बेंगलुरु और कर्नाटक के कई अन्य जिलों में अचानक मौसम ने बिल्कुल नया रूप ले लिया है। यहाँ का मौसम इस समय मानसूनी मौसम की तरह बर्ताव कर रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने राज्यभर में अगले सात दिनों तक भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है, जिससे किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि इस बेमौसम बदलाव से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।
राज्य के अंदरूनी हिस्सों में ठंड का असर अचानक से बहुत ज्यादा बढ़ गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कर्नाटक के कुछ अंदरूनी जिलों में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 6.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इतनी कम ठंड इस मौसम में आम तौर पर दर्ज नहीं की जाती है। इस अचानक बदलाव की वजह से सुबह और रात के समय गलन भरी ठंड महसूस हो रही है। लोग अपने गर्म कपड़े दोबारा निकालने पर मजबूर हो गए हैं और सुबह के वक्त सड़कों पर कोहरा भी देखा जा रहा है।
बेंगलुरु की सड़कों पर पानी भरा और सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
राजधानी बेंगलुरु का हाल इस बेमौसम बारिश के बाद काफी बुरा हो गया है। शहर में हुई तेज बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कों पर भारी जलभराव हो गया है। देश के इस बड़े तकनीक और आईटी हब की बुनियादी सुविधाओं की पोल एक बार फिर खुल गई है। पानी भरने की वजह से दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा है। शहर का एक प्रमुख स्टेडियम भी पानी में डूब गया है, जिसकी तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
सोशल मीडिया पर आम जनता और स्थानीय लोग जमकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इंटरनेट पर यूजर लिख रहे हैं कि इस शहर की व्यवस्था को सुधारने के लिए सिर्फ एक दिन की बारिश ही काफी है। जलभराव के कारण गाड़ियां पानी में बंद हो गईं और पैदल चलने वालों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय प्रशासन की तरफ से पानी निकालने के लिए पंप और टीमें तैनात की गई हैं, लेकिन जनता में नगर निगम की तैयारियों को लेकर भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग का येलो अलर्ट और वज्रपात की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग ने बेंगलुरु और आसपास के जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ घंटों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान आसमान में तेज बिजली चमकने और वज्रपात यानी आसमानी बिजली गिरने का भी पूरा खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों।
किसानों की फसलों को भी इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से भारी नुकसान का अंदेशा सता रहा है। खेतों में तैयार खड़ी फसलें इस अचानक बदले मौसम की मार झेलने को मजबूर हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बारिश का यह दौर अगले कुछ दिनों तक और जारी रहा, तो बागवानी और रबी की फसलों को बड़ा नुकसान हो सकता है। सरकार और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
प्रशासन की तैयारी और नागरिकों के लिए जरूरी हिदायतें
प्रशासन ने भारी बारिश की चेतावनी के बाद अपनी कमर कस ली है। निचले इलाकों से पानी की निकासी के लिए विशेष टीमों को काम पर लगाया गया है। ट्रैफिक पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जलभराव वाले रास्तों पर यातायात को तुरंत डायवर्ट करें ताकि जाम न लगे। बिजली विभाग को भी यह सतर्क रहने को कहा गया है कि किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए जरूरत पड़ने पर तुरंत बिजली आपूर्ति रोकी जा सके।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने पाया कि आम नागरिकों को भी अब मौसम के इस अप्रत्याशित मिजाज के हिसाब से अपनी दिनचर्या रखनी चाहिए। सफर करने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर चेक करें और बिना काम के बाहर न निकलें। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर लगातार नजर बनाए रखना इस समय सबसे समझदारी भरा कदम होगा। अगले कुछ दिनों तक कर्नाटक के लोगों को इस सुस्त और सर्द बारिश भरे मौसम से राहत मिलने की फिलहाल कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।






