नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के जाने-माने उद्योगपति अनिल अंबानी के लिए मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले कुछ समय से लगातार कानूनी और वित्तीय मोर्चों पर उन्हें झटके मिल रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में उनकी प्रमुख कंपनी रिलायंस पावर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के तहत कंपनी के हजारों करोड़ रुपये के शेयर और बैंक बैलेंस को जब्त कर लिया गया है। इस कदम से कंपनी और उसके निवेशकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। बाजार में इस खबर के आने के बाद से हलचल तेज हो गई है और हर कोई इसके दूरगामी प्रभावों पर नजर बनाए हुए है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस ताजा कानूनी शिकंजे में रिलायंस पावर के कुल 2026 करोड़ रुपये के शेयर शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी का 6.16 करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस भी जब्त कर लिया गया है। यह कार्रवाई वित्तीय नियमों और बकाये के भुगतान से जुड़े मामलों के तहत की गई है। उद्योग जगत में चर्चा है कि अनिल अंबानी की कंपनियों के लिए पिछला कुछ समय बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। कर्ज के बोझ से उबरने की कोशिशों के बीच इस तरह की कार्रवाई से कंपनी की आर्थिक सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है। आम निवेशकों के मन में भी अब अपने पैसों को लेकर डर का माहौल पैदा होने लगा है।
रिलायंस पावर पर गिरी गाज और वित्तीय संकट की पूरी कहानी
एक तरफ जहां रिलायंस पावर पर प्रशासनिक और वित्तीय कार्रवाई का डंडा चला है, वहीं दूसरी तरफ अंबानी परिवार की निजी मुश्किलें भी कम नहीं हो रही हैं। ताजा कानूनी मामलों में एक नया मोड़ तब आया जब दिल्ली हाईकोर्ट को इस मामले में दखल देना पड़ा। अदालत ने अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर यानी एलओसी के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। इस आदेश के बाद से प्रशासनिक महकमे में भी तेजी आ गई है और एलओसी से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है।
अदालत के इन निर्देशों का सीधा मतलब यह है कि अब जांच एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को अंबानी परिवार के सदस्यों के विदेश यात्रा प्रतिबंधों और कानूनी नोटिसों का पूरा ब्योरा देना होगा। पिछले कुछ वर्षों में देश के कई बड़े उद्योगपतियों के खिलाफ इस तरह के कड़े कदम उठाए गए हैं। अनिल अंबानी के मामले में भी जांच एजेंसियां बेहद सतर्कता से काम कर रही हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में अदालत के इन निर्देशों के बाद कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है और परिवार इस चुनौती का किस तरह सामना करता है।
बंद हो चुकी टेलीकॉम कंपनी और एक्टिव नंबरों का नया पहेली
इस बीच अनिल अंबानी के व्यावसायिक साम्राज्य से जुड़ी एक और हैरान करने वाली बात सामने आई है। पिछले करीब आठ साल से पूरी तरह ठप पड़ी उनकी पुरानी टेलीकॉम कंपनी से जुड़ा एक अजीब मामला चर्चा में है। दस्तावेजों के अनुसार, कंपनी के बंद होने के बावजूद आज भी देश में दर्जनों मोबाइल नंबर एक्टिव हालात में पाए गए हैं। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इन बचे हुए मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कौन कर रहा है और इन्हें बंद क्यों नहीं किया गया है। यह तकनीकी और प्रशासनिक चूक है या इसके पीछे कोई और बड़ी वजह है, इसकी जांच की मांग भी उठने लगी है।
आम जनता और छोटे निवेशकों के बीच इन तमाम खबरों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। एक समय देश के सबसे रईस और ताकतवर कारोबारियों में गिने जाने वाले अनिल अंबानी का साम्राज्य आज कई तरह के कानूनी मुकदमों और वित्तीय संकटों में घिरा हुआ है। कभी टेलीकॉम सेक्टर में राज करने वाले अंबानी की कंपनियों का इस तरह संकट में आना भारतीय कॉरपोरेट इतिहास का एक बड़ा अध्याय माना जा रहा है। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे आने वाले नए कानूनी अपडेट्स आप तक पहुंचाती रहेगी।






