नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के सबसे बड़े कारोबारी परिवारों में शुमार अंबानी परिवार इन दिनों अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़े आयोजनों को लेकर सुर्खियों में है। रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी और उनकी बेटी ईशा अंबानी का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों मां-बेटी पारंपरिक संगीत पर गरबा करती नजर आ रही हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं। इस आयोजन में भारतीय संस्कृति की झलक साफ देखने को मिल रही है, जहां पूरा परिवार पारंपरिक कपड़ों में नजर आया।
इसी कड़ी में, अंबानी परिवार ने अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'स्वदेश' के एक साल पूरे होने का जश्न भी बेहद शानदार तरीके से मनाया। स्वदेश पहल का मुख्य उद्देश्य भारत के पारंपरिक कलाकारों, बुनकरों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देना है। इस जश्न के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियों ने भी हिस्सा लिया। रश्मिका मंदाना, कृति सैनन और सारा अली खान जैसी अभिनेत्रियां इस कार्यक्रम में पारंपरिक भारतीय लिबास में पहुंचीं और महफिल की रौनक बढ़ा दी।
नीता अंबानी की छह सौ साल पुरानी विरासत वाली साड़ी बनी चर्चा का विषय
इस पूरे आयोजन के दौरान नीता अंबानी का पहनावा हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीता अंबानी ने एक बेहद खास और ऐतिहासिक साड़ी पहनी थी, जिसकी बुनावट और विरासत करीब छह सौ साल पुरानी शैली से जुड़ी हुई है। इस खूबसूरत साड़ी को तैयार करने में पारंपरिक कारीगरों को लगभग पांच महीने का समय लगा। उनके इस लुक के साथ पुरानी शैली की कोटी ने उनके पूरे पहनावे को एक शाही और पारंपरिक रूप दिया, जिसे देखकर हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है।
दूसरी ओर, ईशा अंबानी ने भी अपनी मां के साथ 'जय मां अष्ट भवानी' धुन पर बहुत सुंदर गरबा किया। ईशा अंबानी और नीता अंबानी दोनों ने ही बनारसी साड़ियों और जैकेट वाले ब्लाउज का पारंपरिक पहनावा पहना था। इन कपड़ों में उनका लुक किसी महारानी से कम नहीं लग रहा था। इस गरबा नाइट के वीडियो में मां-बेटी की यह जोड़ी बहुत ही खूबसूरत लग रही है और लोग इस सांस्कृतिक अंदाज की जमकर सराहना कर रहे हैं।
स्वदेश पहल के एक साल का सफर और कलाकारों का सम्मान
अंबानी परिवार द्वारा शुरू की गई 'स्वदेश' पहल ने पिछले एक साल में देश के दस्तकारों और बुनकरों को एक नया मंच दिया है। इस एक साल के जश्न के दौरान राधिका मर्चेंट और श्लोका मेहता के पारंपरिक और शालीन लुक ने भी लोगों का दिल जीत लिया। परिवार की इन बहुओं ने भारतीय हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने वाले इस खास मौके पर बेहद सुंदर परिधान पहने थे। कार्यक्रम में शामिल हुए तमाम कलाकारों और मेहमानों ने भी इस पहल की खुलकर तारीफ की।
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल से यह साफ होता है कि इस तरह के आयोजनों के जरिए देश की पुरानी कला और पारंपरिक पहनावे को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा रहा है। आधुनिकता के इस दौर में अंबानी परिवार द्वारा भारतीय संस्कृति को इस तरह आगे बढ़ाना एक बड़ा संदेश देता है। आने वाले दिनों में स्वदेश के माध्यम से देश के दूर-दराज के इलाकों के कलाकारों को और अधिक आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम
देश के हस्तशिल्प बाजार में इस तरह के आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को बड़ा फायदा पहुंच रहा है। स्वदेश के मंच पर जिस तरह से पारंपरिक साड़ियों और शिल्पों को प्रदर्शित किया गया है, उससे वैश्विक स्तर पर भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ी है। आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स भी इस बात की सराहना कर रहे हैं कि देश के बड़े उद्योगपति अपने आयोजनों में पूरी तरह से भारतीय संस्कृति को ही प्राथमिकता दे रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम और जश्न ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आधुनिकता के साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहना कितना जरूरी है। नीता अंबानी और उनके परिवार का यह अंदाज न सिर्फ फैशन जगत में बल्कि आम लोगों के बीच भी प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। द फ्रीलान्स की टीम इस प्रकार के सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी ताकि पाठकों तक हर एक महत्वपूर्ण और सही जानकारी पहुंचाई जा सके।











