नई दिल्ली/बेंगलुरु ग्राउंड ब्यूरो — देश की राजनीति में एक बार फिर कर्नाटक का एनआईसीई प्रोजेक्ट चर्चा का केंद्र बन गया है। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने इस मामले में राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा है कि जिन किसानों की जमीन इस प्रोजेक्ट के लिए गई थी, उन्हें आज तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है। यह मामला पिछले कई दिनों से राजनीतिक गलियारों में गरमाया हुआ है।
कुमारस्वामी ने राज्य के मंत्रियों द्वारा मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का बचाव करने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मंत्रियों को सच्चाई का साथ देना चाहिए न कि अनियमितताओं को छुपाना चाहिए। इस प्रोजेक्ट को लेकर नए सिरे से जुबानी जंग शुरू हो गई है। दोनों तरफ के नेता एक दूसरे पर भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
अनधिकृत टोल वसूली और मुआवजे का संकट
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए प्रोजेक्ट पर चल रही अवैध टोल वसूली को तुरंत रोकने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आम जनता और वाहन चालकों से बिना नियमों के पैसे वसूले जा रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि सरकार को इस पूरे प्रोजेक्ट को अपने हाथ में ले लेना चाहिए। किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने की बात कहकर उन्होंने इस विवाद को और हवा दे दी है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि उनकी जमीनों का सही दाम उन्हें नहीं मिला है। वादों के बावजूद आज भी कई परिवार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। कुमारस्वामी के इस बयान के बाद किसानों में एक बार फिर उम्मीद जगी है कि शायद उन्हें उनका हक मिल सके। हालांकि राज्य सरकार की तरफ से अभी तक इस पर कोई बड़ा आधिकारिक कदम नहीं उठाया गया है।
राजनीतिक बयानबाजी और मंत्रियों की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राज्य के अन्य मंत्रियों ने कुमारस्वामी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि विपक्ष केवल राजनीति चमकाने के लिए पुराने मुद्दों को हवा दे रहा है। मंत्रियों का दावा है कि सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दोनों पक्षों के बयानों से राज्य का राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है।
एक तरफ जहां नेता राजनीतिक तीर चला रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम जनता और किसान इस खींचतान से परेशान हैं। लोग चाहते हैं कि आरोप-प्रत्यारोप की बजाय समस्याओं का जमीनी समाधान निकाला जाए। प्रोजेक्ट में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग भी अब जोर पकड़ने लगी है। जनता की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।
इलेक्ट्रिक वाहनों का टेस्ट ड्राइव भी चर्चा में
राजनीतिक सरगर्मी के बीच केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला है। उन्होंने हाल ही में टाटा की नई हैरियर ईवी और किआ की करेन क्लेविस ईवी का टेस्ट ड्राइव लिया है। गाड़ियों में बैठकर उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहे हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में उनकी इस रुचि को लोग काफी पसंद कर रहे हैं।
एक तरफ जहां वे गंभीर राजनीतिक मुद्दों पर सरकार को घेर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आधुनिक तकनीकी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देते नजर आ रहे हैं। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम और जमीनी अपडेट पर लगातार नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर और नए खुलासे होने की पूरी उम्मीद है।











