नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के बुजुर्ग नागरिकों के लिए अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखकर उस पर मोटा ब्याज कमाने का रास्ता साफ हो गया है। आज के समय में जब शेयर बाजार में जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ गया है, तब सरकारी और डाकघर की छोटी बचत योजनाएं लोगों का सबसे बड़ा सहारा बन रही हैं। हाल ही में सामने आए आंकड़ों और बाजार की रिपोर्ट के मुताबिक, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम निवेशकों के बीच काफी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें आपका पैसा सौ फीसदी सुरक्षित रहता है और सरकार खुद रिटर्न की गारंटी देती है।
बाजार में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अगर कोई निवेशक सही योजना का चुनाव करता है, तो उसे टैक्स में छूट के साथ 8.2 प्रतिशत तक का भारी ब्याज मिल सकता है। बैंक की फिक्सड डिपॉजिट की तुलना में ये सरकारी योजनाएं वरिष्ठ नागरिकों को कहीं ज्यादा फायदा दे रही हैं। जिन लोगों को रिटायरमेंट के बाद हर महीने या हर तीन महीने पर खर्चे के लिए नियमित पैसों की जरूरत होती है, उनके लिए यह विकल्प बहुत ही शानदार साबित हो रहा है। इसके जरिए निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से हर तिमाही पच्चीस हजार रुपये तक का ब्याज आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
साठ साल से ऊपर के लोगों के लिए फायदे का सौदा
डाकघर और सरकारी बैंकों में चलाई जा रही इन खास योजनाओं का लाभ साठ साल की उम्र पार कर चुके हर नागरिक को मिल रहा है। कुछ मामलों में वीआरएस लेने वाले कर्मचारियों को भी इस योजना का फायदा उठाने की छूट दी गई है। योजना के तहत अधिकतम पंद्रह लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है, जिस पर वर्तमान में सरकार 8.2 प्रतिशत की दर से सालाना ब्याज दे रही है। यह ब्याज सीधे निवेशक के बैंक खाते में हर तीन महीने के बाद जमा हो जाता है, जिससे घर खर्च चलाने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।
हमारी ग्राउंड टीम ने जब दिल्ली और आसपास के डाकघरों के बाहर बैठे वरिष्ठ नागरिकों से बातचीत की, तो कई चौकाने वाले और सकारात्मक पहलू सामने आए। बुजुर्ग निवेशकों का कहना है कि शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहने के लिए यह योजना उनके लिए वरदान जैसी है। एक बुजुर्ग निवेशक ने बताया कि उन्होंने पांच साल के लिए अपने पैसे इस स्कीम में डाले हैं और अब उन्हें बिना किसी चिंता के हर तिमाही तयशुदा रकम मिल जाती है। इसके अलावा नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट यानी एनएससी में भी एक लाख रुपये जमा करने पर पांच साल बाद एकमुश्त बड़ी रकम हाथ आने का पूरा गणित साफ हो चुका है।
सुरक्षित निवेश और टैक्स बचाने का दोहरा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल अधिक ब्याज मिलना ही काफी नहीं है, बल्कि पैसे की सुरक्षा और टैक्स की बचत भी बहुत मायने रखती है। सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम में आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत डेढ़ लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट का फायदा भी मिल जाता है। हालांकि इस पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर योग्य होता है, लेकिन छोटे निवेशकों के लिए यह सौदा फिर भी बहुत फायदेमंद साबित होता है। फिक्स्ड डिपॉजिट के मुकाबले यहां मिलने वाला रिटर्न ज्यादा स्थिर और भरोसेमंद माना जाता है क्योंकि इस पर देश की सरकार की सीधी मुहर होती है।
बढ़ती महंगाई के इस दौर में रिटायरमेंट के बाद का जीवन आर्थिक रूप से सुरक्षित रखना हर किसी की प्राथमिकता बन चुका है। जिन परिवारों को नियमित आय की तलाश है, वे बेधड़क होकर इन सरकारी योजनाओं का रुख कर रहे हैं। सही वित्तीय योजना बनाकर निवेश करने से बुजुर्गों को किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ता है और वे आत्मनिर्भर होकर अपना जीवन बिता सकते हैं। द फ्रीलान्स की इस पड़ताल से साफ है कि सही जानकारी और सूझबूझ के साथ किया गया निवेश हमेशा सुरक्षित और लाभदायक रहता है।
निवेश करने से पहले इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले निवेशकों को अपने नजदीकी बैंक या डाकघर में जाकर सभी नियमों की पूरी जानकारी जरूर ले लेनी चाहिए। योजना की समय सीमा आमतौर पर पांच साल की होती है, जिसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। समय से पहले पैसा निकालने पर कुछ कटौतियां हो सकती हैं, इसलिए निवेश उतनी ही रकम का करें जितने की आपको तुरंत जरूरत न हो। डिजिटल माध्यमों और एजेंटों के चक्कर में पड़ने के बजाय सीधे बैंक शाखा या पोस्ट ऑफिस जाकर ही खाता खुलवाना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।



