नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों मुकेश अंबानी की कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज को लेकर निवेशकों में जबरदस्त हलचल बनी हुई है। कंपनी के हालिया तिमाही नतीजे सामने आए हैं, जिसमें मुनाफे में 51 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस बड़ी गिरावट के बावजूद कंपनी के शेयरों में कमजोरी नहीं आई है। बाजार में कंपनी का जलवा लगातार कायम है और इसका कुल मार्केट कैप दो लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर भी इन दिनों नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे पूरे समूह के निवेशकों में उत्साह का माहौल है।
आम निवेशकों के बीच यह सवाल बड़ा है कि मुनाफा घटने के बाद भी कंपनी का बाजार मूल्यांकन इतनी तेजी से कैसे बढ़ रहा है। वित्तीय जानकारों का मानना है कि निवेशक मौजूदा आंकड़ों से ज्यादा कंपनी के भविष्य के कारोबार और उसकी बड़ी योजनाओं पर दांव लगा रहे हैं। जियो फाइनेंशियल सिर्फ पारंपरिक कर्ज देने के काम तक सीमित नहीं रहना चाहती है। कंपनी बीमा, म्यूचुअल फंड और डिजिटल पेमेंट जैसे कई बड़े क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी कर रही है। यही कारण है कि तिमाही नतीजों में कमजोरी दिखने के बावजूद शेयर बाजार में इस पर बड़ा भरोसा जताया जा रहा है।
सिर्फ दस रुपये में चांदी खरीदने की नई सुविधा
बाजार में अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए कंपनी ने हाल ही में एक नया और अनूठा कदम उठाया है। जियोफाइनेंस ने अपने प्लेटफॉर्म पर 'जियोसिल्वर' नाम से एक नई सर्विस की शुरुआत की है। इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आम लोग अब मात्र दस रुपये से भी चांदी में पैसा लगा सकते हैं। भौतिक रूप से चांदी खरीदना हर आम आदमी के बस की बात नहीं होती है और उसकी सुरक्षा की चिंता भी रहती है। ऐसे में डिजिटल रूप से छोटी बचत करने वाले छोटे निवेशकों के लिए यह विकल्प काफी आकर्षक साबित हो सकता है।
कंपनी का यह कदम देश के छोटे शहरों और गांवों के उन करोड़ों लोगों को ध्यान में रखकर उठाया गया है जो सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं। सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव को देखते हुए डिजिटल मेटल में निवेश का यह तरीका तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जियो के इस नए उत्पाद से फिनटेक बाजार में पहले से मौजूद दूसरी कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलने की पूरी उम्मीद है। कंपनी की योजना अपने इस ऐप के जरिए लोन, बीमा और निवेश से जुड़ी सभी वित्तीय सेवाएं एक ही छत के नीचे देने की है।
बाजार में दूसरी कंपनियों पर इसका क्या असर पड़ेगा
जियो फाइनेंशियल के इन बड़े कदमों का असर सीधे तौर पर देश की दूसरी वित्तीय और फिनटेक कंपनियों पर पड़ रहा है। पारंपरिक बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां अब अपनी डिजिटल सेवाओं को और तेज करने पर मजबूर हो रही हैं। रिलायंस समूह की वित्तीय ताकत और उसके पास पहले से मौजूद जियो टेलीकॉम के विशाल ग्राहक आधार का फायदा इस कंपनी को सीधा मिल रहा है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह कंपनी छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को बहुत कम ब्याज दर पर कर्ज और आसान डिजिटल सेवाएं दे सकती है।
हालांकि, मुनाफे में आई 51 प्रतिशत की यह भारी गिरावट इस बात की ओर भी इशारा करती है कि कंपनी फिलहाल अपने कारोबार को फैलाने पर ज्यादा खर्च कर रही है। नए तकनीकी सेटअप, कर्मचारियों की भर्ती और मार्केटिंग पर बड़ा पैसा खर्च होने की वजह से शुरुआती दौर में मुनाफे पर असर दिखना स्वाभाविक है। लेकिन लंबी अवधि के लिहाज से इसे एक सुनियोजित रणनीति माना जा रहा है। शेयर बाजार में आज भी रिलायंस और जियो फाइनेंशियल के शेयर निवेशकों के मुख्य फोकस में बने हुए हैं और इनमें लगातार उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार हो रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति
जो लोग इस कंपनी के शेयरों में पैसा लगाना चाहते हैं, उन्हें बाजार के जानकारों की सलाह पर ध्यान देना चाहिए। चूंकि कंपनी अभी अपने शुरुआती विस्तार के दौर से गुजर रही है, इसलिए इसके शेयरों में शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने वाले लोग हर बड़ी गिरावट पर शेयर खरीद सकते हैं। कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत है और प्रमोटर्स की साख भी काफी ऊंची है, जिससे बड़े निवेशकों का भरोसा इस पर लगातार बना हुआ है।
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल यह बताती है कि आने वाले महीनों में जियो फाइनेंशियल पेमेंट बैंक और मर्चेंट लोन के सेगमेंट में कुछ बड़े ऐलान कर सकती है। अगर कंपनी अपने यूजर बेस को सक्रिय रूप से वित्तीय लेन-देन से जोड़ने में सफल रहती है, तो आने वाले तिमाहियों के नतीजे काफी चौकाने वाले हो सकते हैं। फिलहाल निवेशकों को किसी भी अफवाह से बचते हुए कंपनी के आधिकारिक आंकड़ों और बाजार के तकनीकी रुझानों को देखकर ही कोई भी वित्तीय फैसला लेना चाहिए।










