नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर में इस समय ऑनलाइन शॉपिंग का बड़ा दौर चल रहा है। एक तरफ जहां ग्राहकों के लिए डिस्काउंट और ऑफर्स की बौछार हो रही है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी के अंदर से बहुत बुरी खबर सामने आई है। ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन ने अपने अलग-अलग विभागों से करीब एक हजार कर्मचारियों की नौकरी छीन ली है। यह छंटनी भारत, अमेरिका और ब्रिटेन समेत दुनिया के कई बड़े देशों में हुई है। त्योहारों के इस सीजन में अचानक नौकरी जाने से प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब अमेजन की बहुप्रतीक्षित 'ग्रेट इंडियन फेस्टिवल' सेल पूरी तरह लाइव हो चुकी थी। इस सेल में आईफोन, वनप्लस और बेस्ट-सेलिंग ईयरफोंस पर पचास से अस्सी प्रतिशत तक की भारी छूट मिल रही है। ग्राहक सस्ते दामों पर सामान खरीदने के लिए टूट पड़े हैं। लेकिन ठीक इसी समय कंपनी प्रबंधन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कॉस्ट कटिंग यानी खर्च घटाने के नाम पर कर्मचारियों की छंटनी का यह बड़ा कदम उठाया है। कंपनी का कहना है कि यह फैसला बाजार की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
त्योहारी सीजन में छंटनी से कर्मचारियों में मायूस माहौल
भारत में जब लोग धनतेरस और दीपावली की तैयारी में जुटे हैं, तब अमेजन के दफ्तरों में मातम जैसा माहौल है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में काम कर रहे करीब एक हजार लोगों को कंपनी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जिन कर्मचारियों पर गाज गिरी है, वे समझ नहीं पा रहे हैं कि त्योहार के इस पवित्र समय में उनके साथ ऐसा क्यों हुआ। कंपनी के इस कदम की चौतरफा आलोचना हो रही है क्योंकि एक तरफ तो भारी-भरकम विज्ञापनों के जरिए सेल का जश्न मनाया जा रहा है, और दूसरी तरफ चुपचाप नौकरियां खत्म की जा रही हैं।
बाजार के जानकारों का मानना है कि ई-कॉमर्स कंपनियां पिछले कुछ समय से अपने खर्चों पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही हैं। कोरोना काल के दौरान कंपनियों ने बहुत ज्यादा भर्तियां कर ली थीं, जिन्हें अब कम किया जा रहा है। अमेजन का यह कदम भी उसी रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, भारत के तकनीकी और ई-कॉमर्स सेक्टर में काम करने वाले युवाओं के बीच इस बात को लेकर भारी डर और असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। लोग अब अपनी नौकरियों को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे हैं।
सेल की चमक और अंदरूनी कड़वी सच्चाई
अमेजन की इस सेल में ग्राहकों को स्मार्टफोन्स से लेकर ईयरफोंस तक हर चीज पर आधी से ज्यादा कीमत की छूट मिल रही है। फ्लिपकार्ट और अमेजन के बीच इस महामुकाबले में ग्राहकों की चांदी है, क्योंकि हर कोई कम दाम में बेहतरीन सामान खरीदना चाहता है। लेकिन इस चमक-धमक के पीछे छिपी यह कड़वी सच्चाई भी अब बाहर आ चुकी है कि बड़ी टेक कंपनियां अपने मुनाफे को सुरक्षित रखने के लिए आम कर्मचारियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही हैं। एक हजार नौकरियों का जाना कोई छोटा आंकड़ा नहीं है।
प्रभावित कर्मचारियों को मिलने वाले मुआवजे और दूसरी औपचारिकताओं पर भी अभी पूरी स्थिति साफ नहीं हो पाई है। भारत के श्रम बाजारों में इस तरह की छंटनी के खिलाफ पहले भी आवाजें उठती रही हैं, लेकिन कानूनी सुरक्षा कमजोर होने के कारण कर्मचारियों को बड़ी राहत नहीं मिल पाती है। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही कंपनी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान आएगा, हम आप तक सबसे पहले पहुंचाएंगे। तब तक फेस्टिव सेल के ऑफर्स का आनंद लेते हुए अपनी वित्तीय सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखें।






