नई दिल्ली के आसमान पर एक बार फिर राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है जब एनएसयूआई यानी नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर बड़ा प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देश की राजधानी में एक बड़े मुद्दे को लेकर आयोजित किया गया था, लेकिन देखते ही देखते यह विरोध प्रदर्शन पुलिस और छात्रों के बीच सीधी भिड़ंत में बदल गया। हालात इतने बिगड़ गए कि दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई और कई जगह धक्का-मुक्की की तस्वीरें सामने आईं। इस दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं के बीच जमकर गहमागहमी का माहौल बन गया, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया।
घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए कड़ा रुख अपनाया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला और एक महिला पुलिसकर्मी के बीच तीखी हाथापाई होने की खबर सामने आई। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के उनके साथियों पर लाठियां चलाईं और उन्हें जबरन गाड़ियों में ठूंसकर थाने ले जाया गया। इस कार्रवाई में कई छात्र और छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और चौंकाने वाले खुलासे
मामले के तूल पकड़ने के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तुरंत मोर्चा संभाला और पीड़ित एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को सीधे मीडिया के सामने पेश किया। दिल्ली में आयोजित इस विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में घायल छात्रों ने अपनी आपबीती सुनाई और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। कॉन्फ्रेंस के दौरान एनएसयूआई की एक महिला छात्रा ने मीडिया के कैमरों के सामने रोते हुए अपनी दर्दनाक दास्तां सुनाई। उसने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बेहद शर्मनाक और अमानवीय व्यवहार किया।
छात्रा ने कांपती आवाज में आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके प्राइवेट पार्ट पर मारा और उसे बेहद अपमानजनक गालियां दीं। उसने कहा कि पुलिस ने वर्दी की आड़ में कानून की धज्जियां उड़ाई हैं और एक महिला कार्यकर्ता के साथ इस तरह की हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य है। राहुल गांधी ने इस दौरान मोबाइल फोन पर कुछ वीडियो फुटेज भी दिखाए, जिनमें पुलिसकर्मी कथित रूप से प्रदर्शनकारियों को गालियां देते और पीटते हुए नजर आ रहे थे। राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए इन युवा छात्रों को बहुत बेरहमी से पीटा गया है और उनके साथ जानवरों जैसा सलूक किया गया है।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल और खुली चेतावनी
इस पूरी घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है और कांग्रेस पार्टी हमलावर मुद्रा में आ गई है। राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों और केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता के नशे में चूर पुलिस प्रशासन को इस ज्यादती का हिसाब देना होगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इस तरह के दमनकारी कदमों से छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है और कांग्रेस पार्टी पीड़ित छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने कानून को अपने हाथ में लिया है, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया है और अपनी सफाई में कहा है कि पुलिस ने केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग किया था। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की थी और पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की थी, जिसके कारण उन्हें खदेड़ना जरूरी हो गया था। बहरहाल, इस घटना के बाद से दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है तथा राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
छात्र राजनीति और आगे का संघर्ष
इस ताजा विवाद ने एक बार फिर देश की राजधानी में छात्र राजनीति और पुलिस प्रशासन के बीच के पुराने तनाव को सतह पर ला दिया है। यूनिवर्सिटी परिसरों से शुरू होने वाली छात्र राजनीति अब सीधे सड़कों और संसद के गलियारों तक गूंजने लगी है। एनएसयूआई के नेताओं ने साफ कर दिया है कि अगर घायल कार्यकर्ताओं को न्याय नहीं मिला और दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत एक्शन नहीं लिया गया, तो वे पूरे देश में बड़ा आंदोलन करेंगे। आम जनता और युवाओं के बीच भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक पारा और अधिक चढ़ने के पूरे आसार हैं।







