बिहार की राजनीति में इस समय जुबानी जंग अपने चरम पर पहुंच गई है। जनता दल यूनाइटेड यानी जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने एक बार फिर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने बाहुबली नेता अनंत सिंह को खुली चेतावनी दी है। नीरज कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अगर कोई किसी को डराने की कोशिश करेगा, तो कानून चुप नहीं बैठेगा। कानून का हाथ बहुत लंबा होता है और वह सीधे उसके जबड़े तक जाएगा। इस बयान के बाद से सूबे के सियासी गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है।
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब राजनीतिक बयानों के तीर एक-दूसरे की तरफ छोड़े जाने लगे। नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले नीतीश कुमार के खिलाफ खुलकर बोलते थे, उन्हें पार्टी ने दया करके टिकट दिया था। उन्होंने साफ किया कि सरकार और पार्टी अनुशासनहीनता को बिल्कुल सहन नहीं करेगी। राजनीति में विरोध करना सबका अधिकार है, लेकिन किसी को डराने या धमकाने की छूट नहीं दी जा सकती। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और कानून अपना काम निष्पक्षता से करेगा।
नीरज कुमार ने अनंत सिंह के बयानों पर कसा तंज
बिहार के राजनीतिक इतिहास में नीरज कुमार अपने तीखे तेवरों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अनंत सिंह के हालिया बयानों और हरकतों पर करारा प्रहार किया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में चुनावी समीकरण और राजनीतिक पालाबंदी तेजी से बदल रही है। नीरज कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिहार में कानून का राज है। यहां किसी की गुंडागर्दी या धमकी नहीं चलेगी। जो लोग यह सोचते हैं कि वे डर का माहौल बनाकर अपनी बात मनवा लेंगे, उनकी यह गलतफहमी बहुत जल्द दूर हो जाएगी।
जेडीयू नेता ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं रही है। पार्टी के भीतर या बाहर जो भी व्यक्ति कानून को हाथ में लेने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने याद दिलाया कि अतीत में भी ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटा गया है। सरकार की नीति स्पष्ट है कि राज्य में शांति और कानून का राज हर हाल में कायम रखा जाएगा। किसी भी बाहुबली की धमकियों से प्रशासन डरने वाला नहीं है।
सियासी गलियारों में चर्चा और नेताओं की प्रतिक्रियाएं
इस बयान के सामने आने के बाद से बिहार के दूसरे राजनीतिक दलों के नेता भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विपक्षी दल इसे आपसी खींचतान का नाम दे रहे हैं, तो सत्ता पक्ष इसे कानून के सख्त पालन की प्रतिबद्धता बता रहा है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है। बिहार की राजनीति हमेशा से जातियों और बाहुबली नेताओं के इर्द-गिर्द घूमती रही है, ऐसे में इस तरह के तीखे बयान राज्य के राजनीतिक तापमान को और ज्यादा बढ़ा रहे हैं।
आम जनता और स्थानीय लोग भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। लोगों का कहना है कि नेताओं के बीच की इस बयानबाजी से विकास के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह मुस्तैद हैं ताकि राज्य में शांति व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
कानून और व्यवस्था पर प्रशासन का सख्त रुख
बिहार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि राज्य में कानून का पालन करना सबसे सर्वोपरि है। किसी भी राजनीतिक हस्ती या बाहुबली को यह अधिकार नहीं है कि वह आम नागरिक या किसी अन्य नेता को धमकाए। नीरज कुमार के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि जेडीयू नेतृत्व इस मामले में किसी भी तरह के दबाव में आने वाला नहीं है। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस जुबानी जंग का असर जमीन पर कितना गहरा पड़ता है और क्या प्रशासन वाकई कोई बड़ी कार्रवाई करता है।












