कोलकाता और हावड़ा की सीमा पर स्थित पश्चिम बंगाल सरकार का मुख्य प्रशासनिक भवन 'नबान्न' इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पिछले कुछ घंटों में इस हाई-सिक्योरिटी जोन के आसपास राजनीतिक दलों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई ने माहौल को काफी गर्म कर दिया है। पार्क स्ट्रीट और नबान्न की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें देखने को मिली हैं। सुवेंदु अधिकारी और अन्य विपक्षी नेताओं के नेतृत्व में हो रहे इन प्रदर्शनों के चलते कोलकाता पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रही है और पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया है।
जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी जा रही है। राजनीतिक दलों के इस प्रदर्शन के कारण आम जनता को भी ट्रैफिक जाम और आवाजाही की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठाए गए हैं ताकि शहर की शांति भंग न हो। दूसरी तरफ, राजनीतिक दलों का आरोप है कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के उनके अधिकारों को दबाने की कोशिश कर रही है।
दुर्गा पूजा तैयारियों और सुरक्षा के लिए विशेष कंट्रोल रूम
नबान्न के भीतर प्रशासनिक बैठकों का दौर भी उतनी ही तेजी से चल रहा है जितना बाहर राजनीतिक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। आगामी दुर्गा पूजा के त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में हुई उच्चस्तरीय बैठकों में यह तय किया गया है कि नबान्न परिसर में एक चौबीसों घंटे काम करने वाला विशेष कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इस कंट्रोल रूम का मुख्य मकसद राज्यभर में पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और किसी भी आपात स्थिति पर सीधी नजर रखना होगा ताकि उत्सव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे त्योहारी दिनों में पूरी तरह से सतर्क रहें और किसी भी तरह की कोताही न बरतें। स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को आपस में तालमेल बनाकर काम करने को कहा गया है। पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी भगदड़ या असुविधा से बचा जा सके। नबान्न से जारी इन दिशा-निर्देशों का पालन जिला स्तर के अधिकारियों को भी सख्ती से करने के लिए कहा गया है ताकि ग्रामीण इलाकों में भी व्यवस्था दुरुस्त रहे।
स्कूल की छुट्टियों और प्राकृतिक आपदाओं पर नए निर्देश
नबान्न से केवल राजनीतिक और त्योहारी फैसले ही नहीं, बल्कि आम जनता के दैनिक जीवन से जुड़े अहम आदेश भी जारी किए जा रहे हैं। हाल ही में एक नया प्रशासनिक फैसला सामने आया है जिसके तहत कोलकाता में यदि आसपास दो स्कूल स्थित हैं, तो दोनों में एक साथ छुट्टियां नहीं घोषित की जाएंगी। इस अनोखे फैसले के पीछे ट्रैफिक और भीड़भाड़ को नियंत्रित करने का तर्क दिया गया है ताकि एक ही इलाके में एक साथ बच्चों की भारी भीड़ जुटने से बचा जा सके। शिक्षा विभाग के इस निर्देश से शहर के कई स्कूलों और अभिभावकों की दिनचर्या में बदलाव आना तय माना जा रहा है।
इसके अलावा, मौसम में संभावित बदलावों और तूफानों से निपटने के लिए भी नबान्न की ओर से विशेष गाइडलाइंस जारी की गई हैं। तटीय जिलों और संवेदनशील इलाकों के प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें। मुख्यमंत्री खुद इन तमाम केंद्रीय और राज्य स्तर की समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता कर रही हैं। 'द फ्रीलान्स' की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे भी जमीनी अपडेट्स आप तक पहुंचाती रहेगी।





