कानपुर में इन दिनों मौसम का मिजाज हर घंटे बदल रहा है। कभी तेज धूप लोगों को परेशान करती है तो कभी अचानक आसमान में बादल छा जाते हैं। सुबह के वक्त हल्की धूप निकलती है लेकिन दोपहर ढलते-ढलते बादलों का डेरा लग जाता है। इस बदलाव से शहर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। उमस भरी गर्मी ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। पसीने और चिपचिपाहट से लोग खासे परेशान नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति अभी कुछ और दिन बनी रह सकती है।
शहर में मौसम के इस उतार-चढ़ाव के पीछे एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ है। इसके असर से हवा की दिशा में बदलाव आया है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले घंटों में कानपुर और आसपास के इलाकों में बादल घने हो सकते हैं। हल्की बूंदाबांदी होने की भी पूरी संभावना जताई जा रही है। अगर बारिश होती है तो तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
कृषि और किसानों के लिए कैसा है यह मौसम
मौसम के इस बदलाव का सीधा असर खेती-बारी पर भी पड़ रहा है। मौसम साफ होने और हल्की ठंडक बढ़ने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। किसान अब अपने खेतों में अगेती आलू की बोआई का काम तेजी से कर रहे हैं। कृषि जानकारों का कहना है कि आलू की फसल के लिए यह मौसम काफी अनुकूल साबित हो रहा है। खेतों में नमी सही रहने से बीज का अंकुरण अच्छा होता है। अगर अचानक तेज बारिश नहीं होती है तो किसानों को इस सीजन में अच्छी पैदावार मिलने की पूरी उम्मीद है।
दूसरी तरफ, कानपुर के कुछ इलाकों में बारिश के पुराने जख्म अभी भी हरे हैं। हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्से बुरी तरह प्रभावित हुए थे। जाजमऊ इलाके में वीआईपी सड़क का एक बड़ा हिस्सा करीब 18 फीट तक धंस गया था। इस भयंकर घटना से स्थानीय लोगों में आज भी डर का माहौल है। कई घरों और दुकानों के अंदर पानी घुस गया था जिससे लोगों का कीमती सामान खराब हो गया था। आरटीओ रोड पूरी तरह से तालाब बन गई थी जिससे यातायात घंटों ठप रहा था।
प्रशासन की तैयारी और जनता की मुश्किलें
बारिश और जलभराव की उन पुरानी समस्याओं को देखते हुए लोग अब हर बदलते बादल से सहम जाते हैं। व्यापारियों का कहना है कि जब भी आसमान में काले बादल छाते हैं, उनकी धड़कनें बढ़ जाती हैं। दुकानदारों को डर सताता है कि कहीं फिर से पानी उनकी दुकानों में न घुस जाए। नगर निगम के दावों के बावजूद कई जगहों पर जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं दिख रहे हैं। सड़क धंसने वाली घटना के बाद मरम्मत का काम तो शुरू हुआ है, लेकिन रफ्तार बहुत धीमी है।
आम नागरिकों का कहना है कि मौसम विभाग की चेतावनी समय पर मिलनी चाहिए ताकि लोग पहले से सतर्क रह सकें। उमस भरी गर्मी और बदलते मौसम के कारण इन दिनों सर्दी, जुकाम और वायरल बुखार के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की लंबी लाइनें लग रही हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि लोग इस बदलते मौसम में अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें। ठंडा पानी पीने से बचें और ताजा भोजन ही खाएं।
आगे कैसा रहेगा कानपुर का मौसम
फिल्हाल कानपुर के आसमान में बादलों और धूप की लुकाछिपी का खेल जारी है। मौसम केंद्र का कहना है कि अगले चौबीस घंटों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। शाम के समय हल्की ठंडी हवाएं चल सकती हैं जिससे मौसम सुहाना हो जाएगा। हालांकि बारिश होगी या नहीं, यह आने वाले बादलों के घनत्व पर निर्भर करेगा। शहर के लोगों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलते समय छाता जरूर रखें ताकि अचानक होने वाली बूंदाबांदी से बच सकें।




