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सेंसर बोर्ड की नई गाइडलाइंस: क्या सलमान खान की आने वाली फिल्म 'मातृभूमि' की बढ़ गई हैं मुश्किलें?

सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा सेंसर बोर्ड (CBFC) की नई गाइडलाइंस जारी किए जाने के बाद फिल्मों के सर्टिफिकेशन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नए नियमों में विदेशी संबंधों, हिंसा और नशीले पदार्थों के प्रदर्शन को लेकर कड़े प्रावधान किए गए हैं, जिसका असर सलमान खान की फिल्म पर पड़ सकता है।
The Freelance ब्यूरो
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21 सितंबर 2026 • अपडेटेड
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सेंसर बोर्ड की नई गाइडलाइंस: क्या सलमान खान की आने वाली फिल्म 'मातृभूमि' की बढ़ गई हैं मुश्किलें?
📷 सेंसर बोर्ड की नई गाइडलाइंस: क्या सलमान खान की आने वाली फिल्म 'मातृभूमि' की बढ़ गई हैं मुश्किलें? — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • सेंसर बोर्ड (CBFC) ने लगभग एक दशक बाद अपनी सर्टिफिकेशन गाइडलाइंस में कई अहम बदलाव किए हैं।
  • नई गाइडलाइंस के मुताबिक, फिल्मों से दूसरे देशों के साथ भारत के दोस्ताना रिश्तों पर बुरा असर नहीं पड़ना चाहिए।
  • सलमान खान की फिल्म 'मातृभूमि' (पहले गलवान अटैक) को इन नए नियमों और चीन से जुड़े संदर्भों के कारण सर्टिफिकेशन में देरी का सामना करना पड़ रहा है।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने लगभग एक दशक बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) का पुनर्गठन किया है। इसमें फिल्म और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के कई जाने-माने नाम शामिल हैं, जैसे पंकज त्रिपाठी, प्रीति जिंटा और रूपाली गांगुली। अब मंत्रालय की बदली हुई सर्टिफिकेशन गाइडलाइंस एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई हैं।

कड़े नियमों के दायरे में विदेशी रिश्ते और हिंसा

इन नई गाइडलाइंस में उन उद्देश्यों को स्पष्ट किया गया है जिन पर CBFC को फिल्मों को थिएटर में दिखाने के लिए प्रमाण पत्र देने से पहले विचार करना चाहिए। अन्य प्रावधानों के अलावा, इनमें कहा गया है कि फिल्मों को समाज के मूल्यों और मानकों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। इसके अलावा, हिंसा का महिमामंडन न किए जाने और अपराधियों के तौर-तरीकों या अपराध के लिए उकसाने वाले दृश्यों पर रोक लगाने की बात कही गई है।

गाइडलाइंस में विशेष रूप से यह जोड़ा गया है कि 'सांप्रदायिक, अंधविश्वासी, विज्ञान-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी सोच को बढ़ावा देने वाले दृश्य नहीं होने चाहिए,' और 'फिल्मों से विदेशी देशों के साथ भारत के दोस्ताना रिश्तों पर बुरा असर नहीं पड़ना चाहिए।' यह प्रावधान भारत-चीन तनाव पर आधारित फिल्मों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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सलमान खान की फिल्म पर क्या होगा असर?

इसी माहौल में, सलमान खान की आने वाली वॉर ड्रामा फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' (जिसका पहले नाम 'गलवान अटैक' था) काफी चर्चा में है। यह फिल्म 2020 की गलवान झड़प के दौरान भारत और चीन के बीच सैन्य तनाव पर आधारित है। हाल ही में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म को CBFC सर्टिफिकेशन मिलने में देरी हो रही है, और इसकी वजहों में फिल्म का चीन से जुड़ाव भी शामिल बताया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, चूंकि गलवान की लड़ाई के जिक्र से भू-राजनीतिक संवेदनशीलताएं जुड़ी हैं, इसलिए मेकर्स किसी भी नए विवाद से बचना चाहते हैं। यही वजह है कि फिल्मों के टाइटल्स और कंटेंट की अब बहुत बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे किसी भी नियम का उल्लंघन न करें।

नशीले पदार्थों और आयु वर्ग के नए श्रेणियां

संशोधित सर्टिफिकेशन फ्रेमवर्क में नशीले पदार्थों के चित्रण से जुड़े कड़े नियम भी शामिल हैं। इनके सेवन या तस्करी वाले दृश्यों के साथ कानूनी चेतावनी या डिस्क्लेमर दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही, फिल्मों को अब उनकी थीम और कंटेंट के आधार पर UA, UA 7+, UA 13+, UA 16+ या A श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा, ताकि दर्शकों और बच्चों की सुरक्षा का बेहतर ध्यान रखा जा सके।

डिस्क्लेमर एवं साभार

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस वीडियो के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो साभार: संबंधित सोशल मीडिया हैंडल / क्रिएटर।

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