नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — अभिनेत्री और राजनीतिज्ञ खुशबू सुंदर इन दिनों इंटरनेट पर छाई हुई हैं। गूगल ट्रेंड्स में उनका नाम अचानक से शीर्ष पर आ गया है। इस बार उनका चर्चा में होने का कारण सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि उनकी सेहत और वजन घटाने का एक लंबा सफर है। खुशबू ने पिछले पांच सालों में अपनी कड़ी मेहनत से करीब 40 किलो वजन कम किया है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर मन में पक्का इरादा हो, तो उम्र और व्यस्तता के बाद भी शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है। उनके इस बदलाव को लेकर उनके चाहने वाले काफी हैरान और प्रेरित हैं।
वजन घटाने के इस सफर के अलावा खुशबू सुंदर अपनी निजी जिंदगी के संघर्षों को लेकर भी एक बार फिर चर्चा में आई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अपने अतीत के कुछ मुश्किल पन्नों को साझा किया है। उन्होंने अपने बचपन और पिता के साथ जुड़े कड़े अनुभवों पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने मुसलिम परिवार से होने के बावजूद अपने जीवन में कई बड़े फैसले लिए और समाज के तानों का सामना करते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाई। एक्टिंग की दुनिया से लेकर राजनीति के मैदान तक उनका यह सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है।
कटरीना कैफ के समर्थन में खड़े होने पर क्यों घिरीं खुशबू सुंदर
हाल ही में सोशल मीडिया पर अभिनेत्री कटरीना कैफ को लेकर चल रही ट्रोलिंग के खिलाफ भी खुशबू सुंदर खुलकर सामने आई थीं। उन्होंने ट्रोलर्स को करारा जवाब देते हुए महिलाओं के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। खुशबू ने पुरुषों से कुछ तीखे सवाल भी पूछे और समाज की दोहरी सोच पर सवाल खड़े किए। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। वह हमेशा से ही महिलाओं के अधिकारों और उनकी स्वतंत्रता के पक्ष में खुलकर बोलती रही हैं। कटरीना कैफ के मामले में उनका यह रुख एक बार फिर उनकी बेबाक छवि को सबके सामने ले आया है।
सिनेमा से इतर राजनीतिक गलियारों में भी खुशबू सुंदर के बयानों की गूंज सुनाई दे रही है। तमिलनाडु की राजनीति को लेकर उनका एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट काफी चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने अपने पोस्ट में अभिनेता विजय और वहां की राजनीतिक स्थिति पर खुलकर अपनी राय रखी है। उनका कहना है कि अगर जनता ने किसी को चुना है, तो उसे पूरी ईमानदारी से सरकार चलानी चाहिए। उनके इस राजनीतिक बयान ने दक्षिण भारत की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है, और राजनीतिक विश्लेषक इसके अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं।
धीमी गति से वजन घटाने को क्यों मानती हैं बेहतर
खुशबू सुंदर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि वजन घटाने की कोई शॉर्टकट प्रक्रिया नहीं होती है। उन्होंने पांच साल का लंबा समय लेकर धीरे-धीरे अपना वजन कम किया। उनका मानना है कि अचानक वजन कम करने से शरीर पर गलत असर पड़ता है। धीरे-धीरे वजन घटाने से शरीर को नया रूप मिलने के साथ-साथ अंदरूनी ताकत भी बनी रहती है। उन्होंने खानपान में बदलाव और नियमित व्यायाम को अपने इस सफर का मुख्य हिस्सा बताया। उनकी यह सीख आज के दौर के युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है जो जल्दी में वजन कम करने के चक्कर में अपनी सेहत बिगाड़ लेते हैं।
द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड पड़ताल में यह साफ हुआ है कि खुशबू सुंदर सिर्फ एक अभिनेत्री या नेता नहीं हैं, बल्कि वे समाज के हर पहलू पर बेबाकी से अपनी राय रखती हैं। चाहे बात महिलाओं के सम्मान की हो, स्वास्थ्य और फिटनेस की हो या फिर देश की राजनीति की हो, वे अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटती हैं। पिछले 24 घंटों में उनके पुराने और नए बयानों का एक साथ ट्रेंड करना यह बताता है कि लोग उनकी यात्रा और उनके विचारों को कितनी बारीकी से देख और सुन रहे हैं।
आगामी समय में राजनीतिक और सामाजिक भूमिका पर नजर
आने वाले दिनों में खुशबू सुंदर की सक्रियता राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर और अधिक देखने को मिल सकती है। जिस तरह से वे हर मुद्दे पर खुलकर सामने आ रही हैं, उससे साफ है कि वे अपनी राजनीतिक जमीन को और मजबूत करने में जुटी हैं। जनता के बीच उनकी यह छवि उन्हें एक अलग तरह की नेता बनाती है। द फ्रीलान्स आगे भी उनके हर कदम और बयानों पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा ताकि पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचती रहे।





