विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/मनोरंजन/जीक्यूजी पार्टनर्स ने अदाणी ग्रुप के शेयरों में की बड़ी बिकवाली, फिर भी कुछ कंपनियों पर दांव बरकरार
मनोरंजनपढ़ने में समय: 4 मिनट

जीक्यूजी पार्टनर्स ने अदाणी ग्रुप के शेयरों में की बड़ी बिकवाली, फिर भी कुछ कंपनियों पर दांव बरकरार

विदेशी निवेशक जीक्यूजी पार्टनर्स ने अप्रैल से जून के बीच अदाणी ग्रुप के शेयरों में बड़ी बिकवाली की है और करीब बार हजार करोड़ रुपये निकाले हैं। हालांकि, इसके बावजूद कंपनी ने कुछ चुनिंदा कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जिससे बाजार में मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं।
✍️
सिनेमा एवं मनोरंजन डेस्क, द फ्रीलांस
सिनेमा व संस्कृति डेस्क•8 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•28
🌐Read in English →
शेयर करें:
जीक्यूजी पार्टनर्स ने अदाणी ग्रुप के शेयरों में की बड़ी बिकवाली, फिर भी कुछ कंपनियों पर दांव बरकरार
📷 जीक्यूजी पार्टनर्स ने अदाणी ग्रुप के शेयरों में की बड़ी बिकवाली, फिर भी कुछ कंपनियों पर दांव बरकरार — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • विदेशी निवेशक जीक्यूजी पार्टनर्स ने अप्रैल से जून के बीच अदाणी ग्रुप के शेयरों में बड़ी बिकवाली की है और करीब बार हजार करोड़ रुपये निकाले हैं। हालांकि, इसके बावजूद कंपनी ने कुछ चुनिंदा कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जिससे बाजार में मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय शेयर बाजार में हलचल मचाने वाली खबर सामने आई है। विदेशी निवेशक जीक्यूजी पार्टनर्स ने अदाणी ग्रुप की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी को लेकर बड़ा फेरबदल किया है। अप्रैल से जून के बीच इस कंपनी ने अदाणी ग्रुप के शेयरों में जोरदार बिकवाली की है। आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान करीब बारह हजार सातर करोड़ रुपये निकाले गए हैं। पिछले साल जब अदाणी समूह संकट में था, तब इसी विदेशी निवेशक ने आगे आकर बड़ा दांव लगाया था। अब इस ताजा बिकवाली के बाद बाजार में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या इस बड़े निवेशक का भरोसा कम हुआ है।

दलाल स्ट्रीट के जानकारों का मानना है कि यह कदम सामान्य पोर्टफोलियो संतुलन का हिस्सा भी हो सकता है। जब शेयर के दाम बढ़ जाते हैं, तो बड़े निवेशक अपना मुनाफा निकाल लेते हैं। हालांकि, इस भारी बिकवाली के साथ एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया है। जीक्यूजी पार्टनर्स ने सभी कंपनियों से अपना पैसा नहीं निकाला है। कुछ चुनिंदा कंपनियों में इस विदेशी निवेशक ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई भी है। इससे यह साफ होता है कि ग्रुप की सभी कंपनियों को एक नजर से नहीं देखा जा रहा है।

अदाणी की किन कंपनियों में हुई बिकवाली और कहां बढ़ा दांव?

बाजार से मिल रही रिपोर्ट के अनुसार, जीक्यूजी पार्टनर्स ने कुछ प्रमुख शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम की है। लेकिन इसके विपरीत, अदाणी ग्रुप की तीन अन्य कंपनियों में इस निवेशक ने अपना भरोसा दिखाया है और हिस्सेदारी बढ़ाई है। यह इस बात का संकेत है कि निवेशक अब चुनिंदा और मजबूत रिटर्न देने वाले शेयरों पर ही दांव लगाना चाहता है। दूसरी तरफ, भारतीय म्यूचुअल फंड्स और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी इस स्थिति में बड़ा रुख अपनाया है। जब विदेशी निवेशक शेयर बेच रहे थे, तब भारत के म्यूचुअल फंड खरीदार के रूप में सबसे आगे रहे।

विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू निवेशकों का यह रुख भारतीय बाजार की मजबूती को दिखाता है। अब हमारे देश के निवेशक विदेशी बिकवाली के दबाव को आसानी से संभाल रहे हैं। म्यूचुअल फंड्स में हर महीने आने वाला आम जनता का पैसा इन बड़े सौदों को समर्थन दे रहा है। जिन कंपनियों में विदेशी निवेशक ने पैसा घटाया है, वहां घरेलू फंड्स ने खाली जगह को भर दिया है। इससे शेयरों के भाव में बहुत बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

बाजार पर इस बड़े फेरबदल का क्या असर पड़ेगा?

आम निवेशकों के मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि इस उठापटक का उनके निवेश पर क्या असर होगा। जानकारों की सलाह है कि निवेशकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। बड़े निवेशक बाजार की चाल और मुनाफे के हिसाब से अपनी रणनीति बदलते रहते हैं। जीक्यूजी पार्टनर्स ने भले ही कुछ शेयर बेचे हैं, लेकिन उनका कुल निवेश अभी भी बहुत बड़ा है। इसका मतलब है कि वे पूरी तरह से बाहर नहीं हुए हैं, बल्कि केवल अपनी स्थिति को दोबारा जांच रहे हैं।

स्थानीय ब्रोकरेज फर्म्स के मुताबिक अदाणी ग्रुप के शेयर अब अपनी पुरानी स्थिरता की तरफ लौट रहे हैं। कंपनी के बिजनेस के बुनियादी आंकड़े मजबूत बने हुए हैं। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि विदेशी फंड्स और घरेलू म्यूचुअल फंड्स का यह आपसी मुकाबला बाजार को किस दिशा में ले जाता है। फिलहाल निवेशकों को किसी भी अफवाह पर ध्यान देने के बजाय अपने वित्तीय सलाहकार की राय से ही आगे बढ़ना चाहिए।

द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल

हमारी टीम ने जब बाजार के जानकारों और ब्रोकरेज हाउस से बात की, तो यह बात सामने आई कि यह सौदा विशुद्ध रूप से व्यावसायिक है। संकट के समय साथ देने वाले राजीव जैन की कंपनी जीक्यूजी पार्टनर्स ने समय-समय पर अपने मुनाफे को बुक किया है। यह किसी बड़े संकट का संकेत नहीं है, बल्कि सामान्य शेयर बाजार की प्रक्रिया है। आम निवेशकों को अपनी नजर कंपनी के तिमाही नतीजों पर रखनी चाहिए, न कि केवल विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री पर।

आधिकारिक वीडियो / ट्रेलर झलक

ऑफिशियल ट्रेलर / वीडियो झलक (Official Video)

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

दक्षिण भारतीय सिनेमा में अचानक क्यों बढ़ने लगी अभिनेता अर्जुन सरजा की चर्चा

दक्षिण भारतीय सिनेमा में अचानक क्यों बढ़ने लगी अभिनेता अर्जुन सरजा की चर्चा

नाना पाटेकर का नाम अचानक गूगल ट्रेंड्स में क्यों छा गया?

नाना पाटेकर का नाम अचानक गूगल ट्रेंड्स में क्यों छा गया?

नाना पाटेकर का नाम अचानक गूगल सर्च में क्यों छा गया

नाना पाटेकर का नाम अचानक गूगल सर्च में क्यों छा गया

नाना पाटेकर का नाम अचानक गूगल सर्च में क्यों उछला, जानिए क्या है पूरा मामला

नाना पाटेकर का नाम अचानक गूगल सर्च में क्यों उछला, जानिए क्या है पूरा मामला

नाना पाटेकर को लेकर अचानक क्यों बढ़ गई इंटरनेट पर खोज? जानिए पिछले चौबीस घंटे का पूरा सच

नाना पाटेकर को लेकर अचानक क्यों बढ़ गई इंटरनेट पर खोज? जानिए पिछले चौबीस घंटे का पूरा सच

अर्जुन सरजा को लेकर क्यों अचानक बढ़ी ऑनलाइन उत्सुकता, क्या है इसके पीछे की बड़ी वजह

अर्जुन सरजा को लेकर क्यों अचानक बढ़ी ऑनलाइन उत्सुकता, क्या है इसके पीछे की बड़ी वजह

नाना पाटेकर को लेकर अचानक क्यों बढ़ गई सर्च? जानिए क्या है पूरा मामला

नाना पाटेकर को लेकर अचानक क्यों बढ़ गई सर्च? जानिए क्या है पूरा मामला

भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 2026: वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को ब्रह्मांड के मायावी कण न्यूट्रिनो की खोज के लिए मिला बड़ा सम्मान

भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 2026: वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को ब्रह्मांड के मायावी कण न्यूट्रिनो की खोज के लिए मिला बड़ा सम्मान

✍️

सिनेमा एवं मनोरंजन डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

सिनेमा, ओटीटी, कला एवं सेलिब्रिटी जगत टीम

द फ्रीलांस की मनोरंजन डेस्क भारतीय सिनेमा, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, संगीत और सांस्कृतिक जगत से जुड़ी हर खबर, निष्पक्ष फिल्म समीक्षाएं और कलाकारों के विशेष संदर्भों को बिना किसी पीआर या सनसनीखेज हाइप के पाठकों तक पहुँचाती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘अदाणी ग्रुप’ व मनोरंजन से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

दक्षिण भारतीय सिनेमा में अचानक क्यों बढ़ने लगी अभिनेता अर्जुन सरजा की चर्चाENTERTAINMENT

दक्षिण भारतीय सिनेमा में अचानक क्यों बढ़ने लगी अभिनेता अर्जुन सरजा की चर्चा

8 अक्टू॰45
नाना पाटेकर का नाम अचानक गूगल ट्रेंड्स में क्यों छा गया?ENTERTAINMENT

नाना पाटेकर का नाम अचानक गूगल ट्रेंड्स में क्यों छा गया?

8 अक्टू॰45
नाना पाटेकर का नाम अचानक गूगल सर्च में क्यों छा गयाENTERTAINMENT

नाना पाटेकर का नाम अचानक गूगल सर्च में क्यों छा गया

8 अक्टू॰33
नाना पाटेकर का नाम अचानक गूगल सर्च में क्यों उछला, जानिए क्या है पूरा मामलाENTERTAINMENT

नाना पाटेकर का नाम अचानक गूगल सर्च में क्यों उछला, जानिए क्या है पूरा मामला

8 अक्टू॰34
नाना पाटेकर को लेकर अचानक क्यों बढ़ गई इंटरनेट पर खोज? जानिए पिछले चौबीस घंटे का पूरा सचENTERTAINMENT

नाना पाटेकर को लेकर अचानक क्यों बढ़ गई इंटरनेट पर खोज? जानिए पिछले चौबीस घंटे का पूरा सच

8 अक्टू॰44
अर्जुन सरजा को लेकर क्यों अचानक बढ़ी ऑनलाइन उत्सुकता, क्या है इसके पीछे की बड़ी वजहENTERTAINMENT

अर्जुन सरजा को लेकर क्यों अचानक बढ़ी ऑनलाइन उत्सुकता, क्या है इसके पीछे की बड़ी वजह

8 अक्टू॰39
नाना पाटेकर को लेकर अचानक क्यों बढ़ गई सर्च? जानिए क्या है पूरा मामलाENTERTAINMENT

नाना पाटेकर को लेकर अचानक क्यों बढ़ गई सर्च? जानिए क्या है पूरा मामला

8 अक्टू॰51
भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 2026: वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को ब्रह्मांड के मायावी कण न्यूट्रिनो की खोज के लिए मिला बड़ा सम्मानENTERTAINMENT

भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 2026: वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को ब्रह्मांड के मायावी कण न्यूट्रिनो की खोज के लिए मिला बड़ा सम्मान

8 अक्टू॰26
विज्ञापन • ADVERTISEMENT
प्रायोजित • SPONSORED