चेन्नई और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। चक्रवात 'डितवा' के प्रभाव के कारण राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले पांच दिनों तक बारिश का यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है। अचानक हुई इस भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है और सड़कों पर पानी भरने की खबरें सामने आ रही हैं। राज्य के कई इलाकों में सुबह से ही काले बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं चल रही हैं।
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कमर कस ली है और राहत कार्यों के लिए टीमों को तैनात कर दिया गया है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के बाद राज्य सरकार ने तुरंत बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा और एहतियात के तौर पर प्रदेश के 12 सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में सभी स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। माता-पिता और छात्रों से अपील की गई है कि वे बिना वजह घरों से बाहर न निकलें।
चेन्नई समेत इन बारह जिलों में भारी बारिश का सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की चेतावनी के बाद चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू समेत कुल 12 जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। इन इलाकों में पिछले कुछ घंटों से लगातार बारिश हो रही है जिसके कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने लगा है। नगर निगम की टीमें पंपों की मदद से पानी निकालने के काम में जुट गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि चक्रवात का असर अभी कुछ और दिनों तक बना रह सकता है, जिससे तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार काफी तेज रहेगी।
अधिकारियों ने मछुआरों को पूरी तरह से समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और तटवर्ती बस्तियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने कई जगहों पर राहत शिविर भी तैयार कर लिए हैं जहां खाने और पीने के पानी की उचित व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोग अपने स्तर पर भी जरूरी सामानों का स्टॉक करने में जुट गए हैं ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आगामी पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान और सरकार की तैयारी
अगले कुछ दिनों तक तमिलनाडु के दक्षिणी और तटीय जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, यह मानसूनी गतिविधि चक्रवाती सिस्टम के मजबूत होने की वजह से हो रही है। यातायात सेवाएं भी इस बारिश से प्रभावित हुई हैं, कई लोकल ट्रेनों और बसों के समय में बदलाव किया गया है। विमान सेवाओं पर भी इसका हल्का असर पड़ सकता है, इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी उड़ानों की स्थिति जरूर जांच लें।
राज्य के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्री लगातार आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी बीमारी या आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके। बिजली विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली की आपूर्ति को नियंत्रित करें। 'द फ्रीलान्स' की ग्राउंड टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और पल-पल की अपडेट आप तक पहुंचा रही है।







