पर्दे की दुनिया से निकलकर अब असल जिंदगी में दिखेगा 'मुसाफिर कैफे'
पहाड़ों की ठंडी वादियों में ढलती शाम और हाथ में चाय की चुस्की भला किसे पसंद नहीं होती। बड़े से बड़े दिल के बोझ को हल्का करने के लिए कुदरत की गोद में कुछ पल बिताना किसी थेरेपी से कम नहीं माना जाता है। अगर आप भी पहाड़ों पर चिल करने और उस सुकून भरे एहसास को जीने के शौकीन हैं, तो बॉलीवुड एक्टर विक्रांत मैसी आपके लिए एक बहुत ही शानदार तोहफा लेकर आ रहे हैं। विक्रांत मैसी अपनी बेहद पॉपुलर सीरीज 'मुसाफिर कैफे' के उस चर्चित और प्यारे से कैफे को अब रील से निकालकर रियल लाइफ में बदलने जा रहे हैं।
खबरों के मुताबिक, एक्टर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की बेहद खूबसूरत और हसीन वादियों के बीच दो नए 'मुसाफिर कैफे' खोलने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। इनमें से एक कैफे हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में और दूसरा उत्तराखंड के पहाड़ों पर बनकर बिल्कुल तैयार हो रहा है। इन दोनों ही जगहों पर इस वक्त कंस्ट्रक्शन का काम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्दे पर दिखाए गए कैफे के प्यार और उसके कोजी लुक को फैंस ने काफी पसंद किया था और अब दर्शक असल जिंदगी में भी वैसी ही आबोहवा का लुत्फ उठा सकेंगे।
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कैफे की पहली तस्वीर आई सामने, वुडन थीम पर हो रहा है डिजाइन
सबसे अच्छी और खुशी की बात यह है कि विक्रांत मैसी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर काम बहुत पहले ही शुरू हो चुका है। इस कैफे का कंस्ट्रक्शन वर्क इन दिनों जोरों-शोरों से चल रहा है। हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स में इस कैफे की पहली झलक और तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें देखने के बाद फैंस की एक्साइटमेंट और ज्यादा बढ़ गई है। विक्रांत का यह नया कैफे चारों तरफ से लंबे-लंबे पहाड़ों और हरियाली के बीच बसा हुआ है, जो देखने में बेहद मनमोहक लग रहा है।
सामने आई तस्वीरों के अनुसार, इस कैफे का पूरा इंटीरियर वुडन थीम यानी लकड़ी के काम पर बेस्ड रखा गया है, जो पहाड़ी इलाकों के ट्रेडिशनल आर्किटेक्चर से मेल खाता है। जैसे ही यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर आईं, वैसे ही इंटरनेट पर वायरल हो गईं। लोग विक्रांत के इस नए और क्रिएटिव वेंचर की जमकर तारीफ कर रहे हैं। फैंस का मानना है कि यह जगह आने वाले समय में ट्रैवलर्स और आर्टिस्ट्स के लिए एक बड़ा अट्रैक्शन पॉइंट बनने वाली है।
सीरीज की हूबहू कॉपी और ठहरने के लिए बनेंगे 20 खास कमरे
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विक्रांत के इस कैफे को 'मुसाफिर कैफे' सीरीज में दिखाए गए उस खास कोजी लुक और सुकून भरे माहौल को ध्यान में रखकर ही डिजाइन किया जा रहा है। दोनों ही लोकेशंस पर निर्माण कार्य बहुत ही बेहतरीन तरीके से आगे बढ़ रहा है। इन कैफे को शो में नजर आए कैफे की हूबहू कॉपी के तौर पर तैयार किया जा रहा है, ताकि वहां पहुंचने वाले लोगों को बिल्कुल वैसा ही अहसास हो जैसा उन्होंने स्क्रीन पर महसूस किया था।
इस पूरे प्रोजेक्ट की एक और खास बात यह है कि इसमें आने वाले सैलानियों और मेहमानों के ठहरने के लिए लगभग 20 कमरे भी बनाए जा रहे हैं। यह सिर्फ एक साधारण कैफे नहीं होगा, बल्कि पहाड़ों के बीच एक ऐसी जगह होगी जहां लोग आराम से रुक सकें, प्रकृति के करीब वक्त बिता सकें और सुकून भरी जिंदगी का आनंद ले सकें। पर्दे के काल्पनिक 'मुसाफिर कैफे' को असल जिंदगी में उतारने की यह कोशिश वाकई काबिल-ए-तारीफ है।
प्रोजेक्ट से जुड़े सूत्रों ने दी जानकारी, तेजी से चल रहा है काम
इस प्रोजेक्ट से जुड़े एक करीबी सूत्र ने मीडिया से बात करते हुए बताया है कि कैफे का निर्माण कार्य बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। सूत्र ने कहा, "कैफे धीरे-धीरे अपने फाइनल शेप की तरफ बढ़ रहा है। कंस्ट्रक्शन का काम बहुत ही अच्छी गति से चल रहा है और इसका मुख्य उद्देश्य सीरीज में दिखे 'मुसाफिर कैफे' के असली जादू और खूबसूरती को दोबारा से जिंदा करना है। साथ ही इसे पहाड़ों के नेचुरल माहौल में पूरी तरह से ढालना है ताकि यह पर्यावरण के अनुकूल भी लगे।"
"हम इस प्रोजेक्ट को लेकर बहुत उत्साहित हैं। इसे सिर्फ एक कमर्शियल जगह के रूप में नहीं, बल्कि एक क्रिएटिव हब के रूप में विकसित किया जा रहा है जहां लोग आकर प्रकृति के साथ जुड़ सकें।" — प्रोजेक्ट से जुड़ा करीबी सूत्र
भले ही यह डिजाइन सीरीज में दिखाए गए कैफे से पूरी तरह से इंस्पायर्ड है, लेकिन इस नई जगह में कलाकारों और पर्यटकों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इस जगह को तैयार करने में बहुत ही बारीकी से सोच-विचार किया जा रहा है ताकि आने वाले लोगों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पहाड़ों से विक्रांत मैसी का पुराना और गहरा रिश्ता
आपको बता दें कि बॉलीवुड एक्टर विक्रांत मैसी का पहाड़ों से रिश्ता सिर्फ प्रोफेशनल नहीं बल्कि बेहद व्यक्तिगत और गहरा है। एक्टर की पत्नी और जानी-मानी एक्ट्रेस शीतल ठाकुर मूल रूप से हिमाचल प्रदेश की ही रहने वाली हैं। साल 2022 में विक्रांत और शीतल ने हिमाचल की गोद में पारंपरिक हिमाचली रीति-रिवाजों और संस्कृति के साथ ही शादी रचाई थी। यही एक बड़ी वजह है कि पहाड़ों से विक्रांत का जुड़ाव बहुत खास है।
इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट में 'आर्टिस्ट रेजीडेंसी' (कलाकारों के रहने की खास जगह) वाले हिस्से पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, जो इस पूरे प्रोजेक्ट का एक बहुत अहम हिस्सा साबित होने वाला है। यानी यहां सिर्फ आम टूरिस्ट ही नहीं, बल्कि लेखक, पेंटर, संगीतकार और अन्य आर्टिस्ट भी आकर शांति से अपने क्रिएटिव काम को अंजाम दे सकेंगे।
निष्कर्ष: फैंस के लिए एक बेहतरीन तोहफा साबित होगा यह वेंचर
कुल मिलाकर देखा जाए तो विक्रांत मैसी का यह 'मुसाफिर कैफे' प्रोजेक्ट सिर्फ एक बिजनेस आइडिया नहीं है, बल्कि पहाड़ों के प्रति उनके प्रेम और कला के प्रति उनके समर्पण का एक खूबसूरत उदाहरण है। हिमाचल और उत्तराखंड की हसीन वादियों में जब यह कैफे पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा, तो यह यकीनन ट्रैवल लवर्स और विक्रांत के फैंस के लिए घूमने और ठहरने की सबसे पसंदीदा जगहों में से एक बन जाएगा। लोग अब बेसब्री से इसके पूरी तरह तैयार होने और इसके दरवाजे आम जनता के लिए खुलने का इंतजार कर रहे हैं।




