नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय रेलवे लगातार आधुनिक तकनीक और नई ट्रेनों के जरिए यात्रियों का सफर आसान बना रहा है। पिछले कुछ समय से देश की पटरियों पर वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों की सबसे ज्यादा चर्चा है। आम आदमी के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि इन दोनों गाड़ियों में असल फर्क क्या है और कौन सी ट्रेन उनकी यात्रा के लिए ज्यादा बेहतर है। हमारी ग्राउंड पड़ताल और रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इन दोनों ट्रेनों की बनावट, रफ्तार और किराए में जमीन-आसमान का अंतर है। यह अंतर समझना हर उस यात्री के लिए जरूरी है जो अक्सर लंबी या छोटी दूरी की ट्रेन यात्रा करता है।
सबसे पहले बात करते हैं दोनों ट्रेनों की रफ्तार और तकनीक की, जो यात्रियों के लिए सबसे अहम होती है। वंदे भारत एक्सप्रेस एक सेल्फ-प्रोपेलल्ड यानी इंजनलेस ट्रेन सेट है, जिसका मतलब है कि इसमें अलग से इंजन नहीं होता बल्कि इसके कई कोचों में मोटर लगी होती हैं। इसकी रफ्तार 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक है, जो कम समय में लंबी दूरी तय करती है। इसके विपरीत, अमृत भारत एक्सप्रेस एक पुश-पुल तकनीक पर काम करने वाली ट्रेन है जिसमें आगे और पीछे दोनों तरफ दमदार इंजन लगे होते हैं। अमृत भारत की अधिकतम रफ्तार करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों के मुकाबले काफी तेज है।
किराया और कोच की श्रेणियों में क्या है बड़ा अंतर
किराए के मोर्चे पर दोनों ट्रेनों का लक्ष्य बिल्कुल अलग वर्ग के यात्रियों को साधना है। वंदे भारत एक्सप्रेस एक प्रीमियम ट्रेन है जिसमें एसी चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास की सीटें होती हैं, और इसका किराया आम मेल या एक्सप्रेस ट्रेनों से काफी ज्यादा होता है। इसमें केवल आरक्षित सीट मिलती है और खानपान का शुल्क भी टिकट में जुड़ा हो सकता है। दूसरी तरफ, अमृत भारत एक्सप्रेस पूरी तरह से सामान्य और शयनयान यानी स्लीपर क्लास के यात्रियों के लिए बनाई गई है। इसमें गैर-एसी स्लीपर और जनरल कोच होते हैं, और इसका किराया बहुत कम रखा गया है ताकि देश का हर आम मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवार आसानी से सफर कर सके।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़े कोच के अंदरूनी हिस्से भी दोनों ट्रेनों में पूरी तरह जुदा हैं। वंदे भारत ट्रेन के सभी दरवाजे पूरी तरह ऑटोमैटिक होते हैं जो स्टेशन आने पर अपने आप खुलते और बंद होते हैं। इसके अंदर आधुनिक बायो-टॉयलेट, सीसीटीवी कैमरे, वाई-फाई और घूमने वाली आरामदायक सीटें दी गई हैं। वहीं, अमृत भारत ट्रेन में सामान्य पारंपरिक दरवाजे ही रखे गए हैं, लेकिन इसे और आधुनिक बनाया गया है। अमृत भारत में सेमी-परमानेंट कपलर लगाए गए हैं ताकि ट्रेन चलते वक्त यात्रियों को झटके न लगें और सफर के दौरान आवाज बेहद कम हो।
यात्रियों के लिए कौन सी ट्रेन साबित होगी ज्यादा फायदेमंद
सुविधाओं के मामले में वंदे भारत में खानपान के लिए ऑन-बोर्ड कैटरिंग सर्विस मिलती है और यात्रियों को फ्लाइट जैसी फीलिंग देने की कोशिश की जाती है। इसके मुकाबले अमृत भारत में यात्रियों की सुविधा के लिए फोल्ड होने वाली टेबल, मोबाइल होल्डर, सुंदर लाइटें और बेहतर डिजाइन वाले टॉयलेट दिए गए हैं ताकि लंबी यात्रा में कोई तकलीफ न हो। अमृत भारत में नॉन-एसी कोच होने के कारण बिजली और वेंटिलेशन का विशेष ध्यान रखा गया है ताकि गर्मियों में भी हवा मिलती रहे। रेलवे के इन दोनों मॉडलों का मकसद साफ है कि एक तरफ जहां समय बचाने वालों को तेज रफ्तार दी जाए, वहीं दूसरी तरफ कम बजट वालों को भी वीआईपी जैसी सुविधाएं मिल सकें।
कुल मिलाकर, अगर आपका बजट अच्छा है और आप कम समय में किसी बड़े शहर तक पहुंचना चाहते हैं, तो वंदे भारत आपके लिए सही चुनाव है। लेकिन यदि आप लंबी दूरी का सफर कम खर्च में और आरामदायक तरीके से करना चाहते हैं, तो अमृत भारत आपके पैसे बचाएगी और सफर को आसान बनाएगी। पटरियों पर दौड़ती ये दोनों ट्रेनें भारतीय रेलवे की बदलती तस्वीर को साफ दिखाती हैं, जहां हर वर्ग के यात्री का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।






