नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — खेल के मैदान पर कई बार ऐसे अजीब वाकये देखने को मिल जाते हैं जो किसी का भी ध्यान खींच लेते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच महिला क्रिकेट मैच के दौरान कुछ ऐसा ही हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। मैदान पर अचानक कीड़ों और कीटों का ऐसा दल आ गया कि खिलाड़ियों के लिए मैदान पर टिकना मुश्किल हो गया। सुरक्षा और खिलाड़ियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए अंपायर्स को तुरंत खेल रोकना पड़ा। यह मुकाबला महिला क्रिकेट जगत में हमेशा से ही काफी तनावपूर्ण और हाई-वोल्टेज माना जाता है। ऐसे में इस तरह की प्राकृतिक बाधा ने मैच के रोमांच और खिलाड़ियों की एकाग्रता दोनों को प्रभावित किया।
मैदान पर मौजूद ग्राउंड स्टाफ ने फौरन हरकत में आते हुए कीटों को हटाने का काम शुरू किया। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं जिनमें खिलाड़ी कीटों से बचती हुई नजर आ रही हैं। कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम मैदान पर पूरी तरह से तैयार उतरी थी ताकि जीत के साथ आगे बढ़ सकें। लेकिन इस छोटी सी रुकावट ने दोनों टीमों की रणनीतियों को कुछ पलों के लिए जरूर उलझा दिया। खेल अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और हालात सामान्य होने के बाद ही मुकाबले को दोबारा शुरू कराया गया।
मैदान पर कीटों का हमला और खेल में रुकावट
श्रीलंका में खेले जा रहे इन मुकाबलों के दौरान मौसम और स्थानीय परिस्थितियों का असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। स्टेडियम के फ्लड लाइट्स की रोशनी की वजह से बड़ी संख्या में कीड़े मैदान की ओर आकर्षित हो गए थे। खिलाड़ियों के लिए फील्डिंग करना और कैच पकड़ना तक मुश्किल हो गया था क्योंकि हवा में कीट उड़ रहे थे। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने अंपायर के पास जाकर अपनी परेशानी जाहिर की जिसके बाद मैच को बीच में ही रोकना पड़ा। भारत और पाकिस्तान का मैच देखने के लिए स्टेडियम में दर्शकों की भारी भीड़ मौजूद थी और टीवी पर भी करोड़ों लोग इसे देख रहे थे।
हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम इंडिया इस टूर्नामेंट में अपनी पुरानी गलतियों को पीछे छोड़कर नया इतिहास लिखने उतरी है। कप्तान का साफ कहना है कि टीम का पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ मैच जीतने पर है, बाहरी चीजों पर नहीं। हालांकि इस तरह की अप्रत्याशित घटनाएं खिलाड़ियों के मानसिक संतुलन की भी परीक्षा लेती हैं। पिछले कुछ समय से महिला क्रिकेट टीम ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उससे प्रशंसकों की उम्मीदें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। टीम प्रबंधन का मानना है कि इस तरह की छोटी-मोटी बाधाएं खेल का हिस्सा हैं और इनसे पार पाना ही एक पेशेवर टीम की असली पहचान है।
श्रीलंका की पिच और मौसम का नया समीकरण
आगामी मुकाबलों को देखते हुए भारतीय टीम ने पिचों के मिजाज को समझना शुरू कर दिया है। श्रीलंका की उमस भरी आबोहवा और शाम के समय मैदान पर आने वाले कीड़े खिलाड़ियों के लिए एक नई चुनौती बन गए हैं। कोच और सपोर्ट स्टाफ ने खिलाड़ियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन बाहरी बाधाओं से अपना ध्यान न भटकने दें। मौसम विभाग और पिच क्यूरेटर की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले दिनों में भी शाम के वक्त ऐसी दिक्कतें आ सकती हैं। इसके लिए मैदान पर विशेष स्प्रे और लाइटिंग प्रबंधन के इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि दोबारा मैच में कोई बाधा न आए।
दूसरी ओर, खेल गलियारों में अन्य श्रृंखलाओं को लेकर भी चर्चाएं जोरों पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के खेमे में डीआरएस के नियमों को लेकर एक बार फिर पुरानी बहस छिड़ गई है। डी कॉक और बावुमा के बीच मैदान पर हुए पुराने विवादों के हवाले से खेल विशेषज्ञ नए नियमों की समीक्षा की मांग कर रहे हैं। हालांकि भारतीय टीम का पूरा फोकस इस समय पूरी तरह से महिला एशिया कप और आगामी टेस्ट श्रृंखलाओं पर है। श्रीलंका दौरे के लिए चुनी गई भारतीय टेस्ट टीम में भी कई नए और युवा गेंदबाजों को मौका मिला है, जिससे टीम की बेंच स्ट्रेंथ मजबूत हुई है।
जीत की पटरी पर लौटने की पुरजोर कोशिश
भारतीय महिला क्रिकेट टीम पिछले कुछ महीनों में मिलेजुले प्रदर्शन के बाद अब पूरी तरह से लय हासिल करने में जुटी है। कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम हर हाल में अपनी पुरानी गलतियों को सुधारना चाहती है। मैदान पर उतरने से पहले खिलाड़ियों ने जमकर पसीना बहाया है और नेट पर लंबी प्रैक्टिस की है। टीम के रणनीतिकारों का मानना है कि एशिया कप जैसे बड़े मंच पर हर एक मैच फाइनल की तरह होता है। इसलिए किसी भी छोटी टीम या आसान स्थिति को भी हल्के में लेने की कोई गुंजाइश नहीं बचती है।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों का मनोबल पूरी तरह से ऊंचा है और वे मैदान की हर मुश्किल परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। कीटों की वजह से मिली इस छोटी सी बाधा के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर अपना संयम नहीं खोया। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि आने वाले मैचों में टीम और भी शानदार प्रदर्शन करेगी और देश का नाम रोशन करेगी। प्रशासन और आयोजन समिति भी यह सुनिश्चित कर रही है कि आगे के मैचों में ऐसी किसी समस्या का सामना न करना पड़े।









