नई दिल्ली के सीमापुरी इलाके से इस वक्त की सबसे बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। यहां एक पांच मंजिला पुरानी और बेहद जर्जर इमारत अचानक भरभराकर जमीन पर आ गिरी। इस भीषण हादसे में एक गर्भवती महिला और एक मासूम बच्चे समेत कुल तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। शुरुआती राहत और बचाव कार्यों के दौरान मलबे के नीचे से घायलों को बाहर निकाला गया। इस हादसे में कम से कम आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें पास के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटनास्थल पर मौजूद हमारे फील्ड रिपोर्टर के अनुसार, इमारत इतनी पुरानी थी कि इसके गिरने से आसपास के घरों को भी हल्का नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के मकानों को भी खाली करवा लिया है ताकि किसी और अनहोनी से बचा जा सके। मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों और जेसीबी का इस्तेमाल किया जा रहा है। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जिन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह इमारत काफी समय से जर्जर हालत में थी और इसकी कई बार शिकायत भी की गई थी, लेकिन नगर निगम और मकान मालिक ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस जर्जर मकान को गिरा दिया जाता या इसकी मरम्मत कराई जाती, तो इतनी बड़ी जान-माल की हानि नहीं होती। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और मकान मालिक का पता लगाया जा रहा है।
प्रशासन की लापरवाही और अवैध निर्माण पर उठे बड़े सवाल
पूर्वी दिल्ली के इस घनी आबादी वाले इलाके में इस तरह के हादसों का होना नगर निगम की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े करता है। दिल्ली के कई इलाकों में आज भी ऐसी सैकड़ों पुरानी और जर्जर इमारतें मौजूद हैं जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। जिला प्रशासन और स्थानीय निकाय अब हरकत में आए हैं और इलाके की अन्य खतरनाक इमारतों की पहचान करने का काम शुरू कर दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल सीमापुरी में राहत और बचाव का काम अभी भी जारी है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति न फंसा हो। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर राजधानी की अनियोजित निर्माण शैली और सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। 'द फ्रीलान्स' इस पूरी घटना पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और प्रशासन की ओर से आने वाले हर नए अपडेट को आप तक पहुंचाता रहेगा।
पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और मदद की मांग
इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों ने पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। सरकार की ओर से अभी तक मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है, लेकिन जनता का कहना है कि केवल कागजी घोषणाओं से काम नहीं चलेगा। अवैध और जर्जर इमारतों के खिलाफ पूरे दिल्ली में एक बड़ा अभियान चलाने की सख्त जरूरत है ताकि आम लोगों की जान बचाई जा सके।



