नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के मौसम का मिजाज इन दिनों बेहद हैरान करने वाला बना हुआ है। भारत के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई तरह के मौसम देखने को मिल रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में अचानक हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं दूसरी तरफ कश्मीर के ऊंचे इलाकों में ताजी बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। उत्तर भारत के पहाड़ों पर जहां ठंड और सुहाना मौसम लौट आया है, वहीं देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में गर्मी अपना विकराल रूप दिखा रही है।
भारतीय मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो चुका है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलते वक्त पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में भी पारा लगातार ऊपर चढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में तापमान सैंतीस डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। देश के करीब ग्यारह राज्यों में तापमान चालीस से सैंतीस डिग्री के बीच बना हुआ है।
पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी का दौर
उत्तराखंड के कई जिलों में झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे किसानों और पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। केदारनाथ, बदरीनाथ और कश्मीर के गुलमर्ग व पहलगाम जैसे ऊपरी इलाकों में हल्की बर्फबारी ने एक बार फिर सर्दी का अहसास करा दिया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पहाड़ी इलाकों में यह बदलाव आया है। हालांकि, इस बेमौसम बारिश और बर्फबारी से स्थानीय स्तर पर यातायात और जनजीवन थोड़ा प्रभावित जरूर हुआ है, लेकिन किसानों के लिए यह राहत की खबर मानी जा रही है।
मैदानी इलाकों की बात करें तो दिल्ली-एनसीआर में बीते कुछ दिनों से छाए बादलों और हल्की बारिश के बाद हवा में ठंडक घुल गई है। सुबह और शाम के वक्त मौसम काफी सुहाना बना हुआ है। लोग इस सुहाने मौसम का आनंद लेने के लिए बाहर निकल रहे हैं। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि यह राहत बहुत लंबी नहीं टिकेगी क्योंकि अप्रैल महीने के आखिरी हफ्तों में धूप और तेज होगी। मैदानी इलाकों में जल्द ही गर्म हवाएं यानी लू चलने की आशंका भी जताई जा रही है, जिसके लिए प्रशासन अपनी तैयारी में जुटा है।
मैदानों में हीटवेव और चिलचिलाती गर्मी
एक तरफ जहां पहाड़ भीग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण और मध्य भारत के राज्यों में गर्मी कहर बरपा रही है। तेलंगाना से हीटवेव के कारण कई लोगों के बीमार होने और मौत की दुखद खबरें सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे धूप में ज्यादा देर न रहें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई शहरों में भी लू के थपेड़े लोगों को परेशान कर रहे हैं। इन इलाकों में दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं।
स्वास्थ्य विभाग और मौसम विभाग ने संयुक्त रूप से लोगों को चेतावनी जारी की है कि वे बढ़ते तापमान को हल्के में न लें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से तेज धूप से बचाने की सलाह दी गई है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए अलग से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में मौसम के इस दोहरे मिजाज पर विस्तृत अपडेट देती रहेगी ताकि हमारे पाठकों तक सही समय पर सटीक जानकारी पहुंच सके।
मौसम के इस दोहरे रवैये की मुख्य वजह
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ दिख रहे इन विपरीत मौसमों की मुख्य वजह जलवायु में हो रहे बदलाव और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता है। ग्लोबल वार्मिंग के चलते मौसम चक्र अनियमित हो गया है, जिसके कारण कभी अचानक भारी बारिश होती है तो कभी समय से पहले भीषण गर्मी पड़ने लगती है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में देश की जनता को मौसम के इन उतार-चढ़ाव का सामना लंबे समय तक करना पड़ सकता है।






