नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — खेल की दुनिया में इन दिनों एक नाम बहुत तेजी से आगे आ रहा है और वह नाम है राफेल जोडर का। टेनिस कोर्ट पर अपने आक्रामक खेल और बेहतरीन शॉट से इस युवा खिलाड़ी ने सबको हैरान कर दिया है। पिछले कुछ महीनों में जोडर ने जिस तरह का प्रदर्शन दिखाया है, उससे साफ है कि वह आने वाले समय में टेनिस के बड़े दिग्गजों को कड़ी चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। खेल प्रेमियों की नजरें इस उभरते हुए सितारे पर टिकी हुई हैं क्योंकि उनका हर एक मैच रोमांच से भरा होता है।
हाल ही में हुए मुकाबलों की बात करें तो राफेल जोडर ने मैड्रिड ओपन में शानदार खेल दिखाते हुए मास्टर्स एक हजार के क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था। इस बड़े मंच पर उनका मुकाबला यानिक सिनर जैसे दिग्गज खिलाड़ी के साथ हुआ। हालांकि उन्हें इस मैच में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन जिस तरह से उन्होंने खेल के मैदान पर संघर्ष किया उसकी तारीफ खेल विशेषज्ञों ने खुलकर की है। इसके बाद उन्होंने कैनेडियन ओपन में भी अपना जलवा बिखेरा और आर्थर फिल्स को हराकर सेमीफाइनल में शानदार जगह बनाई।
फ्रेंच ओपन के कोर्ट पर राफेल जोडर का ऐतिहासिक सफर
टेनिस के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट्स में से एक फ्रेंच ओपन में भी राफेल जोडर का प्रदर्शन चर्चा का विषय रहा है। कोर्ट पर उनकी फुर्ती और मानसिक मजबूती ने उन्हें इस स्तर के मुकाबलों में टिके रहने में मदद की। हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले में उनका सामना अनुभवी खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव से हुआ। इस कड़े मुकाबले में ज्वेरेव ने जीत दर्ज की, लेकिन जोडर ने अपने खेल से यह साबित कर दिया कि वह दुनिया के किसी भी शीर्ष खिलाड़ी को परेशान करने का माद्दा रखते हैं। टूर्नामेंट के दौरान उनकी फिटनेस और तकनीक की हर तरफ चर्चा हो रही थी।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि राफेल जोडर के खेल में अभी और निखार आएगा क्योंकि वह उम्र के उस पड़ाव पर हैं जहां सीखने की गति सबसे तेज होती है। उनके कोच और सहयोगी स्टाफ का कहना है कि जोडर रोजाना घंटों अभ्यास करते हैं और अपनी कमजोरियों पर लगातार काम कर रहे हैं। यही वजह है कि क्ले कोर्ट हो या हार्ड कोर्ट, उनका प्रदर्शन हर जगह सुधरता नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी उनकी खेल शैली की तुलना खेल के कई पुराने दिग्गजों से की जाने लगी है।
बड़े टूर्नामेंट्स में शीर्ष खिलाड़ियों के लिए नई चुनौती
नोवाक जोकोविच और यानिक सिनर जैसे बड़े खिलाड़ियों के शुरुआती दौर में बाहर होने के बाद फ्रेंच ओपन जैसे टूर्नामेंट्स में युवा खिलाड़ियों के लिए रास्ते खुले हैं। ऐसे में राफेल जोडर जैसे युवा खिलाड़ियों का आगे आना यह बताता है कि आने वाले दिनों में टेनिस का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। फैंस अब यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि जोडर अगले साल के ग्रैंड स्लैम मुकाबलों में कैसा प्रदर्शन करते हैं। उनकी यह सफलता दुनिया भर के उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो खेल की दुनिया में अपना नाम बनाना चाहते हैं।
मैदान पर उनके शांत स्वभाव और दबाव की स्थिति में भी संयम बनाए रखने की कला ने उन्हें दर्शकों का चहेता बना दिया है। खेल के जानकारों का मानना है कि यदि जोडर इसी तरह मेहनत करते रहे तो वह जल्द ही विश्व रैंकिंग में और ऊपर पहुंचेंगे। द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल और खेल विश्लेषकों की राय के मुताबिक, राफेल जोडर का यह सफर अभी तो बस शुरुआत है और आने वाले समय में वह टेनिस इतिहास के पन्नों पर अपना नाम जरूर दर्ज कराएंगे।
आगामी मुकाबलों और फिटनेस पर टिकी हैं निगाहें
किसी भी पेशेवर खिलाड़ी के लिए साल भर अपनी फिटनेस बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। राफेल जोडर के सामने भी अब यही मुख्य परीक्षा है कि वह लगातार होने वाले टूर्नामेंट्स के बीच खुद को कैसे तरोताजा रखते हैं। उनके ट्रेनर और फिजियो इस बात पर खास ध्यान दे रहे हैं कि लंबे मैचों के बाद खिलाड़ियों की मांसपेशियां जल्दी रिकवर हों। आने वाले महीनों में कई और बड़े मास्टर्स टूर्नामेंट होने हैं, जहां एक बार फिर जोडर का मुकाबला दुनिया के शीर्ष दस खिलाड़ियों से होने की पूरी उम्मीद है।
भारतीय खेल प्रेमियों के बीच भी अब अंतरराष्ट्रीय टेनिस को लेकर दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। सोशल मीडिया और खेल चैनलों पर राफेल जोडर के मैचों के हाइलाइट्स को काफी पसंद किया जा रहा है। खेल का यह बढ़ता दायरा और नए खिलाड़ियों का उभरना इस बात का प्रमाण है कि टेनिस का खेल अब पारंपरिक सीमाओं को पार कर चुका है। द फ्रीलान्स आगे भी इस युवा खिलाड़ी के खेल सफर और मैदान से जुड़ी हर बड़ी खबर पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा।








