नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — खेल की दुनिया में कब बाजी पलट जाए, यह कोई नहीं जानता। टेनिस कोर्ट पर अपने शांत स्वभाव और बेहतरीन खेल के लिए पहचाने जाने वाले नॉर्वे के स्टार खिलाड़ी कैस्पर रूड इन दिनों चर्चा में हैं। कभी जीत का परचम लहराने वाले रूड के सामने इस साल फिटनेस और चोट की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। हाल ही में यूएस ओपन के दौरान उनकी चोट ने एक बार फिर उनके फैंस को चिंता में डाल दिया है। अमेरिकी कोर्ट पर उनका यह सफर उम्मीद के मुताबिक लंबा नहीं चल पाया और चोट की वजह से उन्हें बीच में ही अपना अभियान रोकना पड़ा।
साल 2026 का यह सीजन कैस्पर रूड के लिए बहुत आसान नहीं रहा है। साल की शुरुआत से ही उन्हें दुनिया के दिग्गजों के खिलाफ कड़ा संघर्ष करना पड़ा है। फ्रेंच ओपन के दौरान भी हालात कुछ ऐसे ही रहे थे। वहां जोकोविक और फोंसेका जैसे खिलाड़ियों के खिलाफ उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा और अंततः वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए। खेल प्रेमियों के लिए यह देखना थोड़ा निराशाजनक था कि एक बेहतरीन लय में चल रहा खिलाड़ी इस तरह के मुकाबलों में शारीरिक बाधाओं के आगे घुटने टेक रहा है।
विंबलडन में वापसी और शुरुआती दौर की जीत
चोट और खराब फॉर्म की तमाम खबरों के बीच विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप में कैस्पर रूड ने दमदार वापसी के संकेत दिए थे। टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और मुकाबला जीतकर दूसरे दौर में अपनी जगह पक्की की। उनके साथ जैनिक सिनर ने भी इस दौर में प्रवेश किया था, जिससे टेनिस फैंस में एक बार फिर उत्साह की लहर दौड़ गई थी। उस वक्त ऐसा लगा था कि रूड अपनी पुरानी लय वापस पा रहे हैं और ग्रास कोर्ट पर अपना जलवा बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
लेकिन टेनिस का खेल सिर्फ एक मैच या एक टूर्नामेंट का नाम नहीं है। यहां लगातार फिटनेस बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। विंबलडन की उस जीत के बाद जब रूड हार्ड कोर्ट पर उतरे, तो पुरानी चोटें फिर से उभर आईं। यूएस ओपन में जेसिक पेगुला के मुकाबलों के दौरान और रूड के अपने मैचों में यह साफ दिखा कि शरीर का साथ न देना उनके लिए एक बड़ी रुकावट बन गया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि रूड को अब अपनी ट्रेनिंग के तौर-तरीकों में थोड़ा बदलाव करने की जरूरत है ताकि वे बड़े टूर्नामेंट्स के दौरान पूरी तरह फिट रह सकें.
लगातार हार और चोट से उबरने की चुनौती
किसी भी पेशेवर खिलाड़ी के लिए चोट के बाद कोर्ट पर वापसी करना मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद थका देने वाला होता है। कैस्पर रूड के साथ भी यही स्थिति है। फ्रेंच ओपन में मिली हार के बाद उन्होंने अपनी कमियों पर काम करने की बात कही थी, लेकिन यूएस ओपन में चोट के कारण उनका सफर समय से पहले ही खत्म हो गया। उनके फैंस और कोच इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अगर यही हाल रहा तो रैंकिंग पर इसका असर पड़ सकता है।
मैदान पर पसीना बहाने वाले रूड हमेशा से अपनी मेहनत के लिए जाने जाते हैं। आजतक और अन्य प्रमुख खेल रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके प्रशंसक लगातार सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। खेल का मैदान किसी को निराश नहीं करता, बशर्ते खिलाड़ी अपनी पूरी ताकत से वापसी करे। रूड के पास अभी लंबा करियर बाकी है और वे इन मुश्किलों से पार पाकर एक बार फिर कोर्ट पर अपनी पुरानी चमक बिखेरने के लिए पूरी तरह बेताब हैं।
आगामी टूर्नामेंट्स और भविष्य की रणनीति
अब सवाल यह उठता है कि कैस्पर रूड इस चोट के बाद कब तक कोर्ट पर वापसी करेंगे? खेल डॉक्टरों और फिटनेस एक्सपर्ट्स की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। साल के बचे हुए अन्य बड़े मुकाबलों में उनकी मौजूदगी इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कितनी जल्दी अपनी फिटनेस हासिल कर पाते हैं। उनके फैंस को उम्मीद है कि वे जल्द ही अपनी उस ऊर्जा और आक्रामक खेल शैली के साथ लौटेंगे जिसके लिए वे दुनियाभर में जाने जाते हैं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि आधुनिक टेनिस में खिलाड़ियों का वर्कलोड बहुत बढ़ गया है। सालभर चलने वाले इन दौरों में शरीर को आराम देना बेहद जरूरी हो गया है। कैस्पर रूड का यह दौर न सिर्फ उनके लिए बल्कि हर उस युवा खिलाड़ी के लिए एक सीख है जो खेल की दुनिया में बड़ा नाम कमाना चाहता है। आने वाले हफ्तों में यह साफ हो जाएगा कि रूड की वापसी किस टूर्नामेंट से होगी और वे अपनी इस शारीरिक रुकावट को पीछे छोड़ने में कितने कामयाब होते हैं।












