वाराणसी/ग्राउंड ब्यूरो — काशी में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। मानसून की विदाई के बीच अचानक सक्रिय हुए मौसमी सिस्टम ने शहर की रफ्तार थाम दी है। हालात यह हैं कि तेज आंधी और धूल के गुबार ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लोहता और आसपास के इलाकों में धूल भरी आंधी के कारण सड़कों पर भारी अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों की ओर भागते नजर आए। मौसम के इस अचानक बदलाव ने स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों दोनों को चौंका दिया है।
खराब मौसम का सीधा असर हवाई और जल यातायात पर भी साफ दिखाई दे रहा है। वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दृश्यता कम होने और तेज हवाओं के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हवा के खतरनाक झोंकों के कारण तीन विमानों की सुरक्षित लैंडिंग नहीं हो सकी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन विमानों को लखनऊ एयरपोर्ट के लिए डायवर्ट कर दिया। यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा और उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
घाटों पर पानी का कब्जा और छतों पर आरती
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों का संपर्क आपस में पूरी तरह टूट गया है। दशाश्वमेध, अस्सी और मणिकर्णिका समेत लगभग सभी प्रमुख घाट पानी में डूब चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि पारंपरिक तौर पर घाटों पर होने वाली गंगा आरती और अंतिम संस्कार जैसे जरूरी कार्य अब मजबूरन छतों और ऊंची जगहों पर करने पड़ रहे हैं। स्थानीय नाविकों और दुकानदारों का धंधा पूरी तरह ठप हो गया है क्योंकि पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लग चुकी है।
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है। राहत और बचाव टीमों को घाटों के आसपास तैनात किया गया है ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके। बाढ़ जैसे हालातों के बीच लोगों की मुसीबतें और बढ़ गई हैं क्योंकि घरों और दुकानों में पानी घुसने का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोग इस बात से परेशान हैं कि मानसून के जाते-जाते यह नया संकट कहां से आ गया।
मौसम विभाग का नया अलर्ट और बारिश के आसार
भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। वाराणसी के अलावा बलिया, गाजीपुर और जौनपुर समेत करीब दस जिलों में बादलों का डेरा फिर से शुरू हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक नया चक्रवाती सिस्टम बनने के कारण हवा की रफ्तार तेज हुई है और हल्की से मध्यम बूंदाबांदी का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। इस बदलाव से तापमान में तो गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन उमस और नमी ने लोगों की मुश्किलें कम नहीं होने दी हैं।
सड़क पर चलने वाले दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि कई जगहों पर पेड़ों की डालियों के टूटने और होर्डिंग्स गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। नगर निगम की टीमें सड़कों से मलबा हटाने और जाम खुलवाने के काम में जुटी हुई हैं। द फ्रीलान्स की टीम लगातार जमीनी हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रशासन के साथ समन्वय कर राहत कार्यों की पल-पल की जानकारी जुटा रही है ताकि जनता तक सटीक अपडेट पहुंच सके।




