नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — स्मार्टफोन बाजार में हलचल मचाते हुए दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग ने अपनी बहुप्रतीक्षित गैलेक्सी एस26 सीरीज को आधिकारिक तौर पर भारत में लॉन्च कर दिया है। इस नई सीरीज के आते ही मोबाइल बाजार में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि इस बार कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंपनी ने इस फ्लैगशिप सीरीज के दाम पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ा दिए हैं, जिससे आम खरीदारों की चिंताएं बढ़ गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और शुरुआती बाजार सर्वे के अनुसार, इस बार अलग-अलग मॉडल्स पर पच्चीस हजार रुपये तक की अतिरिक्त कीमत चुकानी पड़ रही है।
लॉन्च के साथ ही सामने आए आंकड़ों से पता चलता है कि केवल भारत ही नहीं बल्कि यूरोप और अन्य वैश्विक बाजारों में भी गैलेक्सी एस26 सीरीज की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। फोन के सबसे ताकतवर और प्रीमियम वेरिएंट यानी अल्ट्रा मॉडल की कीमत ने दो लाख रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी पार्ट्स महंगे होने और सप्लाई चेन में बदलाव के कारण कंपनियों को अपने दाम बढ़ाने पड़े हैं। इसके बावजूद सैमसंग ने बाजार में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए गैलेक्सी एस26 एफई मॉडल को भी मध्य-श्रेणी के ग्राहकों के लिए पेश किया है जो कम कीमत में फ्लैगशिप जैसे फीचर्स देने का दावा करता है।
गैलेक्सी एस26 सीरीज की कीमतों में भारी उछाल
सैमसंग के दीवाने जब नए फोन की कीमत बाजार में देखने गए, तो उन्हें बड़ा झटका लगा। भारत और यूरोपीय बाजारों में सामने आई नई मूल्य सूची के मुताबिक, बेस मॉडल से लेकर अल्ट्रा तक सभी फोनों के दाम आसमान छू रहे हैं। टेक बाजार पर नजर रखने वाले जानकारों का कहना है कि 25000 रुपये तक की यह बढ़ोतरी अब तक की सबसे बड़ी मूल्य वृद्धि में से एक है। दो लाख रुपये से ज्यादा कीमत चुकाने के बाद अब ग्राहकों को इस फोन से उम्मीदें भी बहुत ज्यादा हैं। कंपनी का दावा है कि इस बार फोन में बेहतर कैमरा, तेज प्रोसेसर और लंबी बैटरी लाइफ दी गई है जो इस कीमत को सही साबित करती है।
दूसरी ओर, मध्य-श्रेणी के बाजार पर कब्जा जमाने के लिए कंपनी ने गैलेक्सी एस26 एफई को भी मैदान में उतारा है। इस फोन के तीन ऐसे खास कारण हैं जो इसे बाजार में बाकी कंपनियों के फोन से अलग खड़ा करते हैं। इसमें फ्लैगशिप जैसा डिजाइन, किफायती दाम और बेहतर परफॉर्मेंस का मेल मिलता है। हालांकि, देश के आम मध्यम वर्ग के खरीदार इस बात से थोड़े निराश हैं कि मुख्य एस26 सीरीज उनकी पहुंच से काफी दूर हो गई है। बाजार में यह चर्चा आम है कि क्या इतने महंगे फोन को खरीदने के लिए लोग आसानी से तैयार होंगे या फिर पुरानी सीरीज ही बिकती रहेगी।
सैमसंग री-न्यूड प्रोग्राम से मिल रहा नया विकल्प
बढ़ती कीमतों के इस दौर में उन ग्राहकों के लिए एक राहत भरी खबर भी सामने आई है जो नया फोन तो चलाना चाहते हैं लेकिन पूरा पैसा खर्च नहीं करना चाहते। सैमसंग ने अपने 'सैमसंग सर्टिफाइड री-न्यूड' प्रोग्राम के जरिए रीफर्बिश किए गए यानी दोबारा तैयार किए गए फोन बाजार में उतारने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत ग्राहकों को कम कीमत पर बेहतरीन गुणवत्ता वाले फोन मिल जाते हैं। कंपनी इस पहल के जरिए गैलेक्सी एस26 सीरीज और उसके पुराने मॉडल्स को ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुँचाने की कोशिश कर रही है ताकि हर वर्ग का ग्राहक सैमसंग के साथ जुड़ सके।
जमीनी स्तर पर मोबाइल दुकानदारों और डीलर्स का कहना है कि अभी लोग नई एस26 सीरीज को केवल देखने और समझने आ रहे हैं। दो लाख रुपये से ऊपर के बजट वाले फोन को खरीदने वाले गिने-चुने लोग ही होते हैं, इसलिए बिक्री की असली रफ्तार अगले कुछ हफ्तों में तय होगी। त्योहारी सीजन या बैंक ऑफर्स के बिना इस फोन को खरीदना आम आदमी के लिए आसान नहीं होगा। द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड पड़ताल से साफ है कि तकनीकी रूप से भले ही यह फोन बहुत आगे हो, लेकिन इसकी बढ़ी हुई कीमतें आम खरीदार की जेब पर भारी पड़ने वाली हैं।
बाजार में प्रतिस्पर्धा और खरीदार की उलझन
सैमसंग की इस नई सीरीज के आने से प्रीमियम सेगमेंट में मुकाबला और ज्यादा कड़ा हो गया है। एप्पल और वनप्लस जैसी कंपनियां पहले ही इस श्रेणी में अपने दमदार फोन बेच रही हैं। ऐसे में सैमसंग का अपनी कीमतों को इस स्तर तक ले जाना एक बड़ा जोखिम भी साबित हो सकता है। ग्राहक अब हर एक फीचर को बारीकी से परख रहा है और पैसे वसूल फोन की तलाश कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय बाजार इन बढ़ी हुई कीमतों को कैसे स्वीकार करता है और क्या री-न्यूड विकल्प ही इस मंहगाई का असली तोड़ बनते हैं।




