कोलकाता/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े और पुराने मुकाबले में ईस्ट बंगाल ने नया इतिहास रच दिया है। मैदान पर खेले गए डूरंड कप के फाइनल मैच में ईस्ट बंगाल ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी मोहन बगान सुपर जायंट को करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही क्लब का पिछले बाईस साल से चला आ रहा खिताबी सूखा आखिरकार समाप्त हो गया है। स्टेडियम में मौजूद हजारों समर्थकों के लिए यह पल किसी सपने के सच होने जैसा था।
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। मोहन बगान की टीम ने शुरुआत में आक्रामक खेल दिखाया और गेंद पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की। लेकिन ईस्ट बंगाल के खिलाड़ियों ने रक्षात्मक और आक्रामक खेल का बेहतरीन संतुलन दिखाया। हाफ टाइम से पहले ही खेल का रुख पलटना शुरू हो गया था। मैदान पर दोनों टीमों के समर्थक अपनी अपनी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए लगातार नारे लगा रहे थे।
एडमंड की शानदार हैट्रिक से पलटा मैच का पूरा पासा
इस खिताबी मुकाबले के असली हीरो स्टार खिलाड़ी एडमंड रहे जिन्होंने अपने खेल से सबको हैरान कर दिया। एडमंड ने मैच के दौरान एक के बाद एक शानदार गोल दागे और अपनी टीम की जीत पक्की कर दी। उनकी इस ऐतिहासिक हैट्रिक के आगे मोहन बगान का डिफेंस पूरी तरह लाचार नजर आया। विपक्षी टीम के गोलकीपर के पास एडमंड के सटीकशॉट्स का कोई जवाब नहीं था। मैदान पर मौजूद हर दर्शक इस जादुई प्रदर्शन को देखकर दंग रह गया।
डूरंड कप के इस फाइनल मैच को लेकर पिछले कई दिनों से कोलकाता की हवा में अलग ही उत्साह था। सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक हर जगह बस इसी महामुकाबले की चर्चा हो रही थी। मैच शुरू होने से पहले ही स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई थी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि खेल का माहौल शांतिपूर्ण बना रहे। दोनों टीमों के कोच ने अपनी अपनी रणनीति पर काम किया था लेकिन मैदान पर ईस्ट बंगाल की योजना ज्यादा असरदार साबित हुई।
बाईस साल का लंबा इंतजार हुआ खत्म
इस जीत के साथ ही ईस्ट बंगाल के फैंस का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। पिछले दो दशकों से टीम खिताबी जीत के बेहद करीब आकर चूक जाती थी जिससे समर्थकों में निराशा थी। इस बार टीम ने किसी भी तरह की कोई चूक नहीं की और शुरुआत से अंत तक अपना दबदबा बनाए रखा। मैच खत्म होने के बाद खिलाड़ियों ने मैदान पर ही जश्न मनाना शुरू कर दिया। फैंस ने सड़कों पर उतरकर अपनी खुशी का इजहार किया और आतिशबाजी भी की।
हार के बाद मोहन बगान के खेमे में मायूसई छा जाना स्वाभाविक था। टीम के खिलाड़ियों ने अपनी गलतियों से सबक सीखने की बात कही है। कोच ने माना कि इस बड़े मुकाबले में उनकी टीम मौकों को भुनाने में नाकाम रही। हालांकि खेल प्रेमियों का मानना है कि इस तरह के कड़े मुकाबले भारतीय फुटबॉल के स्तर को और ऊपर ले जाते हैं। सोफास्कोर और अन्य लाइव स्कोर प्लेटफॉर्म्स पर भी इस मैच को लाखों लोगों ने ट्रैक किया।
कोलकाता में जश्न का माहौल और आगे की राह
मैच के बाद से ही कोलकाता के फुटबॉल प्रेमियों में जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। ईस्ट बंगाल के क्लब हाउस के बाहर ढोल नगाड़ों के साथ जश्न मनाया जा रहा है। खिलाड़ियों का माला पहनाकर स्वागत किया गया और मिठाइयां बांटी गईं। यह जीत सिर्फ एक टूर्नामेंट जीतने भर की नहीं है बल्कि यह शहर के खेल प्रेमियों के लिए अस्मिता और गौरव की बात है। आने वाले दिनों में दोनों टीमों को अन्य घरेलू टूर्नामेंटों में भी हिस्सा लेना है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस जीत से ईस्ट बंगाल के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ेगा। आगामी सत्र में टीम इसी फॉर्म को बरकरार रखना चाहेगी। दूसरी ओर मोहन बगान की टीम इस हार को भुलाकर अपनी कमियों पर काम करेगी। भारतीय फुटबॉल कैलेंडर में इस मुकाबले की गूंज लंबे समय तक सुनाई देती रहेगी। द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम आगे भी इस खेल हलचल पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी।





