मिनट

रुहेलखंड की सियासत में बड़ा उलटफेर: कभी मेनका-वरुण के लिए बदले गए थे समीकरण, अब वही दिग्गज नेता बीजेपी से क्यों हुआ बागी

उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवारों के ऐलान के बाद बीजेपी के भीतर आंतरिक असंतोष खुलकर सामने आ गया है। आंवला सीट से दो बार सांसद रहे ओबीसी चेहरे धर्मेंद्र कश्यप के बागी होने से रुहेलखंड में पार्टी की सोशल इंजीनियरिंग पर संकट मंडरा रहा है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•7 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•32
🌐Read in English →
शेयर करें:
रुहेलखंड की सियासत में बड़ा उलटफेर: कभी मेनका-वरुण के लिए बदले गए थे समीकरण, अब वही दिग्गज नेता बीजेपी से क्यों हुआ बागी
📷 रुहेलखंड की सियासत में बड़ा उलटफेर: कभी मेनका-वरुण के लिए बदले गए थे समीकरण, अब वही दिग्गज नेता बीजेपी से क्यों हुआ बागी — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • बीजेपी के वरिष्ठ ओबीसी नेता और पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने पार्टी से बगावत कर दी है
  • वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मेनका और वरुण गांधी की सीटें धर्मेंद्र कश्यप के लिए ही बदली गई थीं
  • राज्यसभा टिकट न मिलने से नाराज कश्यप के जल्द ही समाजवादी पार्टी में शामिल होने की चर्चाएं तेज हैं

उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवारों के ऐलान और नामांकन के साथ ही बीजेपी के भीतर का अंदरूनी असंतोष खुलकर बाहर आने लगा है। यह असंतोष अब पार्टी के लिए एक बड़ा सियासी संकट बनता जा रहा है। लगभग 12 साल पहले बीजेपी ने जिस धर्मेंद्र कश्यप के लिए अपनी दिग्गज नेता मेनका गांधी और वरुण गांधी की सीटों में फेरबदल किया था, आज उसी कश्यप नेता ने पार्टी से दूरी बनानी शुरू कर दी है।

रुहेलखंड में बीजेपी की 'सोशल इंजीनियरिंग' पर संकट

रुहेलखंड के सबसे बड़े अति-पिछड़ा (OBC) चेहरों में शुमार और आंवला सीट से दो बार के बीजेपी सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप पार्टी से बागी हो चुके हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया बायो से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटा दी है और उनके आवास से बीजेपी का झंडा भी उतर चुका है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वह जल्द ही समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं और उनकी अखिलेश यादव से मुलाकात भी हो चुकी है। यदि वह सपा में शामिल होते हैं, तो रुहेलखंड बेल्ट में बीजेपी का 'सोशल इंजीनियरिंग' समीकरण बुरी तरह बिगड़ सकता है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

जब धर्मेंद्र कश्यप के लिए बदली गई थीं मेनका-वरुण की सीटें

धर्मेंद्र कश्यप ने 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 2013 में सपा छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। वह बरेली की बिथरी चैनपुर विधानसभा से दो बार विधायक रह चुके थे। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने आंवला लोकसभा सीट से दावेदारी ठोकी, जहां से उस समय मेनका गांधी सांसद थीं। पार्टी को धर्मेंद्र कश्यप के लिए मेनका गांधी की सीट बदलनी पड़ी, जिसके चलते वरुण गांधी की सीट पर भी असर पड़ा था। पार्टी ने मेनका गांधी को आंवला के बजाय पीलीभीत और वरुण गांधी को सुल्तानपुर भेज दिया था।

राज्यसभा टिकट न मिलना बना बगावत की वजह

वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद धर्मेंद्र कश्यप को उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजकर सम्मानित करेगी। लेकिन हाल ही में जारी बीजेपी की राज्यसभा प्रत्याशियों की सूची से उनका नाम गायब था। पार्टी ने उसी क्षेत्र से आने वाले अन्य चेहरों को प्राथमिकता दी। इससे खिन्न होकर उन्होंने सोशल मीडिया पर बगावती तेवर अपना लिए।

डिस्क्लेमर एवं साभार

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस रिपोर्ट के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह मामला राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। साभार: संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स / सोशल मीडिया।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

संबंधित खबरें (Related Articles)

राज्यसभा टिकट नहीं मिला तो पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप की पोस्ट से बीजेपी में हलचल, लिखा 'टाटा-बाय-बाय'POLITICS

राज्यसभा टिकट नहीं मिला तो पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप की पोस्ट से बीजेपी में हलचल, लिखा 'टाटा-बाय-बाय'

7 अक्टू॰32
कोलकाता हाईकोर्ट के फैसलों और ममता बनर्जी सरकार के बीच क्यों बढ़ रहा है टकराव?POLITICS

कोलकाता हाईकोर्ट के फैसलों और ममता बनर्जी सरकार के बीच क्यों बढ़ रहा है टकराव?

7 अक्टू॰25
कन्नड़ अभिनेत्री संगीता भट अचानक क्यों बनी हैं इंटरनेट पर बड़ी खोजPOLITICS

कन्नड़ अभिनेत्री संगीता भट अचानक क्यों बनी हैं इंटरनेट पर बड़ी खोज

7 अक्टू॰34
एक लाख करोड़ के कृषि फंड से बदलेगी देश के अन्नदाताओं की किस्मत, जानिए क्या हैं नई योजनाएंPOLITICS

एक लाख करोड़ के कृषि फंड से बदलेगी देश के अन्नदाताओं की किस्मत, जानिए क्या हैं नई योजनाएं

7 अक्टू॰48
पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी में बड़ा हादसा: 5 मंजिला जर्जर मकान भरभराकर गिरा, मलबे में दबे 10 लोगों को सुरक्षित निकाला गयाPOLITICS

पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी में बड़ा हादसा: 5 मंजिला जर्जर मकान भरभराकर गिरा, मलबे में दबे 10 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

7 अक्टू॰28
कन्नड़ सिनेमा में वापसी को तैयार अभिनेत्री संगीता भट, नई फिल्म 'रूपांतर' को लेकर चर्चा तेजPOLITICS

कन्नड़ सिनेमा में वापसी को तैयार अभिनेत्री संगीता भट, नई फिल्म 'रूपांतर' को लेकर चर्चा तेज

7 अक्टू॰33
विज्ञापन • ADVERTISEMENT