नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट मुकाबलों का दौर इन दिनों सोशल मीडिया और गूगल ट्रेंड्स पर सबसे आगे चल रहा है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें हर एक स्कोरकार्ड और मैच के लाइव अपडेट पर टिकी हुई हैं। सीनियर इंडिया-ए और ऑस्ट्रेलिया-ए के बीच हाल ही में हुए मुकाबलों में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली है। कभी मेहमान टीम ने बाजी मारी तो कभी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया। मैदान पर उतरने वाले हर एक खिलाड़ी के लिए यह सीरीज खुद को साबित करने का एक बड़ा मंच बन गई है।
हाल ही में समाप्त हुई श्रृंखला में भारत-ए ने ऑस्ट्रेलिया-ए को 49 रनों से हराकर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया। इस मैच में यश, गुरजपनीत और निशांत की तिकड़ी ने शानदार गेंदबाजी और बल्लेबाजी से मैच का रुख ही बदल दिया। हालांकि, इससे पहले के मुकाबलों में कुछ भारतीय खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया-ए के सामने मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा था, जहां टीम को 125 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि इस तरह के कड़े मुकाबले युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के दबाव से निपटने के लिए तैयार करते हैं।
युवा अंडर-19 मुकाबलों में भी दिख रहा है दम
सीनियर स्तर के अलावा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अंडर-19 यूथ वनडे मुकाबलों में भी रोमांच अपने चरम पर है। हालिया मैच में भारतीय अंडर-19 टीम ने एक विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें युवा बल्लेबाजों ने अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया। हालांकि, वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग थोड़ी सी चूक के चलते अपने अर्धशतक से चूक गए। इसके अलावा राहुल द्रविड़ के बेटे ने भी क्रीज पर आकर तेजी से रन बनाने की कोशिश की, लेकिन जल्दबाजी में अपना विकेट गंवा बैठे। इन युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर देश भर के खेल प्रेमियों की नजरें हैं क्योंकि इन्हें भविष्य का स्टार माना जा रहा है।
मैच के स्कोरकार्ड पर बारीक नजर डालें तो भारतीय टीम की शुरुआत काफी मजबूत रही। ओपनिंग बल्लेबाजों ने पिच पर टिककर खेलने की कोशिश की और विरोधी टीम के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बटोरे गए, जिससे स्कोरबोर्ड पर एक बड़ा लक्ष्य दर्ज हो सका। हालांकि, बीच के ओवरों में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने वापसी की और भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। इसके बावजूद निचले क्रम के बल्लेबाजों ने सूझबूझ दिखाते हुए टीम को एक सम्मानजनक और चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया।
गेंदबाजों की रणनीति और मैदान पर कड़ा मुकाबला
केवल बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी के मोर्चे पर भी दोनों टीमों के बीच जबरदस्त जंग देखने को मिली। भारतीय तेज गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में विकेट निकालकर विरोधी टीम को बैकफुट पर धकेलने का पूरा प्रयास किया। पिच से मिल रही शुरुआती मदद का गेंदबाजों ने पूरा फायदा उठाया। स्पिन गेंदबाजों ने भी बीच के ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी करते हुए रन गति पर लगाम लगाई। कप्तान का मैदानी फैसलों में अनुशासन साफ तौर पर नजर आया, जिससे हर एक विकेट के बाद खेल का रोमांच और अधिक बढ़ गया।
मैदान पर खिलाड़ियों का यह कड़ा संघर्ष इस बात का प्रमाण है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता आने वाले समय में और अधिक रोमांचक होने वाली है। चाहे वह घरेलू सरजमीं हो या विदेशी दौरे, दोनों देशों के युवा खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि इन मुकाबलों के स्कोरकार्ड केवल अंकों का हिसाब नहीं हैं, बल्कि यह आने वाले कल के बड़े क्रिकेट सितारों की नींव तैयार कर रहे हैं। क्रिकेट प्रशंसक आने वाले मैचों के लिए भी पूरी तरह उत्साहित नजर आ रहे हैं।











