नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — आज गूगल ट्रेंड्स पर 'ईपीएल' अचानक सबसे बड़े खोज विषयों में शामिल हो गया है। खेल जगत से लेकर शेयर बाजार के गलियारों तक, इस नाम को लेकर कई बड़ी खबरें एक साथ सामने आई हैं। आम तौर पर इस संक्षिप्त नाम का इस्तेमाल अंग्रेजी प्रीमियर फुटबॉल लीग के लिए होता है, लेकिन भारत में इस समय यह क्रिकेट, शेयर बाजार और कॉर्पोरेट जगत की हलचल के साथ जुड़ा हुआ है। द फ्रीलान्स की टीम ने जब इस ट्रेंड की गहराई से पड़ताल की, तो कई चौकाने वाले और दिलचस्प तथ्य सामने आए।
इस ट्रेंड के बढ़ने की सबसे बड़ी वजह आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग से जुड़ी हलचल है। मेगा नीलामी से पहले पंजाब किंग्स के कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव हुए हैं और दो मुख्य कोचों ने टीम का साथ छोड़ दिया है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश टी20 लीग और घरेलू क्रिकेट में खिलाड़ियों के चयन को लेकर भी बहस छिड़ी हुई है। दूसरी तरफ, पाकिस्तान सुपर लीग यानी पीएसएल का कार्यक्रम एक बार फिर आईपीएल की तारीखों से टकरा गया है, जिससे खेल प्रेमियों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि दोनों टूर्नामेंट एक ही समय पर कैसे खेले जाएंगे।
शेयर बाजार में ईपीएल लिमिटेड की चमक
खेल के मैदान से हटकर अगर वित्तीय बाजार की बात करें, तो वहां भी ईपीएल का जिक्र जोरों पर है। बाजार विशेषज्ञ विकास सेठी ने निवेशकों के लिए जिन चुनिंदा शेयरों की सिफारिश की है, उनमें मॉस्चिप टेक्नोलॉजीज के साथ ईपीएल लिमिटेड का नाम भी शामिल है। निवेशकों के बीच इस बात की चर्चा है कि इस कंपनी के शेयर आने वाले दिनों में कैसा प्रदर्शन करेंगे। शेयर बाजार से जुड़े लोग इस स्टॉक की चाल पर करीबी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि पिछले कुछ सत्रों में इसमें निवेशकों की अच्छी खासी दिलचस्पी देखी गई है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि पैकेजिंग और अन्य क्षेत्रों में काम करने वाली ईपीएल लिमिटेड जैसी कंपनियां लंबे समय के निवेश के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं। यही वजह है कि वित्तीय मंचों पर इस शेयर को लेकर लगातार सवाल पूछे जा रहे हैं। सोशल मीडिया और बिजनेस चैनलों पर इस स्टॉक की चर्चा होने से सर्च इंजन पर इस शब्द की लोकप्रियता अचानक काफी बढ़ गई है, जिसे गूगल ट्रेंड्स में साफ तौर पर देखा जा सकता है।
ऑनलाइन सट्टेबाजी पर पुलिस का कड़ा शिकंजा
इस बीच, ऑनलाइन गेमिंग और अवैध गतिविधियों से जुड़ी खबरों ने भी इस ट्रेंड को बढ़ावा दिया है। देश के विभिन्न हिस्सों से आईपीएल और अन्य खेल लीग के नाम पर चल रहे अवैध सट्टा नेटवर्क के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से ऑनलाइन सट्टा मामले में एक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया गया है जिसके पास से महंगे आईफोन और कारें जब्त की गई हैं। इस तरह की आपराधिक घटनाएं भी खेल के प्रति लोगों का ध्यान खींच रही हैं।
प्रशासन की इन सख्त कार्रवाइयों से यह साफ हो गया है कि खेल के नाम पर चलने वाले अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि इस तरह के अवैध नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए डिजिटल सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है ताकि सट्टेबाजी के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचा जा सके।
खेल और व्यापार का मिलाजुला असर
कुल मिलाकर देखा जाए तो 'ईपीएल' का यह ट्रेंड किसी एक घटना का नतीजा नहीं है, बल्कि यह खेल, शेयर बाजार और अपराध जगत की कई खबरों का मिलाजुला रूप है। एक तरफ जहां खेल प्रेमी क्रिकेट की नई रणनीतियों और नीलामी पर नजर गड़ाए हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ निवेशक अपने मुनाफे के लिए सही शेयरों की तलाश कर रहे हैं। द फ्रीलान्स की यह पड़ताल बताती है कि इंटरनेट पर किसी ट्रेंड के पीछे अक्सर कई अलग-अलग विषयों की कहानियां छिपी होती हैं, जो पाठकों को एक ही मंच पर पढ़ने को मिलती हैं।





