नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के बाजारों में इस समय ऑनलाइन शॉपिंग सेल का जोरदार शोर सुनाई दे रहा है। आज रात से शुरू होने जा रही इन बड़ी बिक्री का असर आम आदमी की जेब और खरीदारी के तरीकों पर साफ देखा जा सकता है। लोग अपने पसंदीदा सामान को सस्ते दामों पर खरीदने के लिए महीनों से इंतजार कर रहे थे। बड़ी कंपनियों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए अपने मंच पर तरह-तरह के ऑफर सजा दिए हैं। इस त्योहारी सीजन जैसी रौनक ने अभी से बाजार का पारा चढ़ा दिया है और हर कोई इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहता है।
इस बार की सेल में सबसे ज्यादा चर्चा एप्पल के नए आईफोन और महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की हो रही है। लोग आईफोन पर मिलने वाली भारी छूट और बैंक ऑफर्स के बारे में लगातार जानकारी जुटा रहे हैं। केवल फोन ही नहीं बल्कि टीवी, फ्रिज और साउंडबार जैसे गैजेट्स पर भी भारी कटौती देखने को मिल रही है। जानकारों का कहना है कि कंपनियों का मुख्य मकसद ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को अपनी ओर खींचना है। इसके लिए हर घंटे नए ऑफर्स और सीमित समय की डील्स परोसी जा रही हैं, जिससे खरीदारों में एक अजीब सी दौड़ मची हुई है।
कारों की ऑनलाइन बुकिंग और भारी छूट का क्रेज
केवल छोटे गैजेट्स ही नहीं बल्कि गाड़ियों के बाजार में भी इस सेल का सीधा असर दिख रहा है। देश के विभिन्न शहरों में लोकप्रिय एसयूवी गाड़ियां आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। जीरकपुर जैसे इलाकों में महिंद्रा की दमदार गाड़ियां भी अब खास दामों पर बिक रही हैं। लोग शोरूम जाने के बजाय अब ऑनलाइन ही गाड़ियों के फीचर्स और कीमतों की तुलना कर रहे हैं। इस बदलते ट्रेंड ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी एक नई हलचल पैदा कर दी है, जहां ग्राहक घर बैठे ही अपनी पसंद की गाड़ी बुक कर रहे हैं।
ऑनलाइन मंचों पर दी जा रही इन छूटों के पीछे एक बड़ा व्यावसायिक गणित काम कर रहा है। कंपनियां साल के इस समय में अपना पुराना स्टॉक निकालने और नया माल खपाने की जुगत में रहती हैं। यही वजह है कि स्मार्टफोन, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान पर पचासी प्रतिशत तक की भारी छूट का दावा किया जा रहा है। हालांकि, जानकारों का यह भी मानना है कि इतनी बड़ी छूट के चक्कर में कई बार लोग जरूरत से ज्यादा सामान खरीद लेते हैं। इसलिए खरीदारों के लिए यह जरूरी है कि वे किसी भी डील पर आंख मूंदकर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी सच्चाई जांच लें।
रीचार्ज और खरीदारी से पहले इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
खरीदारी का यह मौसम जितना चमकदार दिखता है, उतनी ही सावधानी की इसमें जरूरत होती है। सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर इन दिनों ढेरों लुभावने लिंक और फर्जी विज्ञापन तैर रहे हैं। कई बार लोग बिना सोचे-समझे इन लिंक्स पर क्लिक कर देते हैं और अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं। हमारी पड़ताल में यह बात सामने आई है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी प्रमाणिकता जरूर जांच लेनी चाहिए। असली और नकली वेबसाइट के बीच का फर्क समझना इस समय हर ग्राहक के लिए सबसे बड़ा हथियार है।
बाजार में चल रही इस उठापटक के बीच आम ग्राहक यानी जनता की प्रतिक्रिया भी मिली-जुली है। कुछ लोगों का मानना है कि इन सेलों के जरिए उन्हें वो सामान बहुत सस्ते में मिल जाता है जो वे आम दिनों में नहीं खरीद पाते। वहीं कुछ समझदार खरीदारों का कहना है कि कई बार डिस्काउंट का दिखावा मात्र होता है और कीमतें पहले बढ़ाकर फिर कम की जाती हैं। हमारी टीम ने जब जमीनी स्तर पर लोगों से बात की तो यह बात सामने आई कि समझदारी से की गई खरीदारी ही असली बचत है। विज्ञापनों की चमक-दमक से दूर रहकर अगर जरूरत का सामान ही खरीदा जाए तभी इस सेल का असली फायदा मिल सकता है।
बाजार और अर्थव्यवस्था पर क्या पड़ेगा इसका असर
त्योहारी सीजन से पहले शुरू हुई इन बड़ी सेल्स का देश की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ता है। जब बाजार में बंपर खरीदारी होती है तो छोटे कारोबारियों से लेकर बड़े लॉजिस्टिक्स तक सभी का पहिया तेजी से घूमने लगता है। डिलीवरी बॉय से लेकर गोदाम में काम करने वाले कर्मचारियों तक की मांग अचानक बढ़ जाती है। हालांकि, इस भारी-भरकम कारोबार के बीच स्थानीय दुकानदारों का यह दर्द भी सामने आता है कि ऑनलाइन छूट के आगे उनकी दुकानें सूखी रह जाती हैं। इसके बावजूद, बदलते वक्त के साथ हर व्यापारी अब खुद को डिजिटल माध्यमों से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड रिपोर्ट का लब्बोलुआब यही है कि सेल का यह दौर भले ही आपको चमकती हुई दुनिया में ले जाए, लेकिन होश में रहना सबसे ज्यादा जरूरी है। कंपनियां अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए नए-नए पैंतरे अपनाएंगी, लेकिन अंतिम फैसला हमेशा ग्राहक की जेब और उसकी समझदारी पर निर्भर करता है। ऑफर्स की इस आंधी में अपनी जरूरत को पहचानना और वित्तीय अनुशासन बनाए रखना ही सबसे समझदारी भरा कदम होगा। आगामी दिनों में इन सेल्स के आंकड़े क्या तस्वीर पेश करेंगे, इस पर हमारी पैनी नजर बनी रहेगी।



