नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के ई-कॉमर्स बाजार में इस समय फेस्टिव सीजन का खुमार अपने चरम पर है। अमेजन की बहुप्रतीक्षित 'ग्रेट इंडियन फेस्टिवल' सेल आधिकारिक तौर पर लाइव हो चुकी है। इस सेल के शुरू होते ही देश के करोड़ों ग्राहक अपने पसंदीदा सामान की ऑनलाइन खरीदारी में जुट गए हैं। आईफोन 16 से लेकर प्रीमियम ईयरफोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर भारी डिस्काउंट दिया जा रहा है। कंपनियां इस त्योहारी सीजन में अपनी बिक्री का आंकड़ा बढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं और ग्राहकों को लुभाने के लिए आकर्षक बैंक ऑफर्स भी पेश किए जा रहे हैं।
लेकिन इस चमक-धमक और भारी-भरकम डिस्काउंट के बीच एक बहुत बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। एक तरफ जहां ग्राहक सस्ते दामों पर सामान खरीदने में व्यस्त हैं, वहीं दूसरी तरफ कंपनी के भीतर छंटनी का बड़ा दौर शुरू हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेजन ने दुनिया भर में करीब 1,000 कर्मचारियों की नौकरियों पर कैंची चला दी है। इस छंटनी का असर भारत, अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई अन्य देशों में काम कर रहे कर्मचारियों पर सीधा पड़ा है। इस अचानक हुए फैसले से नौकरी खोने वाले लोगों के सामने बड़ी आर्थिक और मानसिक चुनौती खड़ी हो गई है।
सेल के जश्न के बीच छंटनी का साया
त्योहारी सीजन किसी भी ई-कॉमर्स कंपनी के लिए साल का सबसे बड़ा और व्यस्त समय होता है। इस दौरान कंपनियां आमतौर पर अस्थाई कर्मचारियों या डिलीवरी एजेंटों की भर्ती करती हैं ताकि बढ़ते ऑर्डर को समय पर पूरा किया जा सके। इसके विपरीत, अमेजन द्वारा इस मुख्य अवधि में ही मुख्य कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला हैरान करने वाला है। प्रभावित होने वाले कर्मचारियों में अलग-अलग विभागों के लोग शामिल हैं, जिन्हें बिना किसी पूर्व चेतावनी के नौकरी से हटाने के निर्देश मिले हैं। भारत में काम करने वाले कई टेक प्रोफेशनल्स और कॉर्पोरेट स्टाफ इस फैसले से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
कंपनी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह कदम लागत कम करने और कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति का हिस्सा है। पिछले कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर तकनीकी कंपनियों में खर्चों पर लगाम लगाने का दौर चल रहा है। अमेजन भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है ताकि अनावश्यक खर्चों को रोका जा सके। हालांकि, त्योहारों के ठीक बीच में इस तरह की कार्रवाई से कंपनी की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्राहकों के लिए तो यह सेल सस्ते सामान खरीदने का एक बेहतरीन मौका है, लेकिन कर्मचारियों के लिए यह समय गहरी अनिश्चितता और तनाव से भरा हुआ साबित हो रहा है।
आईफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स पर मिल रही है बंपर छूट
अगर बाजार के दूसरे पहलू यानी खरीदारी की बात करें तो अमेजन की इस सेल में ग्राहकों को बंपर बचत करने का मौका मिल रहा है। हाल ही में लॉन्च हुए आईफोन 16 पर विशेष बैंक डिस्काउंट और एक्सचेंज ऑफर दिए जा रहे हैं। इसके अलावा बेस्ट-सेलिंग वायरलेस ईयरफोन और हेडफोन पचास से सत्तर प्रतिशत तक के भारी डिस्काउंट पर बेचे जा रहे हैं। फ्लिपकार्ट और अमेजन के बीच मचे इस फेस्टिव मुकाबले का सीधा फायदा आम ग्राहकों को मिल रहा है जो कम बजट में बेहतरीन गैजेट्स घर ले जाना चाहते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर भारी ट्रैफिक देखा जा रहा है और डिलीवरी नेटवर्क भी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहा है।
दूसरी तरफ, नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और प्रोफेशनल नेटवर्क्स पर मदद की गुहार लगनी शुरू हो गई है। देश के कई वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों ने अमेजन के इस कदम की आलोचना की है। उनका मानना है कि जब कंपनी अरबों रुपये का कारोबार कर रही है और फेस्टिव सेल के जरिए रिकॉर्ड कमाई का लक्ष्य रख रही है, तब इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाना पूरी तरह से असंवेदनशील है। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले में कंपनी के आधिकारिक रुख और प्रभावित कर्मचारियों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
आगे क्या होगा बाजार का रुख?
इस पूरी घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि आधुनिक कॉर्पोरेट दुनिया में कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा कितनी कमजोर हो चुकी है। एक तरफ त्योहारी उल्लास और बंपर बिक्री का जश्न है, तो दूसरी तरफ चुपचाप किए जा रहे बड़े पैमाने पर जॉब कट हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अन्य कंपनियां भी इसी रास्ते पर चलती हैं या अमेजन अपने इस फैसले पर कोई नरमी बरतती है। फिलहाल खरीदार अपनी शॉपिंग सूचियों को पूरा करने में व्यस्त हैं, जबकि प्रभावित पेशेवर अपनी अगली नौकरी की तलाश में संघर्ष करने को मजबूर हैं।










