कोलकाता/ग्राउंड ब्यूरो — पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्थित राज्य सचिवालय 'नबन्र' इन दिनों राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से नबन्र अभियान को लेकर शहर के कई इलाकों में तनाव का माहौल देखा गया है। पार्क स्ट्रीट और आसपास के इलाकों में पुलिस और विरोध प्रदर्शन करने वालों के बीच तीखी झड़पें हुईं, जिससे स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। विपक्षी दल राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और सुरक्षा बलों को उन्हें रोकने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
इस राजनीतिक सरगर्मी के बीच राज्य सरकार आगामी त्योहारों और प्रशासनिक कार्यों को संभालने में जुटी हुई है। हाल ही में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नबन्र में एक उच्चस्तरीय केंद्रीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य के विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन का मुख्य जोर यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
दुर्गा पूजा के लिए बनेगा विशेष नियंत्रण कक्ष
त्योहारों के मौसम को देखते हुए नबन्र प्रशासन ने सुरक्षा और प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सचिवालय में चौबीसों घंटे काम करने वाला एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। इस कंट्रोल रूम के जरिए पूरे राज्य में पूजा पंडालों की भीड़, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सकेगा और त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगा।
इसके अलावा राज्य सरकार ने शिक्षा और मौसम से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं। हाल ही में शिक्षा विभाग और प्रशासन की ओर से यह नियम बनाया गया है कि कोलकाता या अन्य जिलों में यदि दो स्कूल एक ही परिसर में या बिल्कुल पास स्थित हैं, तो दोनों में एक साथ छुट्टी नहीं की जाएगी। इस अनोखे फैसले का उद्देश्य शहर में यातायात के दबाव को कम करना और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन का मानना है कि एक साथ कई स्कूलों के छूटने से सड़कों पर भारी जाम लग जाता है, जिससे आम जनता को परेशानी होती है।
मौसम के खतरे से निपटने के लिए अग्रिम निर्देश
बंगाल में बदलते मौसम और संभावित तूफानों के खतरे को देखते हुए भी नबन्र से सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। तटीय जिलों और निचले इलाकों के प्रशासनिक अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। मौसम विभाग की चेतावनियों के आधार पर आपदा प्रबंधन टीमों को पहले से ही मुस्तैद कर दिया गया है। सरकार नहीं चाहती कि किसी भी तरह की लापरवाही से आम लोगों की जानमाल को नुकसान पहुंचे।
जमीनी स्तर पर स्थिति पर नजर डालें तो एक तरफ राजनीतिक दल अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासनिक मशीनरी त्योहारों और कानून व्यवस्था को संभालने में दिन-रात एक कर रही है। पार्क स्ट्रीट और सचिवालय के आसपास पुलिस बल की तैनाती अब भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी नई अशांति को तुरंत दबाया जा सके। 'द फ्रीलान्स' की टीम लगातार इन सभी घटनाक्रमों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और आगे के हर नए अपडेट से आपको अवगत कराती रहेगी।






