नई दिल्ली से ग्राउंड रिपोर्ट — देश के कारोबारियों और छोटे व्यापारियों के लिए आज का दिन बेहद अहम है। नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में कई बड़े और कड़े नियमों को नरम करने पर विचार किया जा रहा है। देश भर के व्यापारियों की नजरें इस बैठक के फैसलों पर टिकी हुई हैं। बैठक में हिस्सा लेने के लिए कई राज्यों के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री भी दिल्ली पहुंच चुके हैं।
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक आज की इस बैठक में करीब 12 बड़े बदलावों पर मुहर लग सकती है। इनमें सबसे बड़ा मुद्दा टैक्स अधिकारियों द्वारा की जाने वाली गिरफ्तारियों का है। सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि आपराधिक कार्रवाई और गिरफ्तारी की सीमा को बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दिया जाए। अगर ऐसा होता है तो छोटे और मंझोले कारोबारियों को बेवजह की कानूनी परेशानियों से बड़ी राहत मिल जाएगी।
व्यापारियों को मिल सकती है गिरफ्तारी और आईटीसी रिफंड में राहत
जीएसटी लागू होने के बाद से ही कारोबारी संगठन लगातार नियमों को सरल बनाने की मांग कर रहे थे। खासकर अधिकारियों के पास मौजूद असीमित शक्तियों को लेकर व्यापारियों में नाराजगी थी। अब काउंसिल इन कमियों को दूर करने की तैयारी में जुटी है। बैठक के दौरान इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी आईटीसी रिफंड से जुड़े मामलों को भी तेजी से सुलझाने पर चर्चा हो रही है। रिफंड में आने वाली रुकावटें दूर होने से कंपनियों का कामकाज आसान हो जाएगा।
राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी इस बैठक में अपने-अपने सुझाव रखे हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत कई राज्यों के प्रमुख नेता इस उच्च स्तरीय मंथन में शामिल हुए हैं। क्षेत्रीय स्तर पर आ रही दिक्कतों को केंद्रीय मंच पर रखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि कर चोरी रोकने के साथ-साथ व्यापार के माहौल को भी बेहतर बनाना जरूरी है। नियमों के सरल होने से देश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा।
मोबाइल कांग्रेस और नई तकनीक के बीच हो रही है यह बैठक
एक तरफ जहां जीएसटी काउंसिल टैक्स सुधारों पर मंथन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ देश में तकनीकी विकास का दौर भी जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इंडिया मोबाइल कांग्रेस का उद्घाटन करने वाले हैं। तकनीक और कर प्रणाली के इस तालमेल से देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। बाजार विशेषज्ञ मान रहे हैं कि डिजिटल सुधारों से कर प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
आम जनता और दुकानदारों के मन में अब भी सवाल है कि इन बदलावों का उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर क्या असर होगा। जानकारों का कहना है कि कर प्रक्रिया आसान होने से बाजार में महंगाई कम हो सकती है। सामानों की आवाजाही तेज होने से चीजें समय पर और सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगी। स्थानीय बाजारों से लेकर बड़े उद्योगों तक हर कोई इस बैठक के अंतिम फैसलों का इंतजार कर रहा है।
आगामी महीनों में लागू हो सकते हैं नए और सरल दिशा-निर्देश
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि काउंसिल के ये प्रस्ताव लंबे समय से लंबित थे। व्यापारियों के विरोध और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। बैठक खत्म होने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इन सभी फैसलों की आधिकारिक घोषणा करेंगी। नए दिशा-निर्देशों के लागू होने से देश के कर ढांचे में एक नया बदलाव देखने को मिलेगा।





