देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर से पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग यानी आईएमडी ने आने वाले बारह घंटों के भीतर देश के सोलह राज्यों में भारी बारिश का कड़ा अलर्ट जारी किया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने सभी संबधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस दौरान हवा की रफ्तार बहुत ज्यादा तेज रह सकती है। कुछ इलाकों में अस्सी किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की पूरी आशंका जताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस अचानक आए बदलाव की मुख्य वजह मानसून की विदाई के दौरान बनने वाले नए मौसमी दबाव हैं। कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उमस भरी गर्मी के बाद अब बादलों ने डेरा डाल दिया है। मैदानी इलाकों से लेकरपहाड़ी क्षेत्रों तक इसका असर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद किसानों की चिंताएं एक बार फिर से बढ़ गई हैं क्योंकि कई जगहों पर धान की फसल कटाई के चरण में है।
सोलह राज्यों में मूसलाधार बारिश का खतरा
मौसम विभाग की ताजा अपडेट के अनुसार जिन सोलह राज्यों में भारी बारिश का रेड और ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है उनमें उत्तर भारत के साथ दक्षिण और पूर्व के राज्य भी शामिल हैं। इन राज्यों में लगातार तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। इसके अलावा पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन होने का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें।
खासतौर पर तटीय इलाकों और पर्वतीय जिलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। मछुआरों को अगले दो दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है क्योंकि वहां हवा का रुख बेहद खतरनाक हो सकता है। बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को भी आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके।
अस्सी किमी की रफ्तार से चलेगी आंधी
मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों का कहना है कि बादलों की आवाजाही के साथ चलने वाली तेज हवाएं जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती हैं। शहरी क्षेत्रों में तेज आंधी के कारण होर्डिंग्स और कमजोर पेड़ों के उखड़ने का खतरा बना हुआ है। वाहन चालकों को भी हाईवे पर वाहन चलाते समय अत्यधिक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। दृश्यता कम होने की वजह से यातायात की गति भी धीमी रहने की संभावना है।
स्थानीय निकायों ने जल निकासी के रास्तों को साफ करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है ताकि बारिश का पानी सड़कों पर लंबे समय तक न रुके। रेलवे और विमानन सेवाओं पर भी इस मौसम का आंशिक असर पड़ सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेनों और उड़ानों की स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।
प्रशासन की तैयारियां और जनता के लिए जरूरी निर्देश
आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है। संवेदनशील जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं जो चौबीसों घंटे स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। किसानों से कहा गया है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढंक कर रखें ताकि पानी से नुकसान न हो। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें।




