मनसा (पंजाब) / द फ्रीलान्स ग्राउंड ब्यूरो — पंजाब के मनसा जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां नशे के काले कारोबार के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले जाने-माने एंटी-ड्रग्स एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह पूरी वारदात एक मेडिकल स्टोर के अंदर हुई है। इस घटना ने एक बार फिर पंजाब की कानून-व्यवस्था और नशा तस्करों के हौसलों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
इस खौफनाक वारदात का सबसे बड़ा सबूत खुद मृतक परविंदर सिंह झोटा का मोबाइल फोन है। हत्या से ठीक कुछ पल पहले झोटा ने अपने फेसबुक अकाउंट से लाइव प्रसारण शुरू किया था। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि झोटा सीधे एक मेडिकल स्टोर के अंदर दाखिल होते हैं। वहां मौजूद लोगों और मेडिकल स्टोर के मालिक के साथ उनकी तीखी बहस होती है। आरोपी मालिक वीडियो में उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए नजर आता है। बहस के दौरान ही स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि कुछ ही पलों में गोलियों की आवाज गूंजने लगती है और वीडियो में अफरा-तफरी का माहौल साफ दिखाई देता है।
फेसबुक लाइव के दौरान मेडिकल स्टोर पर हुई तीखी बहस
सामने आए वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर उस मेडिकल स्टोर के अंदर ऐसा क्या चल रहा था। परविंदर सिंह झोटा लंबे समय से इलाके में गैरकानूनी तरीके से नशीली दवाएं बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ अभियान चला रहे थे। उन्हें शक था कि इस दुकान पर भी युवाओं को नशे के तौर पर इस्तेमाल होने वाली गोलियां बेची जा रही हैं। इसी शक के आधार पर वे औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। लेकिन उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी लाइव साबित होगा और तस्कर इतने बेखौफ हो चुके हैं कि कैमरे के सामने ही जान ले लेंगे।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और झोटा के समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया है। बड़ी संख्या में लोग मनसा के अस्पताल और घटनास्थल के बाहर इकट्ठा हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर पुलिस पहले ही नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाती तो आज एक सामाजिक कार्यकर्ता की जान नहीं जाती। परिवार के सदस्यों और साथियों ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और उन्हें फांसी की सजा देने की मांग की है। पुलिस ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है ताकि किसी भी तरह की अशांति न फैले और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
नशे के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ रहे थे परविंदर सिंह झोटा
परविंदर सिंह झोटा पिछले कई सालों से पंजाब के गांवों में युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालने का काम कर रहे थे। उन्होंने कई मौकों पर नशा तस्करों को खुद पकड़कर पुलिस के हवाले किया था और प्रशासन को अवैध धंधों की पुख्ता जानकारियां दी थीं। स्थानीय युवाओं के बीच उनकी छवि एक निडर सामाजिक कार्यकर्ता की थी जो बिना किसी डर के ड्रग्स माफिया के खिलाफ खड़ा होता था। उनकी इस हत्या से पूरे पंजाब के एंटी-ड्रग्स आंदोलनों को एक बड़ा झटका लगा है और कार्यकर्ता खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
जिला पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मुख्य आरोपी और मेडिकल स्टोर के मालिक की तलाश में पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले की पल-पल की जमीनी अपडेट आप तक पहुंचाती रहेगी।
प्रशासन की कार्रवाई और आरोपियों की तलाश तेज
घटना के बाद पूरे इलाके में डर और गुस्से का मिला-जुला माहौल बना हुआ है। लोग यह सोचकर हैरान हैं कि एक व्यक्ति जो सोशल मीडिया पर लाइव होकर अपनी बात रख रहा था, उसे इतनी बेखौफ तरीके से कैसे गोली मारी जा सकती है। यह वारदात पंजाब में कानून के राज पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाती है। पुलिस अब उन तमाम एंगल से जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था। आने वाले घंटों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।




