देशभर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है और मानसून अपनी तय रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। केरल में मानसून के आधिकारिक प्रवेश के बाद से ही दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में केरल और आसपास के राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। इस बीच देश के बाकी हिस्सों में भी मानसून के पहुंचने की तारीखों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसानों और आम जनता को सही समय पर जानकारी मिल सके।
एक तरफ जहां दक्षिण के राज्यों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है, वहीं देश के कई बड़े हिस्सों में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट बताती है कि देश के करीब चालीस प्रतिशत हिस्से में इस समय सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा रही है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक के कुछ इलाकों में अभी भी बादलों की वह सक्रियता नहीं दिख रही है जिसकी इस मौसम में उम्मीद की जाती है। इन राज्यों के किसानों को झमाझम बारिश के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।
केरल में झमाझम बारिश और दक्षिण भारत का हाल
केरल तट पर मानसून के पहुंचने के बाद से ही तटीय इलाकों में लगातार बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक केरल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने भी अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर ली है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि हवा की रफ्तार तेज हो सकती है और समंदर की स्थिति खराब रह सकती है।
दक्षिण भारत के अन्य राज्यों जैसे कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी मानसून का असर दिखने लगा है। हालांकि कर्नाटक के भीतरूनी इलाकों में अभी भी जैसी बारिश होनी चाहिए वैसी नहीं हुई है। कृषि जानकारों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में कर्नाटक में अच्छी बारिश नहीं होती है, तो खरीफ की फसलों की बुवाई पर असर पड़ सकता है। किसान आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब मानसून पूरी ताकत के साथ उनके खेतों तक पहुंचेगा।
उत्तर भारत और दिल्ली-एनसीआर में कब होगी राहत
दक्षिण के बाद अब उत्तर भारत के लोगों को मानसून का बेसब्री से इंतजार है। दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से गर्मी और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय के आसपास ही दस्तक दे सकता है। दिल्ली में भी जून के आखिरी दिनों तक बारिश होने की पूरी संभावना जताई जा रही है जिससे लोगों को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
आईएमडी के वैज्ञानिकों का कहना है कि देश के उत्तरी राज्यों में भी प्री-मानसून गतिविधियों के तहत हल्की बारिश और आंधी का दौर देखने को मिल सकता है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में भी बादलों के आने के संकेत मिलने लगे हैं। हालांकि मुख्य मानसून के लिए लोगों को अभी कुछ और दिन इंतजार करना होगा। मौसम विभाग लगातार उपग्रह की तस्वीरों और हवा के रुख पर नजर रखे हुए है ताकि समय पर सटीक जानकारी लोगों तक पहुंचाई जा सके।
किसानों के लिए जरूरी सलाह और आगे की स्थिति
मानसून की इस लुकाछिपी के बीच सबसे ज्यादा चिंता देश के अन्नदाता यानी किसानों को सता रही है। जिन राज्यों में बारिश की कमी चल रही है वहां के किसान सिंचाई के वैकल्पिक साधनों का सहारा ले रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम विभाग के ताजा अपडेट को ध्यान में रखकर ही अपनी फसलों की बुवाई का फैसला लें। मानसून के आगे बढ़ने की रफ्तार अगले एक हफ्ते में और साफ हो जाएगी जिसके बाद तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।




