नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — क्रिकेट की दुनिया में इन दिनों इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। खेल के सबसे लंबे प्रारूप यानी टेस्ट क्रिकेट में रूट लगातार रन बना रहे हैं और नए मुकाम हासिल कर रहे हैं। हाल ही में आए मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूट आने वाले समय में टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा रन और शतकों के मामले में कई दिग्गजों को पीछे छोड़ सकते हैं। लेकिन, जब बात महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स की आती है, तो खेल के जानकारों का मानना है कि कुछ रिकॉर्ड ऐसे हैं जिन तक पहुंचना जो रूट या किसी भी अन्य सक्रिय खिलाड़ी के लिए लगभग असंभव साबित हो सकता है।
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने भी अपने स्टार खिलाड़ियों को पूरी छूट दी है ताकि वे अपने खेल पर पूरा ध्यान दे सकें। हाल ही में इंग्लैंड बोर्ड ने जो नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट जारी किए हैं, उनमें खिलाड़ियों को लंबी अवधि की सुरक्षा दी गई है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले सक्रिय खिलाड़ियों की सूची में एशिया के खिलाड़ियों का दबदबा भी देखने को मिला है। हालांकि, जो रूट जिस शानदार फॉर्म में चल रहे हैं, उससे इंग्लिश फैंस को पूरी उम्मीद है कि वह आने वाले सालों में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे।
सचिन के वे पांच रिकॉर्ड जो जो रूट के लिए भी हैं बेहद दूर
क्रिकेट के गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि जो रूट भले ही टेस्ट मैचों में रनों का पहाड़ खड़ा कर दें, लेकिन सचिन तेंदुलकर के पांच ऐसे खास रिकॉर्ड हैं जिन्हें छूना भी नामुमकिन सा लगता है। सबसे पहला रिकॉर्ड है 200 टेस्ट मैच खेलने का। सचिन ने अपने लंबे करियर में कुल 200 टेस्ट मैच खेले, जो आज के दौर में लगातार क्रिकेट खेलने और चोटों के बढ़ते खतरे को देखते हुए किसी भी खिलाड़ी के लिए एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतकों का आंकड़ा पार करना भी एक ऐसा पहाड़ है जिस पर आज तक सिर्फ सचिन तेंदुलकर ही चढ़ पाए हैं।
तीसरा बड़ा रिकॉर्ड टेस्ट क्रिकेट में कुल 15,921 रन बनाने का है। जो रूट इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं और तेजी से रन बना रहे हैं, लेकिन उम्र और भविष्य के फिटनेस समीकरणों को देखते हुए इस आंकड़े तक पहुंचना आसान नहीं होगा। चौथा रिकॉर्ड सचिन के नाम दर्ज वे अनगिनत मैच जिताऊ पारियां और विदेशों में भारत के लिए खेली गई ऐतिहासिक पारियां हैं। पांचवां और अंतिम रिकॉर्ड टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतक और शतकों का कुल संयोजन है, जो सचिन की निरंतरता की गवाही देता है। आंकड़े गवाह हैं कि सचिन ने अपने 24 साल के लंबे करियर में जिस अनुशासन का परिचय दिया, उसे दोहराना किसी के लिए भी आसान नहीं होगा।
मैदान पर खिलाड़ियों के बीच नए रिकॉर्ड बनाने की जंग
सिर्फ जो रूट ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य दिग्गज खिलाड़ी भी अपने नाम नए रिकॉर्ड दर्ज कराने में जुटे हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम करते हुए जो रूट को पीछे छोड़ दिया है। स्टीव स्मिथ अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच पकड़ने वाले सक्रिय क्रिकेटर्स की सूची में आगे निकल गए हैं। खेल के मैदान पर इन दिग्गजों के बीच चल रही यह प्रतिस्पर्धा क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक साबित हो रही है। हर सीरीज के साथ नए रिकॉर्ड बन रहे हैं और पुराने आंकड़े टूट रहे हैं।
दूसरी ओर, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड अपने खिलाड़ियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए लगातार काम कर रहा है। हाल ही में घोषित सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में कई युवा खिलाड़ियों को भी मौका मिला है, जिससे टीम का भविष्य सुरक्षित नजर आ रहा है। रूट जैसे अनुभवी खिलाड़ी जब टीम में होते हैं, तो युवा खिलाड़ियों को भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है। बोर्ड की यह रणनीति टीम को आने वाले समय में और मजबूत बना सकती है, जिससे खिलाड़ियों पर दबाव कम होता है और वे खुलकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे पाते हैं।
भविष्य की राह और जो रूट की ऐतिहासिक चुनौती
आने वाले महीनों में इंग्लैंड की टीम को कई महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज खेलनी हैं, और जो रूट के पास अपने रनों के आंकड़ों को और मजबूत करने का पूरा मौका होगा। क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि रूट अगले कुछ सालों तक अपनी मौजूदा फिटनेस और फॉर्म को बरकरार रखने में कामयाब रहते हैं, तो वह कई रिकॉर्ड अपने नाम जरूर कर लेंगे। हालांकि, सचिन तेंदुलकर के महान रिकॉर्ड्स को तोड़ना केवल रन बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए दो दशक से ज्यादा समय तक एक जैसा प्रदर्शन करना जरूरी होता है।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल और खेल विश्लेषकों का मानना है कि जो रूट का बल्ला आने वाले दिनों में कई और इतिहास रचेगा। फैंस की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इंग्लैंड का यह स्टार बल्लेबाज सचिन के सबसे बड़े रिकॉर्ड्स के करीब भी पहुंच पाता है या नहीं। खेल के मैदान पर यह जंग अभी लंबी चलने वाली है, और हर नया मैच इतिहास के पन्नों में एक नया अध्याय जोड़ रहा है। आने वाला समय ही बताएगा कि क्रिकेट इतिहास में कौन सा खिलाड़ी किस पायदान पर अपनी जगह पक्की कर पाता है।



