नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बहुत जरूरी खबर सामने आ रही है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ने अपने ऑनलाइन सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। नौकरी बदलने पर अब पुराना पीएफ का पैसा नई कंपनी के खाते में भेजने का काम और अधिक सरल हो गया है। पिछले कुछ दिनों से गूगल ट्रेंड्स पर इस विषय को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता देखी जा रही है।
हमारे फील्ड रिपोर्टर ने जब इस मामले की तह तक जाकर पड़ताल की तो पता चला कि यह बदलाव प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए किया गया है। पहले जब कोई कर्मचारी नौकरी बदलता था, तो उसे पुराना पीएफ ट्रांसफर करने के लिए कई तरह की दफ्तरों की औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थीं। कई बार नियोक्ता यानी कंपनी की मंजूरी मिलने में भी लंबा वक्त लग जाता था जिससे कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
पीएफ ट्रांसफर की नई ऑनलाइन प्रक्रिया
ईपीएफओ के नए सिस्टम के तहत अब पूरी प्रक्रिया को ऑटोमैटिक यानी स्वतः संचालित कर दिया गया है। जैसे ही कोई कर्मचारी नई कंपनी में काम शुरू करता है और अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी यूएएन नंबर साझा करता है, सिस्टम खुद पुराने खाते की जानकारी जुटा लेता है। इससे कर्मचारियों को अलग से बार-बार ऑनलाइन आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ती है और उनका समय बचता है।
अधिकारियों से बात करने पर पता चला कि इस नई तकनीक से कर्मचारियों के दावों का निपटारा बहुत कम समय में हो जाएगा। पहले जहां कई हफ्तों या महीनों का इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब यह काम कुछ ही दिनों में पूरा होने की उम्मीद है। तकनीकी रूप से मजबूत किए गए इस पोर्टल पर काम का बोझ भी कम हुआ है जिससे सर्वर डाउन होने की समस्या से भी राहत मिली है।
नौकरीपेशा लोगों को इससे क्या फायदा मिलेगा
इस बदलाव से सबसे बड़ा फायदा उन युवाओं को हुआ है जो अक्सर अपनी करियर ग्रोथ के लिए कंपनियां बदलते रहते हैं। अब उन्हें हर बार नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर रुकने का डर नहीं सताएगा। उनका गाढ़ी कमाई का पैसा सुरक्षित तरीके से बिना किसी रुकावट के उनके नए खाते में पहुंच जाएगा।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने जब कुछ निजी कंपनियों के कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने इस कदम का स्वागत किया। हालांकि कई लोगों ने यह भी कहा कि अभी भी पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं और कई बार ओटीपी आने में देरी हो जाती है। संगठन के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इन छोटी-मोटी कमियों को भी पूरी तरह दूर कर लिया जाएगा।
नया आवेदन करते वक्त इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
यदि आप भी अपनी पुरानी कंपनी छोड़कर नई जगह पर जा चुके हैं, तो आपको कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी होंगी। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके यूएएन नंबर के साथ आपका आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाता नंबर पूरी तरह सही और लिंक हो। यदि दस्तावेजों में कोई भी गलती होती है, तो आपका ट्रांसफर रुक सकता है और आपको दफ्तर के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।
अंत में हमारी यही सलाह है कि पीएफ ट्रांसफर के लिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करें और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें। ईपीएफओ लगातार अपने सिस्टम को बेहतर बनाने में जुटा है ताकि देश के हर श्रमिक और कर्मचारी को उसकी मेहनत का पैसा समय पर मिल सके।







