नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय क्रिकेट में इन दिनों एक नया नाम बहुत तेजी से चर्चा में आ रहा है। यह नाम है नमन धीर का। हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबलों में उनके खेल ने सबको चौंका दिया है। नमन धीर मैदान पर जब उतरते हैं तो विपक्षी गेंदबाजों के माथे पर शिकन साफ देखी जा सकती है। उनका छक्का लगाने का अंदाज ऐसा है कि वेस्टइंडीज की टीम को हर मैच में इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। विरोधी गेंदबाजों को अब उन्हें गेंद डालने से पहले दस बार सोचना पड़ रहा है।
नमन धीर की यह आक्रामक शैली केवल एक मैच तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपनी खेल क्षमता से यह साबित कर दिया है कि वे लंबे शॉट आसानी से लगा सकते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबलों में वे कम से कम पांच बार अपनी इस ताकत का बड़ा फायदा उठा चुके हैं। मैदान के चारों तरफ शॉट लगाने की उनकी कला ने उन्हें क्रिकेट प्रेमियों के बीच रातोंरात लोकप्रिय बना दिया है। खेल के जानकारों का मानना है कि नमन की यह शैली भारतीय मध्य क्रम को और अधिक मजबूती दे सकती है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ छक्कों की बारिश और गेंदबाजों की चिंता
नमन धीर की बल्लेबाजी में एक अलग ही तरह की बेबाकी नजर आती है। वे क्रीज पर आते ही बड़े शॉट खेलने से बिल्कुल नहीं हिचकिचाते। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के पास उनकी आक्रामकता का कोई ठोस जवाब नहीं दिखा है। जब भी विरोधी टीम शॉर्ट पिच गेंद फेंकने की कोशिश करती है, नमन उसका करारा जवाब छक्के के साथ देते हैं। उनकी इस खौफनाक बल्लेबाजी का असर यह हुआ है कि विरोधी कप्तान को अपनी फील्डिंग में बार-बार बदलाव करने पड़ते हैं।
सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, नमन धीर की गेंदबाजी का संयोग भी कम दिलचस्प नहीं है। उनकी गेंदबाजी शैली में कुछ ऐसे पैंतरे हैं जो बल्लेबाजों को भ्रम में डाल देते हैं। विरोधी बल्लेबाज जब उनके खिलाफ बड़ा शॉट खेलने की सोचते हैं, तो उन्हें बहुत सावधानी बरतनी पड़ती है। यह दुर्लभ संयोजन उन्हें टीम के लिए एक उपयोगी खिलाड़ी बनाता है। खेल समीक्षक मानते हैं कि गेंदबाजी में यह विविधता उन्हें एक साधारण बल्लेबाज से ऊपर उठाकर मैच विनर बनाती है।
असली ऑलराउंडर बनने की लंबी और कठिन राह
एक हालिया इंटरव्यू में नमन धीर ने खुलकर अपनी मंशा जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि उनका असली सपना सिर्फ एक बल्लेबाज बनना नहीं है, बल्कि वे टीम के लिए एक 'असली ऑलराउंडर' की भूमिका निभाना चाहते हैं। आधुनिक क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों की बहुत मांग है जो बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी अपनी पूरी क्षमता से योगदान दे सकें। नमन इसी सांचे में खुद को ढालने के लिए घरेलू क्रिकेट और नेट्स पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
क्रिकेट गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि नमन धीर की टीम इंडिया में दस्तक से मौजूदा खिलाड़ियों के लिए मुकाबला कड़ा हो गया है। कुछ पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि नमन का यह तेवर टीम में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है। वरिष्ठ खिलाड़ियों और विशेषज्ञों का समर्थन भी उन्हें मिल रहा है, जो यह संकेत देता है कि उनका भविष्य उज्जवल है। आने वाले समय में चयनकर्ताओं के लिए उन्हें नजरअंदाज करना बहुत मुश्किल होने वाला है।
द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल और निष्कर्ष
द फ्रीलान्स की टीम ने जब इस पूरे मामले की जमीनी पड़ताल की तो यह साफ हुआ कि नमन धीर का यह सफर इतनी आसानी से यहां तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने अपनी फिटनेस और तकनीक पर बहुत काम किया है। उनके कोच और करीबी लोग बताते हैं कि वे सुबह से शाम तक मैदान पर पसीना बहाते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली इस सफलता को वे अपने करियर का शुरुआती पड़ाव मानते हैं।
भारतीय टीम प्रबंधन भी ऐसे युवाओं पर बारीकी से नजर बनाए हुए है जो विदेशी पिच पर भी खुलकर खेल सकें। नमन धीर ने अपनी काबिलियत से यह दिखा दिया है कि वे बड़े मंच का दबाव आसानी से झेल सकते हैं। यदि वे अपनी इस फॉर्म को लगातार जारी रखते हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब वे भारतीय क्रिकेट के पटल पर एक बड़े सितारे के रूप में स्थापित हो जाएंगे।


