'द फ्रीलांस' की ऑन-द-ग्राउंड पड़ताल में आज बात उस सुपरफूड की हो रही है जिसे भारतीय रसोई और व्रत के खानपान में एक अनिवार्य स्थान मिला है। मखाने को सिर्फ एक स्नैक मानना कम आंकना होगा; न्यूट्रिशन साइंस इसे 'पोषक तत्वों का खजाना' मानता है। यह प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे अनमोल तत्वों से भरपूर है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह कोई नया सुपरफूड नहीं है? मानव सभ्यता के शुरुआती दौर से इसका गहरा नाता रहा है। इजराइल के ‘गेशर बेनोत याकोव’ पुरातात्विक स्थल पर करीब 7.8 लाख साल पुराने मखाने के बीजों के अवशेष मिल चुके हैं। इन्हें इंसानों द्वारा इस्तेमाल किए गए सबसे पुराने प्लांट-बेस्ड फूड्स में से एक माना जाता है। समय के साथ यह भारत, चीन, कोरिया और जापान की संस्कृति व खानपान का हिस्सा बना, जिसका जिक्र हमारी प्राचीन ‘चरक संहिता’ में भी मिलता है। आज भारत दुनिया के सबसे बड़े मखाना उत्पादक देशों में शामिल है।
डॉ. पूनम तिवारी से जानिए मखाने के 10 प्रमुख हेल्थ बेनिफिट्स और पोषण
लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि 100 ग्राम मखाने में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, डाइटरी फाइबर और कैल्शियम होता है। साल 2022 के ‘जर्नल ऑफ फूड बायोकेमेस्ट्री’ और 2018 की ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ की रिसर्च भी यह साबित करती है कि इसके बायोएक्टिव कंपाउंड्स और एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर को ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं।
- बोन हेल्थ: इसमें मौजूद मैग्नीशियम, कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मजबूती देते हैं, हालांकि इसके साथ विटामिन डी और एक्सरसाइज भी जरूरी है।
- हार्ट हेल्थ: पोटेशियम, मैग्नीशियम और फाइबर रक्तचाप को नियंत्रित रखकर हृदय स्वास्थ्य को सपोर्ट करते हैं।
- वेट लॉस: कम कैलोरी और हाई फाइबर होने के कारण यह लंबे समय तक पेट भरा रखता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।
- डाइटरी सेवन: मखाने को हमेशा हल्का भूनकर खाना चाहिए। बहुत अधिक तेल, घी या तेज तापमान पर पकाने से इसके पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं।
मखाना खरीदते वक्त इन 9 बातों का रखें खास ख्याल
द फ्रीलांस की पड़ताल में यह भी सामने आया कि यदि मखाना नम (सॉफ्ट) हो जाए, तो इसकी क्वालिटी, शेल्फ लाइफ और न्यूट्रिशन वैल्यू प्रभावित हो जाती है। डॉ. पूनम तिवारी सलाह देती हैं कि सामान्य मात्रा में मखाना सभी के लिए सुरक्षित है, लेकिन इसका सेवन करते समय इसकी ताजगी और गुणवत्ता की जांच अवश्य कर लें। अत्यधिक सेवन से कुछ लोगों को पाचन संबंधी हल्की समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए संतुलित मात्रा में ही इसका सेवन करें।










