नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय फुटबॉल जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। इंडियन सुपर लीग यानी आईएसएल का अगला 2026-27 सीजन इस साल अक्टूबर के महीने में शुरू हो सकता है। इस बार के टूर्नामेंट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। लीग में चौदह की बजाय केवल तेरह टीमें ही आपस में मुकाबला करेंगी। खेल प्रेमियों के बीच इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि टीमों की संख्या में यह बदलाव क्यों किया जा रहा है।
लीग के नए प्रारूप और फिक्सचर्स को लेकर विभिन्न खेल मीडिया रिपोर्ट्स में खुलासे सामने आए हैं। खेल से जुड़े विशेषज्ञ इस बात की समीक्षा कर रहे हैं कि कम टीमों के साथ होने वाले इस मुकाबले का फॉर्मेट कैसा होगा। दर्शकों को इस बार लीग मैचों के लाइव प्रसारण और टीवी चैनलों पर मैचों के समय की पूरी जानकारी जल्द ही मिलने की उम्मीद है। क्लब स्तर पर भी इस आगामी सीजन के लिए तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
समर ट्रांसफर विंडो और खिलाड़ियों की अदला-बदली
लीग के नए सीजन से पहले समर ट्रांसफर विंडो में क्लबों के बीच खिलाड़ियों की खरीद-फरोख्त का दौर जारी है। क्लब अपनी टीम को मजबूत करने के लिए नए खिलाड़ियों को साइन कर रहे हैं और पुराने खिलाड़ियों के साथ अनुबंध बढ़ा रहे हैं। इस प्रक्रिया में कई बड़े खिलाड़ियों का एक क्लब से दूसरे क्लब में जाना तय हो रहा है। फुटबॉल प्रेमियों की नजरें इस ट्रांसफर मार्केट पर टिकी हुई हैं कि कौन सा क्लब किस नए खिलाड़ी को अपने पाले में लाता है।
इसी ट्रांसफर हलचल के बीच ईस्ट बंगाल क्लब से जुड़ी एक बड़ी खबर भी सामने आई है। क्लब ने अपने स्पेनिश मिडफील्डर सॉल क्रेस्पो के साथ तीन साल का साथ छोड़ दिया है। खिलाड़ी और क्लब के बीच आपसी सहमति के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है। ऐसे बड़े बदलावों से आने वाले सीजन में सभी टीमों की ताकत और रणनीति पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
तेरह टीमों के नए फॉर्मेट का फुटबॉल पर असर
इंडियन सुपर लीग के इतिहास में टीमों की संख्या घटना एक अहम मोड़ है। अधिकारियों और आयोजकों का मानना है कि इस बदलाव से लीग की प्रतिस्पर्धा और अधिक रोमांचक हो जाएगी। मैचों का स्तर सुधारने और प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। अक्टूबर से शुरू होने वाले इस लंबे सफर में हर टीम को खिताब जीतने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
मैदान पर उतरने वाली सभी तेरह टीमें अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। कोच और मैनेजमेंट खिलाड़ियों की कमियों को दूर करने के लिए खास ट्रेनिंग कैंप चला रहे हैं। खेल प्रेमी भी अक्टूबर का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को मैदान पर फिर से एक्शन में देख सकें। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार अपनी नजर बनाए रखेगी।
फिक्सचर्स और लाइव प्रसारण की पूरी जानकारी
आगामी आईएसएल सीजन के फिक्सचर्स और मैचों की पूरी सूची जल्द ही आधिकारिक रूप से जारी की जाएगी। प्रशंसकों के मन में यह सवाल है कि वे अपने घर बैठे इन मैचों का लुत्फ कहां और कैसे उठा पाएंगे। खेल चैनलों और डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर मैचों के प्रसारण के अधिकार तय किए जा रहे हैं। दर्शकों को हाई-क्विल्टी लाइव स्ट्रीमिंग और टीवी कवरेज मिलने की पूरी उम्मीद है।
लीग के आयोजक यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि दर्शकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। टिकटों की बिक्री और स्टेडियम की व्यवस्थाओं पर भी काम शुरू हो चुका है। भारतीय फुटबॉल के इस महाकुंभ में इस बार मुकाबला बेहद कड़ा होने की उम्मीद है। जैसे-जैसे अक्टूबर का महीना नजदीक आएगा, खेल का यह रोमांच और अधिक परवान चढ़ेगा।












