राजधानी दिल्ली में इन दिनों सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की एक नई तस्वीर देखने को मिल रही है। सड़कों पर बसों की पहिए थमने के बाद लोगों का पूरा भरोसा एक बार फिर दिल्ली मेट्रो पर आकर टिक गया है। स्थिति यह है कि मेट्रो ने अपने ही सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और इतिहास की सबसे बड़ी पैसेंजर काउंट दर्ज की है।
सड़कों पर डीटीसी बसों की हड़ताल और थमे पहिए
दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के अनुबंध वाले चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। वेतन बढ़ोतरी, मेडिकल और सामाजिक सुरक्षा जैसे विभिन्न मुद्दों को लेकर ड्राइवर रानी खेड़ा, राजघाट, नेहरू प्लेस, बुराड़ी, वजीरपुर, घुम्मनहेरा और सरिता विहार समेत कई डिपो पर प्रदर्शन कर रहे हैं। हजारों बसों के सड़कों से नदारद रहने के कारण आम जनता और बाहर से आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दफ्तर जाने वाले लोगों और रोजाना सफर करने वालों के सामने ऑफिस और घरों तक पहुंचने का संकट खड़ा हो गया। ऑटो और कैब का किराया आसमान छू रहा है, ऐसे में राहत की सिर्फ एक ही उम्मीद बची थी और वह थी दिल्ली मेट्रो। यही वजह है कि मेट्रो स्टेशनों पर आम दिनों के मुकाबले कई गुना ज्यादा भीड़ देखने को मिली।
मेट्रो ने बनाया नया कीर्तिमान: 82 लाख पार हुआ आंकड़ा
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 17 सितंबर को कुल 82,44,903 लोगों ने मेट्रो से सफर किया। यह किसी भी एक दिन में मेट्रो नेटवर्क पर यात्रा करने वाले यात्रियों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इस आंकड़े ने साफ कर दिया है कि संकट की घड़ी में दिल्ली मेट्रो शहर की लाइफलाइन साबित हुई है।
यात्रियों की इस रिकॉर्ड भीड़ को संभालने के लिए डीएमआरसी ने पहले ही कमर कस ली थी। भीड़भाड़ वाले समय यानी पीक आवर्स में यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए नेटवर्क पर 20 अतिरिक्त फेरे बढ़ाए गए और 8 नई ट्रेनों को सेवा में लगाया गया। इन इंतजामों के कारण भारी भीड़ के बावजूद यातायात व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।
सुरक्षा बलों और प्रशासन की मुस्तैदी
मेट्रो स्टेशनों और ट्रेनों के भीतर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन संभालने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में बेहतरीन काम किया। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को बिना किसी बाधा के पूरा करना अपने आप में एक बड़ा प्रशासनिक कार्य था।
"एक ही दिन में 82,44,903 यात्रियों को संभालना सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि यह एनसीआर क्षेत्र में निर्बाध सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा प्रदान करने के लिए सीआईएसएफ और डीएमआरसी की संयुक्त प्रतिबद्धता का सच्चा प्रमाण है। हमारे जवान दुनिया की इस सबसे व्यस्त ट्रांजिट प्रणाली में यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।" — संतोष चालके, डीआईजी, सीआईएसएफ यूनिट, डीएमआरसी
दिल्ली-एनसीआर में फैला विशाल मेट्रो नेटवर्क
आज दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क लगभग 416 किलोमीटर तक फैल चुका है और इसमें 303 मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। इसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर और गुरुग्राम की रैपिड मेट्रो लाइन भी जुड़ी हुई है। इतना ही नहीं, डीएमआरसी अब दिल्ली से बाहर निकलकर मुंबई मेट्रो लाइन 3, चेन्नई मेट्रो फेज 2 और पटना मेट्रो जैसी परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव में भी अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।
फिलहाल, बस हड़ताल के चलते मेट्रो पर बढ़ा हुआ दबाव आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है। डीएमआरसी ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और मेट्रो प्रशासन द्वारा दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि किसी को भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
