सीवान और लखीसराय समेत कई जिलों में इस बार दुर्गा पूजा का माहौल थोड़ा अलग नजर आ रहा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पूजा पंडालों में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। तेज आवाज और शोर-शराबे से होने वाली परेशानियों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने कड़े नियम लागू किए हैं।
बिहार के सीवान में दुर्गा पूजा समितियों के साथ हुई बैठकों के बाद डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा पंडालों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके। लखीसराय में भी महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हुड़दंग मचाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई तय है।
रात दस बजे के बाद रोक और पुलिस की पैनी नजर
प्रशासन के नए नियमों के तहत तय समय सीमा का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। रात दस बजे के बाद किसी भी तरह के तेज संगीत या लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर सख्त रोक रहेगी। पुलिस बल को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं और हुड़दंगियों पर लगाम कसने के लिए सादे कपड़ों में भी जवानों को तैनात किया गया है।
झारखंड के धनबाद में भी प्रशासन ने दुर्गा पूजा को लेकर कमर कस ली है। धनबाद में डीजे पर पूरी तरह रोक लगाने के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी खास नजर रखी जा रही है। साइबर सेल की टीमें भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट शेयर करने वालों की निगरानी कर रही हैं। पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो और किसी भी प्रकार की अफवाह न फैले।
बद्रीनाथ और अन्य क्षेत्रों में डीजे विवाद के बाद सबक
हाल ही में बद्रीनाथ क्षेत्र में भी डीजे और तेज संगीत को लेकर विवाद सामने आया था जिसके बाद प्रशासनिक अमला और अधिक सतर्क हो गया है। इस तरह के आयोजनों में होने वाले शोर-शराबे से आम जनता और बुजुर्गों को होने वाली असुविधा को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। धार्मिक आयोजनों की पवित्रता बनाए रखने और यातायात को सुचारू रखने के लिए ये सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
स्थानीय नागरिकों और पूजा समितियों ने भी प्रशासन के इन फैसलों पर मिला-जुला असर दिखाया है। कुछ लोगों का मानना है कि इससे शांति बनी रहेगी, जबकि कुछ युवा डीजे पर रोक से थोड़े निराश हैं। हालांकि, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को सर्वोपरि मानते हुए ज्यादातर लोग नियमों का पालन करने के लिए आगे आ रहे हैं। पुलिस और प्रशासन लगातार अपील कर रहे हैं कि सभी लोग आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं।
त्योहारों में शांति और सुरक्षा के लिए कड़े प्रशासनिक इंतजाम
द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट बताती है कि इस बार पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के इन पुख्ता इंतजामों से यह साफ है कि कानून तोड़ने वालों की अब कोई खैर नहीं होगी। सभी जिलों में शांति समितियों की बैठकें लगातार हो रही हैं ताकि जनता और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बना रहे।





