नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — खेल के मैदान पर इन दिनों भारत और वेस्टइंडीज के बीच का मुकाबला सिर्फ रन और विकेट तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि मैदान पर खिलाड़ियों के बीच तनाव भी खुलकर सामने आ रहा है। वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ अपनी रफ्तार और आक्रामक तेवरों के कारण लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में हुए एक मुकाबले के दौरान शमार जोसेफ की आक्रामकता उस समय हद पार कर गई जब उन्होंने भारतीय बल्लेबाज के हेलमेट पर गेंद दे मारी। इस घटना के बाद मैदान पर माहौल काफी गर्म हो गया और दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच जुबानी जंग भी देखने को मिली। मैदान पर इस तरह की आक्रामकता देखकर क्रिकेट के जानकारों और पूर्व दिग्गजों की प्रतिक्रियाएं तेजी से सामने आ रही हैं, जिनमें भारतीय क्रिकेट के लीजेंड सुनील गावस्कर का गुस्सा सबसे ऊपर रहा है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ गेंदबाजी कर रहे थे और भारतीय युवा खिलाड़ी नीतीश कुमार रेड्डी क्रीज पर मौजूद थे। शमार जोसेफ की एक खतरनाक और तेज गेंद सीधे नीतीश कुमार रेड्डी के हेलमेट पर जा लगी, जिससे मैदान पर कुछ पलों के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि नीतीश कुमार रेड्डी ने इस चोट से घबराने के बजाय शानदार पलटवार किया और अगली गेंदों पर बैक टू बैक छक्के जड़कर गेंदबाज को करारा जवाब दिया। लेकिन इस तीखे मुकाबले के बीच भारतीय गेंदबाज अर्शदीप सिंह की फिटनेस को लेकर भी बड़ी चिंताएं सामने आ गई हैं। अर्शदीप के चोटिल होने की खबर ने भारतीय खेमे की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और फैंस के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या वह अगले अहम मुकाबले में खेल पाएंगे या नहीं। विकेटकीपर संजू सैमसन ने मीडिया के सामने आकर भारतीय गेंदबाज की फिटनेस पर ताजा अपडेट दिया है, जिससे थोड़ी राहत जरूर मिली है।
मैदान पर गरमाया माहौल और सुनील गावस्कर का तीखा बयान
क्रिकेट के मैदान पर जब भी जरूरत से ज्यादा आक्रामकता दिखाई देती है, तो अनुशासन पर सवाल उठना लाजिमी हो जाता है। वेस्टइंडीज के युवा गेंदबाज शमार जोसेफ के इस रवैये पर भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर का गुस्सा जमकर फूटा है। गावस्कर का मानना है कि खेल में जोश और आक्रामकता होना अच्छी बात है, लेकिन किसी खिलाड़ी के जीवन और स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाली आक्रामकता को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। शमार जोसेफ द्वारा बल्लेबाज के हेलमेट पर सीधे गेंद मारना और उसके बाद अनुचित हाव-भाव दिखाना खेल भावना के बिल्कुल खिलाफ माना जा रहा है। खेल प्रेमियों और विश्लेषकों का भी यही कहना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस तरह की हरकतों के लिए मैच रेफरी और आईसीसी को सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि मैदान की गरिमा बनी रहे।
दूसरी तरफ वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने हाल ही में अपनी टी20 वर्ल्ड कप की स्क्वॉड रिलीज की है, जिसमें क्वेंटिन सैम्प्सन के साथ-साथ शमार जोसेफ को भी पहली बार मौका मिला है। चयनकर्ताओं का मानना है कि शमार जोसेफ की तेज गति वाली गेंदबाजी वेस्टइंडीज की टीम के लिए आगामी विश्व कप में काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर उतरने से पहले इस युवा गेंदबाज को अपने गुस्से पर काबू पाना और खेल के नियमों का सम्मान करना सीखना होगा। मैदान पर आक्रामकता दिखाना और बल्लेबाज को मानसिक या शारीरिक रूप से डराने की कोशिश करना दो अलग बातें हैं, और शमार जोसेफ इस बार अपनी इसी आक्रामकता के कारण गलत कारणों से चर्चा में आ गए हैं।
अर्शदीप की चोट और टीम इंडिया की आगे की रणनीति
शमार जोसेफ के साथ हुए इस विवाद के बीच भारतीय टीम मैनेजमेंट का पूरा ध्यान अपने खिलाड़ियों की फिटनेस पर है। अर्शदीप सिंह के चोटिल होने के बाद टीम के गेंदबाजी आक्रमण पर भारी दबाव आ गया है, क्योंकि टीम के पास विकल्प सीमित होते जा रहे हैं। संजू सैमसन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया है कि मेडिकल टीम अर्शदीप की चोट पर लगातार नजर बनाए हुए है और कोई भी जोखिम नहीं लिया जाएगा। भारतीय टीम प्रबंधन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आगामी मैचों से पहले सभी खिलाड़ी पूरी तरह फिट और तरोताजा रहें ताकि मैदान पर विरोधी टीम को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।
इस पूरी सीरीज में एक तरफ जहां रोमांचक खेल देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ खिलाड़ियों की नोकझोंक ने मुकाबले को और अधिक दिलचस्प बना दिया है। शमार जोसेफ के लिए यह दौरा सीखने का एक बड़ा मौका है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिर्फ तेज गेंद फेंकना ही काफी नहीं होता, बल्कि अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना भी उतना ही जरूरी है। 'द फ्रीलान्स' की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि आने वाले मुकाबलों में दोनों टीमों के बीच यह तनाव और अधिक बढ़ सकता है। फैंस की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या शमार जोसेफ अपनी गेंदबाजी से सुर्खियां बटोरेंगे या एक बार फिर अपने गुस्से के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई का शिकार बनेंगे।





